औषधीय गुण वाले प्रतिबंधित अर्जुन पेड़ की अवैध कटाई

औषधीय गुण होने की वजह से शासन ने अर्जुन (कहुआ) वृक्ष की कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया है।

बालोद जिले के गुण्डरदेही क्षेत्र में इस पेड़ की अवैध रूप से धड़ल्ले से कटाई हो रही है।

पुनीत राम सेन (पत्रकार)

बालोद। औषधि गुण होने की वजह से शासन ने अर्जुन (कहुआ) वृक्ष की कटाई पर प्रतिबंध लगा दिया है। बावजूद इसके बालोद जिले के गुण्डरदेही क्षेत्र में इस पेड़ की अवैध रूप से धड़ल्ले से कटाई हो रही है। लकड़ी तस्कर बेखौफ होकर इस प्रतिबंधित पेड़ की कटाई कर अवैध परिवहन कर रहे हैं। वहीं बालोद वन मंडल के अंतर्गत उड़नदस्ता दल बल की कमी का रोना रोते हुए तस्करों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।

बालोद वन मंडल के अंतर्गत सैकड़ों पेडो की कटाई और तस्करी हो चुकी है। पर उड़नदस्ता ने अभी तक केवल खानापूर्ति करने की कार्रवाई हुई है। उन मुख्य तस्करों तक हाथ नहीं पहुंचे हैं, जिनके इशारे पर इन पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। प्रतिबंधित पेड़ होने की वजह से आरा मिलों और प्लाई फैक्ट्री में महंगे दाम पर बिक्री करते हैं। यही वजह है कि कहुआ लकड़ी से बने फर्नीचर बाजार में बहुत महंगे दाम पर बिकते हैं। चिकना और लंबाई के साथ सीधा होने की वजह से इससे मनचाहे फनींचर तैयार कर सकते हैं। इस वजह से इसकी ग्राहकों में मांग ज्यादा है।

भिलाई क्षेत्र में भी जंगल नहीं होने के कारण फनींचर और प्लाईवुड फैक्ट्री चलाने वाले लकड़ी माफिया गुण्डरदेही क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों से कहुआ सहित अन्य बेशकीमती पेड़ों को अवैध रूप से कटाई कराकर मंगाते हैं। आसपास के सभी जिलों से ज्यादा दुर्ग जिले के भिलाई में फर्नीचर मार्ट संचालित है। यही वजह है कि लकड़ी तस्कर ग्रामीणों को झांसे में लेकर पेड़ की अवैध कटाई कर आसानी से रातों रात पार कर देते हैं। गुण्डरदेही क्षेत्र के ग्राम साजा, परसोदा, देवरी, गोरगापार, परसाही व सकरौद में कहुआ के पेड़ो की अवैध कटाई खूब हो रही है। इन गांवों में तस्करों ने एजेंट सक्रिय कर रखा है जो कि भोले-भाले ग्रामीणों को एक पेड़ के पीछे बहुत ही मामूली सी रकम हजार, दो हजार रुपए थमाकर उन्हें ठग लेते है।

साजा पंचायत के लोग जर्जर सड़क से हलाकान

गुंडरदेही। आजादी के दशकों बीतने के बाद भी साजा पंचायत के लोग पक्की सड़क के लिए तरस रहे हैं। चार सौ आबादी वाले इस गांव में पक्की सड़क निर्माण के लिए लोग बाट जोह रहे है। की बात करती है लेकिन धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है। सबके दावे जमीन पर आते-आते खोखले हो जाते हैं।ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम अर्जुनी से ग्राम भेंडरा तक 6 किमी सड़क बहुत ही जर्जर है। पीडब्ल्यूडी विभाग से आकार नाप जोख भी कर चुके है। लेकिन आज पर्यंत तक कोई उपाय नहीं हो पाया। ग्राम पंचायत साजा के ग्रामीण जर्जर सड़क से परेशान हो चुके है।

मुख्य सड़क कचानदूर तक जाने वाली कच्ची सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। वहां के लोगों को बालोद जिला मुख्यालय को हाट बाजार जाने तक एकदम से परेशान हो चुके है। बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के समय में सड़क पर नाले में जलजमाव की वजह से आवागमन पूरी तरह से ठप हो जाता है।

स्थानीय लोगों की शिकायत पर जिला प्रशासन से कई बाद शिकायत की जा चुकी है लेकिन कोई हल नहीं हो पाया। ध्वस्त सड़क के पास ग्रामीणों ने खड़े होकर विरोध जताया। विरोध जता रहे लोगों ने कहा कि हमारे साथ सरकार, प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि सौतेला व्यवहार कर रहे हैं। नतीजा है कि आज तक इस सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। स्थानीय ग्राम पंचायत साजा के रोहित निर्मलकर (सरपंच) व ग्रामीण वाकेश कुमार साहू, वेणु साहू, कुमार साहू, मकसूदन यदु, सिया राम विश्वकर्मा, तेजराम साहू, जवाहर मानिकपुरी, अशोक ठाकुर, दिनेश साहू, ओम प्रकाश साहू, प्रताप भान, देवेंद्र यदु, शिव कुमार साहू, भुलाऊ ठाकुर, डिलेश कुमार साहू, इत्यादि ग्रामीणों ने सड़क निर्माण की मांग की है।

चिखली में अवैध शराब की बिक्री जोरों पर

अजय अग्रवाल (पत्रकार)

डौंडी। विकासखंड के ग्राम चिखली के ग्रामीण और खासकर महिलाएं गांव में अवैध देसी शराब और महुआ से बनी कच्ची शराब के खुलेआम बिक्री से हताश और परेशान हो चुके है।
ग्राम चिखली के बाजार पारा, प्राइमरी स्कूल के पीछे, बरगद पेड़ के पास, ग्राम साल्हे जाने वाले मार्ग के समीप, नालीपारा में कई घरों, होटल, किराना और सेलून दुकानों सहित पुलियों पर बैठकर खुलेआम शासकीय शराब दुकान में मिलने वाले 80रुपए के पौव्वे को 120 रुपए की दर पर गांव के मदिरा प्रेमियों को बेचा जा रहा है। अधिक दर पर अवैध रूप से शराब बेचने वाले जहां महीने के हजारों रुपए कमा रहे है वहीं आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण देशी शराब आसानी से गांव में ही उपलब्ध हो जाने से अधिक दर पर खरीदने के कारण शराब की लत लगा चुके ग्रामीणों के घरों की स्थिति दयनीय होती जा रही है।

गांववालों का कहना है कि इससे अच्छा तो हमारे गांव में भी एक शराब भट्टी सरकार को खोल देनी चाहिए। इससे कम से कम घरेलू हिंसा की घटनाएं तो कम हो जाएंगी, क्योंकि शराब की लत के कारण कई ग्रामीण गांव में आसानी से उपलब्ध हो जाने के वाली शराब के लिए रोजाना 50 से 100 रुपए अधिक खर्च कर रहे है और इसी कारण से उनके घर का बजट बिगड़ जाता है। इसी बात को लेकर गांव के लगभग हर गली मौहल्ले में आए दिन कई घरों में लड़ाई झगडे होते रहते है और महिलाएं एवं बच्चे घरेलू हिंसा का शिकार होते है।

गौरतलब है कि ग्राम चिखली में डौंडी और राजहरा स्थित शासकीय शराब दुकान के कर्मियों से सेटिंग कर सैकड़ों की संख्या में शराब की बोतलें निकाल कर जहां दल्ली राजहरा के सब्जी मार्केट के एक व्यक्ति द्वारा ब्राउन कलर की स्कूटी के माध्यम से रोजाना ग्राम चिखली में शराब बेचने वालों तक पहुंचाया जाता है, वही कुछ लोग सीधे डौंडी स्थित शासकीय दुकान से स्वयं जाकर देसी शराब के पौव्वे ले आते है और बेधड़क बेच रहे है। इस संबंध में आबकारी विभाग के एडीओ भांडेकर के अनुसार शासन के नियमानुसार एक व्यक्ति को अधिकतम 16 पौव्वा ही दिए जाते है, अगर कोई 16-16 कर 100 या उससे अधिक संख्या में एकत्र कर ले जा रहा है तो उसमे आबकारी विभाग क्या कर सकता है। वहीं कार्यवाही के लिए बोले जाने पर स्टाफ की कमी का रोना रोया जाता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से आरोप लगाया है कि हमारे गांव में अवैध शराब की सप्लाई और बिक्री आबकारी विभाग की उदासीनता और निष्क्रियता के कारण हो रही है। यदि जल्द ही इसे बंद नहीं करवाया गया तो हमारे गांव के युवा और स्कूली बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।

वहीं चिखली पंचायत का आश्रित ग्राम गोटूलमुंडा जो कांकेर जिले को जाने वाले मुख्य मार्ग पर स्थित है वहां पर भी वन विभाग के नाका के पास, आवसपारा में, बैंक के पीछे सहित हर गली कूचे में मौजूद किराना दुकानों, चाय और पान ठेलों सहित घरों में कच्ची शराब सहित देसी शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। साथ ही मुख्य मार्ग पर स्थित ढाबे, होटल, चाय दुकानों पर पीने और पिलाने की व्यवस्था भी खुलेआम प्रदान की जा रही है।
इस संबंध में लगातार समाचार प्रकाशित करने, कलेक्टर, एसपी सहित जिला आबकारी अधिकारी राजेश जयसवाल को प्रमाण सहित जानकारी देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं होने से साफ प्रतीत होता है कि प्रशासन के संरक्षण में ही अवैध शराब बिक्री का कारोबार संचालित हो रहा है।

“अवैध शराब बेचने वालों पर आबकारी विभाग द्वारा कार्यवाही लगातार की जा रही है। किसी को भी विभाग से संरक्षण प्राप्त नहीं है। खबर के अनुरूप ग्राम चिखली में भी जल्द ही छापामार कार्यवाही की जाएगी।”

राजेश जायसवाल
जिला आबकारी अधिकारी

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान में भारी वित्तीय अनिमियतता की जांच कर दोषियों कड़ी कार्यवाही करने कलेक्टर रायपुर, पुलिस अधीक्षक रायपुर, जिला पंचायत समिति और सांसद सुनील सोनी को सौंपा ज्ञापन।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजनान्तर्गत ग्राम सेरीखेड़ी स्थित मल्टीयूटीलिटी सेंटर में व्याप्त भ्रष्टाचार व अनियमितता की जांचकर दोषियों के ऊपर मामला दर्ज कर तत्काल बर्खास्त करें – धर्मेंद्र बैरागी

महतारी कलस्टर बंगोली के AC दीपा विश्वकर्मा के साथ सभी दोषी अधिकारियों को तत्काल पद से बर्खास्त करें अन्यथा उग्र आंदोलन किया जायेगा- हुलास साहूरायपुर। समिति के मीडिया प्रभारी गोवर्धन पाल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते बताया की बिहान समूह के पीड़ित दीदियों और छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति के नेतृत्व में रायपुर जिला के तिल्दा और धरसीवा ब्लाक में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना में भारी वित्तीय अनिमियतता और समूह की महिलाओ से अभद्र भाषा अपशब्द प्रयोग कर अपमानित करने तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी अधिकारियों व पदाधिकारियों के ऊपर मामला दर्ज कर दोषियों को जेल भेजने पुलिस अधीक्षक रायपुर, कलेक्टर रायपुर, जिला पंचायत समिति, रायपुर लोकसभा सांसद सुनील सोन को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि NRLM का उद्देश्य यह लेकर तैयार किया गया है कि विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग, अतिगरीब परिवार को लाभ देते हुए आजिविका के साधन उपलब्ध कराने, सशक्त व आर्थिक विकास कर संगठित करना। परंतु रायपुर जिला में देखा जा रहा है कि इन दीदीयों को मिलने वाली लाभ पर अधिकारी बेजा कब्जा कर इन दीदीयों का हक मारते हुए दबाव पूर्वक अभद्र अपशब्द का प्रयोग कर अपमानित व प्रताड़ित भी किया जा रहा है।समिति के अध्यक्ष हुलास साहू ने कहा कि हमारे तिल्दा ब्लाक के छत्तीसगढ़ महतारी कलस्टर बंगोली एवं धरसीवा ब्लाक के वीना कलस्टर मांढर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान योजना में शासन की महती कार्यक्रम में भारी वित्तीय अनिमियतता , घोर लापरवाही, दीदीयों को अपशब्द प्रयोग कर अपमानित किया जाता है। दीदीयों को आत्म निर्भर बनाकर रोजगार प्रदान करने हेतु संचालित विभिन्न कार्यक्रमों हेतु जारी शासन की राशि का दबाव पूर्वक आहरण कर घोर भ्रष्टाचार किया जा रहा है लाभार्थी दीदीयों को लाभ से वंचित रखा जा रहा है। दबाव पूर्वक फर्जी हस्ताक्षर कर राशि आहरण भी किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे इस प्रकरण का त्वरित संज्ञान लेकर जांचकर दोषियों के ऊपर मामला दर्ज कर न्यायोचित कार्यवाही करें ताकि बिहान योजना के सुचारू संचालन हो सके और जनधन का अपव्यय और भारी वित्तीय अनिमियतता को रोका जा सके। ताकि शासन की महती राष्ट्रीय योजना फलीभूत हो सके।मांढर कलस्टर अध्यक्ष गिरिजा बंजारी कहा कि हम 2018 से शिकायत करते आ रहे है लेकिन तीन बार जांच होने के बाद बावजूद जांच टीम द्वारा दोषी अधिकारी पर कार्यवाही न कर उन्हें बचाने के लिए हमारे द्वारा दी गई, सबूत को छिपाई जा रही है। आवेदन को संज्ञान में लेते हुए जल्द कार्यवाही करने की मांग की गई।समिति के अध्यक्ष हुलास साहू ने कहा की राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के तहत संचालित बंगोली कलस्टर में दिनांक- 20/04/23 को EC सदस्यों की कलस्टर में बैठक रखा गया जिसमें AC दीपा विश्वकर्मा ने बैठक के समापन पश्चात जब सभी दीदी घर वापसी होने कलस्टर भवन से बाहर आ रही थी तभी बंगोली कलस्टर कैडर,EC सदस्य व ग्राम संगठन बंगोली कोषाध्यक्ष कविता सेन का नाम पुकारते हुए रूकने व कुछ बात करने की बात कह वापस बैठाकर शिकायत आवेदन के संबंध में पूछते हुये AC दीपा विश्वकर्मा बोली कि तू क्या चाहती है इस पर कविता सेन जवाब देते हुए बोली कि अनियमितता की जांच हो, तब दीपा विश्वकर्मा ने जवाब देते हुए बोली तू कौन होती है हिसाब लेने वाली, जांच कराने वाली निकल जा यहां से तेरे को तमीज नहीं अपने अधिकारी से बात करने की, तेरे संस्कार ही गलत है और यहां तक बोली कि जब पहले पुरूष अधिकारी AC डेमन साहू थे तब 1000- 500 में अपना शरीर बेच रहे थे तो कोई शिकायत नहीं किये आज यहां वहां शिकायत कर रही है कहते हुए कविता सेन को कलस्टर से बाहर निकल जाने की बात कही। उक्त घटनाक्रम में कलस्टर के सभी पदाधिकारी कविता शर्मा ( अध्यक्ष ) , कल्याणी बघेल ( सचिव ) , प्रेमलता धीवर ( कोषाध्यक्ष ), वीणा वर्मा ( उपाध्यक्ष ), सुमरित वर्मा ( सहसचिव ), उपस्थित थे मगर एक शब्द नहीं बोले।साहू ने कहा कि ऐसे अधिकारी जिसका काम इन दीदियों को राह दिखाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जो इन दीदियों को आपस में लड़ाते हुए इनको बेईज्जत, जलील, संस्कारहीन कह कर इनके पूरे परिवार को जलील करने की कोशिश की जा रही है। इस तरह का व्यवहार हमारी दीदियों पर हम नहीं होने देंगे। कार्यवाही नही होने की स्थिति में उग्र आंदोलन किया जायेगा।समिति के सचिव धर्मेंद्र बैरगी ने कहा कि रायपुर जिला अंतर्गत ग्राम सेरीखेड़ी में बिहान योजना के तहत संचालित मल्टीयूटीलिटी सेंटर में शासन की महती कार्यक्रम में घोर अनिमियतता लापवाही बरती गई है। सीमा साहू जो ग्राम सेरीखेड़ी उजाला ग्राम संगठन की सचिव थी। सचिव सीमा साहू को साजिश के तहत DPM विक्रम लोधी, PRP दिलेश्वरी यदू , डोम संचालक किशोर ने धोखे से इस्तीफा ले लिया। इससे साफ जाहिर होता है कि कल्पतरु मल्टीयूटीलिटी सेंटर में घोर अनियमितता एवं भ्रष्टाचार हुई है। हिसाब मांगने व जानकारी नहीं देने की स्थिति में मजबूर होकर आपके कार्यालय में शिकायत करने पर पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित PRP दिलेश्वरी यदू के द्वारा करवाया गया। आज भी सीमा साहू इतनी डरी हुई है कि अपने ऊपर हुई मानसिक प्रताड़ना को नही भूल पाई और बार बार तबीयत खराब होने के कारण सामने आकर अपने ऊपर हुई अत्याचार व अपने अधिकार हक की लड़ाई लड़ने की स्थिति में नही। जल्द ही दोषियों के ऊपर कार्यवाही नही होने पर छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति और बिहान समूह के दीदियों के द्वारा उग्र आंदोलन किया जायेगा।

विधायक अनिता योगेन्द्र ने दी स्कूलों को सौगात

“विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने दी विभिन्न शासकीय विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष की सौगात”

“धरसीवां विधायक अनिता योगेन्द्र ने किया विभिन्न शासकीय विद्यालयो में 1 करोड़ 10 लाख के अतिरिक्त कक्ष और मरम्मत कार्य का भूमिपूजन”

दुर्गा बंजारे (पत्रकार)

रायपुर /धरसीवां। धरसीवा विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा के द्वारा आज ग्राम पंचायत बाना, चिखली, सेड़ीखेड़ी, धनेली, गोमची, गुमा, निमोरा, तुलसी, बड़ौदा, साकरा, गिरौद, पठारीडीह, सम्मानपुर के शासकीय प्राथमिक शाला एवं मिडिल और हायर सेकेंडरी विद्यालय में ग्रामीण यांत्रिकी के अंतर्गत धरसीवा विकासखंड के विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष एवं मरम्मत कार्य हेतु लगभग एक करोड़ 1 करोड़ 10 लाख रुपए का विधिवत पूजा पाठ कर भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा ने कहा नए भवन के बनने से निश्चित ही यहां के विद्यार्थियों का लाभ होगा साथ ही हमारी सरकार के द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा क्रांति चल रही है प्रदेश भर में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल खोलकर शिक्षा का नया इतिहास लिखा जा रहा है जिससे प्रदेश के उस वर्ग का विकास हो रहा है जिनकी आय निम्न हैं जो लोग कभी अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने में असमर्थ थे आज निशुल्क अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और अपने गांव अपने क्षेत्र और प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। साथ हमारी सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाएं चल रही हैं जिससे लगातार प्रदेश नई ऊंचाइयां छू रहा है।

प्रदेश सरकार की योजनाएं आज देश भर में मॉडल बन चुकी हैं।इस अवसर में प्रमुख रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष डोमेश्वरी वर्मा, जिला पंचायत सदस्य हरिशंकर निषाद, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दुर्गेश वर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष उत्तरा कमल भारती, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष चंद्रकांत वर्मा, जनपद सदस्य नीतू साहू, हेमप्रभा यदु, राजेश वर्मा, ईश्वर निषाद, ग्राम पंचायत सरपंच शांति वर्मा, प्रमोद शर्मा, मंटोरा साहू, गजानंद पुरी गोस्वामी, हरिशंकर सोनवानी, जंजीरा महिलांगे, लक्ष्मण पटेल, बुधराम धीवर, पंकज नायक, सीके नायक, यशवंत वर्मा, मुन्ना निषाद, कमल भारती, नंदू यादव, अश्वनी वर्मा, देवानंद वर्मा, प्रेम यादव, आयुष वर्मा सहित विभाग के अधिकारी चर कर्मचारी और भारी संख्या में विद्यार्थी और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कहां हुई सूने मकान में सेंधमारी की वारदात

दुर्गा बंजारे (पत्रकार)

रायपुर। चोरों ने एक बार फिर सूने मकान में सेंधमारी की वारदात को अंजाम दिया है। जहां से शातिर बदमाशों ने लाखों के सोने-चांदी के गहने और नगदी पार कर दी। जानकारी के अनुसार एक महीने बाद पीड़ित की बेटी की शादी है। ऐसे में शंका की सुई परिचित पर लटक रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

जानकारी के मुताबिक, पीडब्ल्यूडी के सेवानिवृत्त एसडीओ महेश साहू के निवास में चोरी हुई है। महेश 15 अप्रैल को अपने परिवार के साथ महाकाल के दर्शन हेतु उज्जैन गए थे। जब वे उज्जैन से वापस लौटे तो देखा कि मुख्य चैनल गेट सहित कुल आठ दरवाजों के ताले टूटे हुए है। घर के सभी कमरों के सामान अस्त-व्यस्त बिखरे हुए पड़े मिले। आलमारी के लॉकर में रखे जेवर और नकदी गायब थी।

पुलिस आसपास में लगे सीसीटीवी कैमरे की तलाश में टीम जुट गई है। कबीर नगर थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम मामले की जांच कर रही है। महेश के मुताबिक, अगले महीने उसके बेटी की शादी होने वाली है। बेटी को देने के लिए सोने-चांदी के जेवर खरीदे थे। चोर 10 लाख के जेवर समेत लाखों रुपए नगदी लेकर फरार हो गए हैं।

मुख्यमंत्री की घोषणा पर हुआ अमल, किसान के खेत में लगाया गया सोलर पंप

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)

बालोद। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा जिले में आयोजित भेंट मुलाकात के दौरान किए गए घोषणा के अनुरूप भोलाराम साहू के खेत में अब सिंचाई हेतु 05 एचपी का सोलर पंप स्थापित कर दिया गया है। उल्लेखनीय है कि जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम पेण्ड्री में भोलाराम साहू के पास लगभग 2.5 एकड़ की जमीन है, जिसमें वह बारिश के समय में धान की फसल लगाता था तथा सिंचाई हेतु वह खेत में लगे नाला से पानी लाकर सिंचाई करता था, जिससे उनको सिंचाई करने में अधिक मेहनत और समय लगता था और फसल पैदावार में कमी होती जा रही थी।

जिले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान ग्राम-पेण्ड्री में हितग्राही भोलाराम साहू द्वारा समस्या बताने के पश्चात् मुख्यमंत्री द्वारा हितग्राही के जमीन में सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर पंप स्थापना करने की घोषणा की गई। तत्पश्चात् क्रेडा विभाग द्वारा 05 एच.पी. डी.सी. सरफेस सोलर पंप स्थापित कर दिया गया है। जिसके बाद किसान के जमीन पर सुचारू रूप से सिंचाई की व्यवस्था हुई है। जिससे अब भोलाराम साहू अपनी जमीन पर खरीफ और रबी दोनों फसलों का लाभ ले रहा है, जिससे वह बहुत खुश है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा जिले में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम के दौरान किए गए घोषणा के फलस्वरूप 05 एच.पी. डी.सी. सरफेस सोलर पंप मिलने से किसान भोलाराम साहू अपने सुखद भविष्य के लिए पूरी तरह से आशान्वित नजर आ रहे है। किसान भोलाराम के चेहरे पर संतोष का भाव स्पष्ट नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के सहृदयता के फलस्वरूप आज उनका वर्षों पुराना सपना साकार हो रहा है। किसान पुत्र मुख्यमंत्री बघेल ने परिवार की मुखिया एवं सच्चे अभिभावक की तरह किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए मेरे जैसे अनेक किसानों को तत्काल मदद पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, वह वास्तव में काबिले-तारीफ है। यह जानकारी हमे बालोद जिला कार्यालय पीआरओ चंद्रेश ठाकुर ने दी।

डोंडी जैन संघ की ओर अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर प्रवचन सभा का आयोजन

ओम गोलछा (पत्रकार)

डौंडी। परम पूज्य परम श्रद्धेय सरलमना तपोनिधि मौनसाधिका श्री कीर्ति जी महाराज आदि ठाणा-5 के पावन सान्निध्य में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर प्रवचन सभा का आयोजन जैन स्थानक भवन में किया गया। सर्वप्रथम मंगलाचरण से प्रवचन का शुभारंभ मधुर व्याख कीर्ति जी महाराज ने अक्षय तृतीया पर भगवान ऋषभदेव के श्रेयांस कुमार द्वारा करवाए गए।

ईशु रस पारणे पर सारगर्भित पावन प्रवचन फरमाया। तपस्विनी बहन कांता जी ढेलडियां का 4 वां वर्षी तप का पारणा ईशु रस से करवा। महाराज साहब ने बताया सर्वप्रथम 2019 को गुरु महाराज का उनके घर पर आगमन हुआ जहां पर सुनील भाई ने गुरु महाराज विजय मुनि जी के सामने कुछ त्याग करने की इच्छा जाहिर की जिस पर वर्षी तप की भावना का पचकान दिलाने की बात पर उनकी धर्म सहायिका कांता बहन ने भी साथ वर्षी तप का पचकान धारण किया 2 वर्ष साथ में वर्षी तप करने के पश्चात शरीर की साता नहीं होने से सुनील भाई ने आगे तप नहीं किया परंतु कांता बहन द्वारा लगातार आज 4 वर्षों तक वर्षी तप किया जो की बहुत ही कठिन तप होता है। अपने आत्मा के उत्थान के लिए उनका यह तप आगे भी करने की भावना थी स्वास्थ्य की साता नही होने को देखते परिवार की बातों को मान आज उनका पचकान कराया गया धन्य है।

सुनील भाई व कांता बहन परिवार और डोंडी जैन संघ की ओर से उनका सम्मान व सुख साता पूछ तप का अनुमोदन भी किया गया। गौरतलब है की तपस्या आरंभ करने से पूर्व इस बात का पूर्ण ध्यान रखा जाता है कि प्रति मास की चौदस को उपवास करना आवश्यक होता है। इस प्रकार का वर्षीतप करीबन 13 मास और दस दिन का हो जाता है। इसके प्राचीनत्व के मूल में कारण है क्योंकि यह पर्व आदिम तीर्थंकर भगवान ऋषभ देव से सम्बन्धित है जो कि स्वयं ही इसके करोड़ों वर्ष प्राचीनता का प्रमाण है।

प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव दीक्षोपरान्त मुनिमुद्रा धारण कर छह माह मौन साधना करने के बाद प्रथम आहारचर्या के लिए निकले। यहां ज्ञातव्य है कि तीर्थंकर क्षुधा वेदना को शान्त करने के लिये आहार को नहीं निकलते, अपितु लोक में आहार दान अथवा दान तीर्थ परम्परा का उपदेश देने के निमित्त से आहार चर्या के लिए निकलते हैं। अत: उचित विधि का अभाव होने से वे सात माह तक निराहार रहे। एक बार वे आहार चर्या के लिए हस्तिनापुर पहुंचे। उन्हें देखते ही राजा श्रेयांस को पूर्व भवस्मरण हो गया, और श्रेयांश राजा के हाथों भगवान ऋषभदेव ने चारित्र की वृद्धि तथा दानतीर्थ के प्रवर्तन के लिए अक्षय तृतीया के दिन पारणा की। अत: यह वर्षीतप अत्यन्त गौरवशाली है तथा राजा श्रेयांस द्वारा दानतीर्थ का प्रवर्तन कर हम सभी पर किए गए उपकार का स्मरण कराता है।

बहन समता संचेती द्वारा भी 4 वर्षों से वर्षी तप किया जा रहा है जो कि आगे भी निरंतर बढ़ता रहेगा उनका भी सम्मान श्री संघ द्वारा आज किया गया।परिवार की ओर से सबको प्रभावना वितरित की गई व गन्ने का रस भी पिलाया गया। पारणा कार्यक्रम में जैन समाज सहित दिगर संघों से सैकड़ों की संख्या में जैन अनुयाई पहुंचे थे श्रीसंघ से प्रमुख रूप से कन्हैयालाल बाघमार, सुभाष ढेलडिया, ज्ञानचंद बाघमार, मांगीलाल गुणधर, राजेंद्र नाहर, संतोष ढेलडिया, पूनम कोठारी, मनोज गुणधर, आशीष बुरड़, पप्पू ढेलड़िया, लाल चंद जैन, भावेश गुणधर सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

ढाबों और होटलों में खुलेआम हो रहा है मदिरापान

दिनेश वर्मा (पत्रकार)

बालोद। बालोद जिले में स्टेट हाइवे और नेशनल हाईवे पर राजहरा और डौंडी थाना क्षेत्रांतर्गत होटलों और ढाबों में आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण खुलेआम बिना किसी डर और खौफ के शराब पीने पिलाने की व्यवस्था होटलों एवं ढाबा संचालकों के द्वारा मदिरा प्रेमियो को दी जा रही है।

गौरतलब है कि इन होटलों और ढाबा संचालकों के द्वारा मदिराप्रेमियों के बैठने, खाने पीने की अलग से व्यवस्था बनाई गई है। शराब की बिक्री के लिए इन्होंने किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं लिया है बावजूद इसके इनके द्वारा अवैध तरीके से शराब बेचने व बैठा कर पिलाने की व्यवस्था कर रोजाना लाखो रुपए की गाढ़ी कमाई कर नियमो की धज्जियां उड़ाई जा रही है।

शराब की बेखौफ महफिल में खाने पीने और चखने की अलग से व्यवस्था भी है। ढाबों सहित होटलों में हर रोज रात का माहौल देखने लायक रहता है। बिना किसी खौफ के सड़क के दोनो किनारे पर सभ्रांत परिवार के लोग और सफेदपोश जनप्रतिनिधियों की बड़ी बड़ी दर्जनों गाड़ियां लाइन से खड़ी रहती है और ढाबों के पीछे जाम से जाम टकराए व छलकाए जाते है और ये सिलसिला देर रात तक चलते रहता है।

ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी आबकारी विभाग या पुलिस प्रशासन को नही है, लेकिन कुछ स्वार्थ और कुछ राजनैतिक संरक्षण के कारण रसूखदार ढाबा और होटल संचालकों पर कोई कार्यवाही नही की जाती है जिसके कारण आसपास के रहवासियों और ग्रामीणों में आक्रोश है। आबकारी और पुलिस विभाग जिले के आला अधिकारियों को खुश करने छोटे शराब कोचियो और लोगो पर ताबड़तोड़ कार्यवाही करते है। इस भयंकर कार्यवाही के लिए जिले से अखबारों को प्रेस रिलीज जारी कर फिजूल की वाहवाही बटोरी जाती है। इस वाहवाही में ऊपर से लेकर नीचे तक सबको पावडर लगाया जाता है और सुबह अखबारों खबर देखकर नींद से जागी जनता फूले नहीं समाती। ऐसे अवैध मदिरालय के आसपास सड़क के दोनो किनारे पर गाड़ियां खड़ी हो जाने और लंबी कतार लगने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है।

इस संबंध में हमारे प्रतिनिधि के पास प्रमाणित वीडियो भी है जिसमे खुले आम ढाबे के पीछे बैठकर शराब पीते दर्जनों लोग साफ साफ नजर आ रहे है, जिसको आबकारी विभाग के अधिकारी आरएस भांडेकर को भी दिखाया गया था और ग्रामीणों और आसपास के रहवासियों के कहने पर कार्यवाही के लिए निवेदन भी किया गया था। किंतु फिर भी आबकारी विभाग द्वारा आज तक कोई कार्यवाही नही की गई। जिससे साफ स्पष्ट होता है कि ढाबा, होटल संचालकों को शराब पिलाने का अघोषित लाइसेंस आबकारी विभाग के द्वारा दिया जा चुका है। इस संबंध में पुलिस और आबकारी विभाग के कर्मचारियों ने दबी जुबान में बताया कि ढाबा और होटल संचालकों द्वारा लिफाफे ऊपर तक पहुंचाए जाते है।

जंगली हाथियों के उत्पात से निजात दिलाने मिली डौंडी ब्लॉक को रौशनी की सौगात

अजय अग्रवाल (पत्रकार)

डौंडी। महिला बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया की मंशा अनुरूप एवं जिला कलेक्टर कुलदीप शर्मा के दिशा निर्देश पर जिला खनिज न्यास निधि से बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था, साफ एवं स्वच्छ जल की आपूर्ति हेतु फिल्टर प्लांट, गौठानों में फेंसिंग, पाइप लाइन विस्तारीकरण, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों में अतिरिक्त कक्षों का निर्माण, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण उपाय, वृद्ध और नि: शक्तजनों के कल्याण, कौशल विकास एवं रोजगारमूलक कार्य संपादित किए जा रहे है। इसी तारतम्य में ब्लॉक की 14 ग्राम पंचायतों में कुल 19 जगहों पर हाई मास्क सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाए गए है।

14 ग्राम पंचायतों में डीएमएफ मद से की गई 19 हाई मास्क सोलर स्ट्रीट लाइट की स्थापना की गईगौरतलब है कि पिछले कुछ सालों से धमतरी और कांकेर जिले से लगे हुए विकासखंड डौंडी के कई गांवों में जंगली हाथियों के द्वारा लगातार उत्पात मचाने, कई ग्रामीणों और किसानों को कुचल कर मार देने, सैकड़ों एकड़ की फसल को तबाह करने जैसी घटनाओं को देखते हुए ग्रामीणों द्वारा मंत्री अनिला भेड़िया, वन विभाग सहित स्थानीय प्रशासन से समुचित प्रकाश व्यवस्था की मांग कई बार की जा चुकी थी।

मंत्री अनिला ने कलेक्टर को दिए निर्देश : जंगली जानवरों से हो रही समस्याओं और जिले में एक दंतैल हाथी के होने की खबर प्राप्त होने और भारी नुकसान करने की घटनाओं को देखते हुए मंत्री ने कलेक्टर को उचित कार्यवाही करते हुए ग्रामीणों को इस समस्या से निजात दिलाने के निर्देश दिए, जिस पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने जंगली जानवारों से प्रभावित गांवों को चयनित कर उक्त समस्या का संज्ञान लेते हुए डौंडी ब्लॉक की 14 पंचायतों में 19 जगहों पर प्रकाश व्यवस्था हेतु हाई मास्क इंट्रीग्रेटेड सोलर लाइट सिस्टम की स्थापना करवाई गई।पूर्व में शाम ढलने के बाद अंधेरा होने के बाद ग्रामीण घर से बाहर निकलने के नाम से ही डरने लग गए थे। हाथियों का खौफ उनके चले जाने के बाद भी खत्म होने का नाम नही ले रहा था। वहीं फिर से बालोद जिले में डौंडी ब्लॉक में एक दंतैल हाथी की दस्तक से पुनः दहशत का माहौल तो है लेकिन जिला प्रशासन द्वारा करवाई गई प्रकाश व्यवस्था के कारण अब शायद जंगली हाथी रोशनी के कारण गांव के अंदर प्रवेश नहीं कर पाएंगे। इसी उम्मीद के साथ ग्रामीण अब रात को भी अपने आप को सुरक्षित महसूस कर रहे है। ग्राम पंचायत बेलोदा, सुरडोंगर, घोटिया, मंगलतराई, जाबकसा, ढोरीठेमा सहित अन्य वनांचल ग्राम पंचायतों में डीएमएफ मद से कराए गए इस कार्य से गांवों में प्रकाश व्यवस्था होने से ग्रामीण काफी खुश नजर आ रहे है और क्षेत्र की संवेदनशील विधायिका एवं केबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, सीईओ अविनाश ठाकुर और सभी सरपंचों का ग्रामीणों की इस महत्वपूर्ण मांग और समस्या को देखते हुए उक्त कार्य करवाने के लिए तहेदिल से धन्यवाद दिया जा रहा है।

विदित हो कि 17 अप्रैल को जिला कार्यालय बालोद में संपन्न हुई जिला खनिज न्यास निधि की शासी परिषद की बैठक में उपस्थित सांसद मोहन मंडावी सहित उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों ने खनिज न्यास निधि से कराए गए कार्यों की सराहना की और कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने कहा कि निरंतर पूरे जिले में विकास कार्य और आम जनता की मूलभूत समस्याओं के निराकरण करने में कहीं भी कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। नवीन ग्राम पंचायत उकारी की सरपंच शिवरात्रि टेकाम ने बताया कि उनकी पंचायत पहले नगर पंचायत डौंडी के अंतर्गत आती थी, जैसे ही पृथक पंचायत की घोषणा हुई, नगर पंचायत डौंडी द्वारा तत्काल प्रभाव से मूल भूत सुविधाएं देना बंद कर दिया, खम्बों में लगी स्ट्रीट लाइट जो बंद पड़ी हुई थी उसे बनाने की जगह उखाड़ कर ले गए। ग्रामीणों की मांग, मंत्री प्रतिनिधि पीयूष सोनी, सीईओ अविनाश ठाकुर के द्वारा सकारात्मक पहल कर प्राथमिक शाला भवन के पास हाई मास्क सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने से गांव का अंधेरा दूर हो गया। साथ ही बिजली खंभों में भी स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था करवाने की मांग सरपंच सहित ग्रामीणों ने की है जिस पर भी जल्द ही व्यवस्था करवाने की बात कही।

ग्राम बेलोदा के सरपंच जगनू राम मंडावी ने कहा कि उनका गांव जंगली हाथियों के आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है, वनांचल क्षेत्र होने के कारण पिछले तीन वर्षों से जंगली हाथियों की आवाजाही से गांव के रहवासी बहुत ज्यादा भयभीत रहते है। रात के समय कितना भी आवश्यक कार्य होने के बावजूद भी घरों से बाहर नहीं निकलते है। जिला प्रशासन द्वारा इस समस्या को देखते हुए सोलर स्ट्रीट लाइट की व्यवथा करने से ग्रामीणों में हर्ष व्याप्त है एवं मंत्री अनिला भेड़िया, कलेक्टर कुलदीप शर्मा, सीईओ अविनाश ठाकुर सहित सरपंचों को तहेदिल से धन्यवाद दिया जिनके अथक प्रयास से ही एक बहुत बड़ी समस्या से निपटने हेतु ये कार्य संपन्न हुए है।

डौंडी ब्लॉक में दो लोग फांसी के फंदे से लटके मिले

अजय अग्रवाल (पत्रकार)

डौंडी। डौंडी थाना क्षेत्रांतर्गत दो अलग अलग गावों में युवकों के शव फंदे पर लटके पाए जाने से डौंडी नगर सहित आसपास के इलाके में गुरुवार को हड़कंप मचा हुआ था। मिली जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत अवारी के अंतर्गत आने वाले ग्राम लिम्हाटोला में डौंडी निवासी एक व्यापारी के खेत में सुबह एक नवयुवक पेड़ में फांसी के फंदे से लटका मिला।

जिसकी खबर आग को तरह तेजी से फैल गई और खबर मिलते ही ग्राम सरपंच खिलावन सिंह ठाकुर और गांव वाले घटना स्थल पर एकत्र होना शुरू हो गए और स्थानीय थाना को उक्त घटना की जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के लटके हुए शव के पास ही एक मोबाइल भी पड़ा हुआ था जो निरंतर बज रहा था किंतु डर के मारे किसी ने भी नही उठाया, प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुरुवात में कोई भी मृतक को पहचान नहीं पा रहा था। बाद में पता चला कि मृतक का नाम टाकेश्वर गावड़े है और ग्राम लिम्हाटोला का ही निवासी है जो कि बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था।

सुबह शौच जाने के लिए घर से निकला था और लिम्हाटोला से कुसुमटोला जाने वाले मार्ग से कुछ दूरी पर स्थित खेत में उसकी लाश पेड़ से लटकी मिली। वहीं दूसरे मामले में ग्राम बम्हनी में ग्राम पंचायत भवन के समीप के निवासी लगभग 50 वर्षीय एक अधेड़ परमानंद भारद्वाज घर के पीछे पड़ोसी के बाड़ी में स्थित पेड़ में फांसी के फंदे से लटका मिला। ग्राम बम्हनी के निवासियों के अनुसार घटना की जानकारी मिलने पर पूरा गांव घटना स्थल पर लटके हुए शव को देखने पहुंच गया। जिसकी जानकारी थाना को दी गई, थाना स्टाफ के आने पर उनके द्वारा शव को नीचे उतारा गया और पोस्टमार्टम के लिए शव को भेजा गया।

उक्त दोनों घटनाओं से पूरे ब्लॉक में ग्रामीणों के द्वारा अलग अलग कयास लगाए जा रहे है। दोनो के द्वारा आत्महत्या करने के कारणों का अभी तक कोई खुलासा नहीं मिल पाया है।थाना प्रभारी डौंडी के अनुसार प्रथम दृष्टया दोनो प्रकरण आत्महत्या के प्रतीत हो रहे है । दोनों शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया है व आगे की कार्रवाई की जा रही है।

डौंडी के 117 गांवों में विशेष ग्राम सभाओं का होगा आयोजन

अजय अग्रवाल (पत्रकार),

डौंडी। जनपद पंचायत डौंडी के अधिनस्थ समस्त 62 पंचायतों के सभी 117 गांवों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन 14 अप्रैल से 25 अप्रैल तक किया जाएगा। जनपद सीईओ अविनाश ठाकुर ने बताया कि शासन के दिशा निर्देश एवं जिला पंचायत सीईओ रेणुका श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में ब्लॉक की समस्त ग्राम पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी 117 गांवों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया जाना है। वर्तमान में ग्राम सचिवों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर होने के कारण ग्राम सभाओं के संचालन के लिए रोजगार सहायकों को ग्राम प्रभारी का दायित्व दिया जा रहा है। सभी को ग्राम सभा आयोजित करने के लिए एजेंडा भी दिया गया है, जिसमे प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत स्थायी प्रतिक्षा सूची में से ऐसे हितग्राही जिनकी मृत्यु उपरांत योजना के आवास साफ्ट सूची में संबंधित मृत हितग्राही के उत्तराधिकारी का नाम अंकित ना होना या उत्तराधिकारी का मृत होना।

परंतु वास्तविक तौर पर एक या एक से अधिक उत्तराधिकारी का होना, इस संबंध में ग्रामसभा द्वारा संबंधित मृत हितग्राही के वास्तविक वैध उत्तराधिकारी का चयन ग्रामसभा के द्वारा किये जाने के संबंध में, योजनान्तर्गत वित्तीय प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तृतीय किश्त प्राप्त आवास/आवासो का निर्माण निर्धारित स्तर तक कराये जाने के संबंध में तथा विभिन्न कारणो से ऐसे अप्रारंभ/अपूर्ण आवास जो निरस्त किये जाने योग्य है।

उनसे राशि वसुली उपरांत निरस्त करने के संबंध में, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत स्थायी प्रतिक्षा सूची में से स्वीकृति उपरांत शेष हितग्राही जिन्हे भविष्य में लाभान्वित किया जाना है, के पात्र/अपात्र का चिन्हांकन एवं चिन्हांकित अपात्र हितग्राहियो को योजना के स्थायी प्रतिक्षा सूची से विलोपन के संबंध में, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण अंतर्गत भूमिहीन हितग्राहियों को नियमानुसार आबादी भूमि उपलब्ध कराये जाने के संबंध में और पंचायत के आय व्यय के विवरण, पंचायत बैठकों लिए गए प्रस्तावों और कार्यों की समीक्षा, पिछली तिमाही में शासन की विभिन्न योजनाओं से स्वीकृत कार्यों की जानकारी, मनरेगा कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करवाने और भुगतान संबंधित और वर्तमान में द्रुत गति से चल रहे सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण 2023 आदि कई बिंदुओं पर समीक्षा के साथ ग्रामवासियों के समक्ष पूरी जानकारी रखी जाएगी।

14 अप्रैल को भार्रीटोला 43, रजही, दानीटोला, बिटाल, धोबेदंड, धोबनी अ, बोरगांव, ठेम्हाबुजुर्ग, बम्हनी, नर्रालगुड़ा, मरदेल, कुंजकन्हार, मथेना, बेलोदा और मंगलतराई में, 15 अप्रैल को जुनवानी, ककरेल, बनगांव, पथराटोला, हितकसा, कोड़ेकसा, कुरूभाट, टेकाडोढा, धोतिमटोला, आड़ेझर, सल्हाईटोला, कामता, घोटिया, पेंड्री, ठेम्हाखुर्द, छिदगांव, कटरेल, और गुदुम तथा शेष अन्य गांवों में 25 अप्रैल तक अलग अलग तिथि को ग्राम सभाएं आयोजित की जाएगी।

डौंडी की नाबालिग से बिलासपुर में दुष्कर्म

अनजान नम्बर से हुई थी पहचान।

आरोपी को दस साल जेल।

अजय अग्रवाल (पत्रकार),

डौंडी। केश कुमार पात्रे, विशेष न्यायधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी भुनेश्वर कोसले पिता प्रहलाद कोसले, उम्र 20 वर्ष, साकिन कपिस्दा, थाना बम्हनीडीह, जिला जांजगीर चांपा (छ.ग.) को भा.द.वि. की धारा 376 व संरक्षण अधिनियम की धारा 4 के आरोप में दस वर्ष का सश्रम कारावास व 2,000/- रूपये अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। छन्नू लाल साहू विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार पीड़िता के पिता द्वारा दिनांक 28 दिसंबर 2018 को थाना डौण्डी आकर रिपोर्ट लिखाया, कि दिनांक 25 दिसंबर 2018 को अज्ञात आरोपी द्वारा उसकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर उसके विधिपूर्ण संरक्षण से अपहरण कर भगा ले गया है।

डौंडी पुलिस तत्परता दिखाते हुए पीड़िता के पिता के कहे अनुसार अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्र० 86/ 2018 अंतर्गत संहिता की धारा 363 के तहत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पीड़िता को आरोपी के कब्जे से दिनांक 01 जनवरी 2019 को आरोपी के किराये के मकान अमेरी सतनाम चौक बिलासपुर से बरामद किया गया। पीड़िता का कथन लेने पर बताई कि उसके घर के मोबाईल पर रॉग नंबर से फोन आया था, जिससे आरोपी अपना परिचय बताया कि वह बिलासपुर सीटी मॉल में काम करता है तथा वह अपना नाम व पता बताया था। एक माह पश्चात् वह भी आरोपी को कॉल की थी, तब आरोपी ने उसे कहा था कि वह उससे शादी करना चाहता है, किंतु वह उसका जवाब नहीं दी थी।

दिनांक 25 दिसंबर 2018 को उसने आरोपी को फोन करके कही थी कि वह बिलासपुर आ रही है, तब आरोपी पीडिता को महाराजा चौक में बुलाया जहां उसके भाई किराये के मकान में रहता था, उसे वहां लेकर गया था। आरोपी ने अपने भाई एवं भाभी को उसे अपना दोस्त होना बताया था। जहाँ आरोपी पीड़िता के साथ लगातार कई बार जबरदस्ती दुष्कर्म किया था। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी के विरुद्ध धारा 363, 366, 376 आईपीसी 4.5 पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में दिनांक 11 फरवरी 2018 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की विवेचना उप निरीक्षक विकास देशमुख द्वारा की गई। न्यायालय में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

अवैध रूप से लकड़ी कटाई जोरों पर, विभाग मौन

गुण्डरदेही। ग्रामीण अंचल में इन दिनों फसल कटाई के बाद खेतों में कीमत पेड़ों की लकड़ियों की कटाई जोरों पर चल रही है। लकड़ी कोचिए किसानों से सस्ते दामों में लकड़ी लेकर आरा मिलों में बेचकर ऊंचे दाम कमा रहे है। फसल कटाई के बाद लकड़ी तस्कर सक्रिय हो गए हैं। किसानों से संपर्क कर उनके खेतों में लगी कीमती लकड़ी सस्ते दामों में खरीद रहे हैं। इन दिनों ज्यादातर ग्रामीण इलाकों में प्रतिबंधित वृक्षों की कटाई और कीमती इमारती लकड़ी का अवैध व्यापार खूब जोरों पर है। जहां इस कार्य में संबंधित विभागीय अफसरों की अंदरूनी सहमति और संरक्षण समझ से परे है।

उल्लेखनीय है कि जिले के ग्राम सकरौद, साजा, राहोद, अर्जुनी, परसाही सहित गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम भाठागांव जैसे कई ग्रामीण इलाकों में लकड़ी व्यापार के इस गैर कानूनी प्रतिबंधित कारोबार के लिए सुरक्षित ठिकाना व केंद्र साबित हो रहा है। पुरी व्यवस्था के साथ जिले भर में लकड़ी माफिया जबरदस्त प्रभाव व राजनीतिक सहभागिता के साथ सक्रिय हैं। वहीं, इस मामले में जिला सहित ब्लाक के विभाग इस पर फिसड्डी साबित हो रही है।

विदित हो कि एक और जहां जिला प्रशासन वृक्ष बचाने और पौधारोपण करने की बात कहते हैं। वहीं वास्तविकता में इसकी जमीनी हकीकत इसके उलट है। प्रशासन के पौधारोपण और वृक्ष बचाओ आदेश का जमकर लकड़ी तस्करों द्वारा मखौल उड़ाया जा रहा है। पुरे सिस्टम को ताक में रखकर जमकर प्रतिबंधित लकड़ी के कारोबार खूब चल रहा है। इसको देखकर पर्यावरण प्रेमी व शुभचिंतक भी चकित हैं, क्योंकि लकड़ी तस्करों द्वारा जिस प्रकार से हरे भरे पेड़ों को काटा जा रहा है। इसके मुकाबले में पौधारोपण की गति काफी धीमी है। यूं तो जिले में वन व राजस्व के संबंधित मामले को लेकर बकायदा विभाग बनाकर एक व्यवस्थित टीम के साथ विभागीय अफसर भी जिले को प्रदान किए गए हैं। जब बात इनके जिम्मेदारी व कार्यप्रणाली पर आए, तो इस पर कई तरह की सवालिया निशान उठने लगते है।

सूत्रों के मुताबिक जहां आम लोगों में प्रशासन द्वारा अंदरुनी सहभागिता प्रदान करते हुए कार्रवाई करने से बचती है। जिनसे और भी खुले तौर पर प्रशासन की सारी नियम कानून की धज्जियां उड़ाते हैं। जिले के ग्रामीण अंचलों में देखा जाए तो बालोद ब्लॉक, गुण्डरदेही ब्लॉक व गुरुर ब्लॉक के गांवों में अंधाधुंध लकड़ी की कटाई चल रही है। वहीं कहीं – कहीं गांव में लकड़ी तस्कर किसानों से लकड़ी खरीद कर स्टाक भी किए है। प्रतिबंधित वृक्षों में कहवा, महुआ, आम, इमली, अर्जुन, बरगद, परसा, नीलगिरी, नीम, खम्हार जैसे दुर्लभ लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। रात के अंधेरे में आरा मिलों में पहुंचाते हैं लकड़ी गुण्डरदेही से जामगांव मुख्य मार्ग में रात एक से चार बजे के बीच लकड़ी तस्कर सक्रिय रहते हैं। इन चार घंटों में कई ट्रेक्टर लकड़ी आरा मिलों में पहुंचा दी जाती है, जिससे न तो अधिकारियों को पता चल पाता है और न ही ग्रामीणों को कोई जानकारी हो पाती है। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरुकता संगठन भारत प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष पुनीत राम सेन ने कहा कि जिम्मेदार इस समस्या पर उचित कार्रवाई करने निर्देश देवे।

कच्चे माइंस की ब्लास्टिंग और उड़ने वाली धूल से लोग परेशान

अजय अग्रवाल (पत्रकार).

डौंडी। ब्लॉक के अंतिम छोर और कांकेर जिले की सरहद से लगे ग्राम पुसावड़ की स्टेट हाईवे पर बसी बस्ती के ग्रामीण कांकेर जिले की कच्चे माइंस में होने वाली ब्लास्टिंग, माइंस में चलने वाली ट्रकों से त्रस्त हो चुके है।

मुख्य मार्ग पर स्थित बस्ती की रहवासी संतोषी बाई गौर ने बताया कि वो पिछले 20 वर्षों से यहां निवास कर रही है और कच्चे माइंस में रोजाना होने वाली ब्लास्टिंग से पूरी बस्ती के लोग हलाकान है, कच्चे की माइंस में ब्लास्टिंग होने पर हमारे घर सूखे पत्तों की तरह कांपते है, ऐसा लगता है जैसे कोई भूकंप आ गया हो, घर की हर दीवार में बड़ी बड़ी दरारें आ गई है।

संतोषी बाई ने हमारे प्रतिनिधि को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उनके घर में बना शौचालय भी इस खदान की ब्लास्टिंग की भेंट चढ़ गया जो पूरी तरह से ढह गया है और पूरा परिवार अब बिना शौचालय के ही जीवन गुजार रहा है। अत्यंत गरीबी में जीवन यापन करने वाले इस परिवार में कोई पुरुष नही होने, शासन की योजनाओं का लाभ नहीं मिलने और सबसे अधिक कच्चे की प्राइवेट माइंस के कारण इस परिवार सहित पूरी बस्ती का जीवन नरक के समान हो गया है।

ब्लास्टिंग से घरों में पड़ रही दरारों के साथ साथ कंकड़ पत्थर भी उड़ कर आते है, जिनसे कई बार ग्रामीण जख्मी हो चुके है। माइंस से आने वाले लाल पानी से कई ग्रामीणों के खेत तबाह हो चुके है।ग्राम पुसावाड़ की सरपंच ईश्वरी गोर्रा से इस संबंध में जानकारी लेने पर उन्होंने बताया कि कच्चे में स्थित प्राइवेट आयरन ओर की माइंस से होने वाली समस्याओं के बारे में ब्लॉक सहित बालोद जिले के अधिकारियों को कई बार अवगत करवाया गया। कई अधिकारी देखने भी आए लेकिन समस्या का हल आज तक नही हुआ। वहीं इस संबंध में ग्राम कच्चे के सरपंच, जनप्रतिनिधियों सहित माइंस के अधिकारियों को भी अवगत करवाया लेकिन उन्होंने भी इस समस्या से अपना पल्ला ये कहते हुए झाड़ लिया कि वो बस्ती बालोद जिले में आती है हम कुछ नही कर सकते।

वहीं डौंडी ब्लॉक के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता शुभ सिंह कोरेटी और व्यवसायी ओम गोलछा, श्रवण राठौर, किसान संघ से बड़कू लाल और बसंत जैन ने संयुक्त रूप से कहा कि कच्चे की प्राइवेट माइंस से हमारे ब्लॉक और जिले से होकर सैकड़ों ट्रकें रोजाना गुजरती है, जिनमे से अधिकांश ट्रकों को नौसिखिए, शराबी और गंजेडी ड्राइवर चलाते है। आये दिन इस माइंस के ट्रकों से दुर्घटनाओं के समाचार मिलते रहते है। कच्चे की इस प्राइवेट माइंस में जहां कच्चे के ग्रामीण अपनी ट्रक लगाकर अपने घरों को संवार रहे है वहीं इनके ट्रकों से होने वाली दुर्घटनाओं से हमारे ब्लॉक सहित बालोद जिले के कई घर तबाह हो गए है। माइंस से निकले लाल पानी से ब्लॉक के कई किसानों के खेत बर्बाद हो रहे है। यदि कांकेर जिले की सरहद से लगे ग्राम पुसावड़ की बस्ती के लोगो और किसानों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले कुछ दिनों बाद ग्राम पुसावड़ की सरपंच और ग्रामवासियों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व ही कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी द्वारा इसी प्राइवेट माइंस के द्वारा अवैध तरीके से उत्खनन करने, ब्लास्टिंग और लाल पानी से होने वाली समस्याओं, सीएसआर मद की राशि का उपयोग नहीं करने, स्वास्थ्य सुविधाओं सहित सड़कों के संधारण नहीं करवाने के मुद्दे को संसद में पुरजोर तरीके से उठाया था। जिसके बाद कच्चे माइंस सहित ग्राम कच्चे में भूचाल सा आ गया था। अवैध उत्खनन की बात सांसद को कैसे पता चली इस बात को लेकर कच्चे में गुप्त बैठकों का दौर शुरू हो गया था। वहीं विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार नागपुर से पर्यावरण और माइंस सेफ्टी विभाग की एक टीम ने भी इस खदान में बड़ी ब्लास्टिंग करने पर बैन लगा देने का समाचार चर्चाओं में था, जिसके बाद कच्चे के रहवासीयों के चेहरे पर माइंस के बंद हो जाने का खौफ झलक रहा था। वहीं इस संबंध में जानकारी लेने के लिए कच्चे माइंस के प्रबंधक के के झा को कई बार फोन लगाया गया लेकिन उन्होंने फोन नही उठाया।

“आपके माध्यम से उक्त समस्या के संबंध में जानकारी प्राप्त हो रही है, जल्द ही जानकारी लेकर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।”

योगेंद्र श्रीवास, एसडीएम, डौंडी

भैंसबोड़ में नवनिर्मित रेलवे प्लेटफार्म का उद्घाटन 13 अप्रैल को

डौंडी। डौंडी ब्लॉक के ग्राम भैंसबोड़ में नवनिर्मित रेलवे प्लेटफार्म का उद्घाटन हेतु 13 को पहुंचेंगे कांकेर लोकसभा सांसद मोहन मंडावी। प्राप्त जानकारी अनुसार सांसद मोहन मंडावी के बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक में तय दौरा कार्यक्रम में वे सर्वप्रथम 13 अप्रैल को प्रात 10 बजे डौंडी ब्लॉक के ग्राम भैंसबोड़ के लिए कांकेर से रवाना होंगे। 11.30 बजे वे ग्राम भैंसबोड पहुंचकर नवनिर्मित रेलवे प्लेटफार्म का उद्घाटन करेंगे जिसके पश्चात चिखलाकसा में स्व विक्रम धुर्वे एवं दल्ली राजहरा में स्व कमलचंद जैन के शोकाकुल परिवार से मुलाकात करेंगे।

तत्पश्चात बीएसपी प्लांट, राजहरा यंत्रीकृत खदान और प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण करने के बाद बीएसपी के कांफ्रेंस हाल में राजहरा व्यापारी संघ के प्रतिनिधि मंडल, बीएसपी एवं रेलवे के अधिकारियों के साथ बैठक कर ब्लॉक एवं राजहरा की आम जनता की मांगों पर चर्चा कर नगर विकास हेतु उचित पहल करेंगे। उक्त जानकारी डौंडी ब्लॉक के वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता शुभ सिंह कोरेटी के द्वारा दी गई।

विद्युत लाइन में काम करते समय करंट की चपेट में आने से बिजलीकर्मी घायल

अजय अग्रवाल (पत्रकार),

डौंडी। डौंडी ब्लॉक के वनांचल ग्राम बेलोदा में पंप लाइन में खराब एलटी लाइन का केबल बदलने के काम करने के दौरान ग्राम रमतरा निवासी चंदन साहू (35 वर्ष) बिजली तार में विद्युत प्रवाह शुरू हो जाने से बुरी तरह से झुलस गया और बिजली पोल से नीचे गिर गया। जिसके बाद उसे गंभीर स्थिति में संजीवनी 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल बालोद ले जाया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद हालत नाजुक होने के कारण से हाई सेंटर रेफर किया गया। वर्तमान में घायल ठेका कर्मी खतरे से बाहर बताया जा रहा है और हालत स्थिर बताई जा रही है।

सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार विद्युत ठेकेदार सीमांत साहू के अधीन घायल युवक ट्रांसफार्मर, बिजली पोल लगाने, फिटिंग सहित अन्य काम करता है। ग्राम बेलोदा में पंप लाइन की एलटी लाइन का खराब केबल बदलकर उसकी जगह कंडक्टर खींचने का काम किया जा रहा था, काम के दौरान अचानक से बिजली तारों में विद्युत प्रवाह शुरू हो गया और झटका लगने से उक्त ठेकाकर्मी बिजली पोल से नीचे गिर गया। उक्त सुधार कार्य धमतरी निवासी सीमांत साहू नामक विद्युत ठेकेदार के द्वारा अपने कर्मियों से करवाया जा रहा था।

ब्लॉक के वरिष्ठ भाजपा नेता शुभ सिंह कोरेटी को घटना की जानकारी होने पर तत्काल इस घटना की जानकारी संबंधित बिजली विभाग के अधिकारियों से ली और बिना सुरक्षा उपकरणों के ठेकेदार द्वारा कर्मियों से काम लेने की बात सुनकर अधिकारियों को ठेकेदार पर कड़ी कार्यवाही करने हेतु कहा।

जानकारों ने बताया कि विद्युत ठेकेदारों द्वारा कार्य करने वाले मजदूरों को किसी भी प्रकार के सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जाते है और ना ही विद्युत विभाग द्वारा मजदूरों को किसी प्रकार की कोई सुरक्षात्मक ट्रेनिंग दी जाती है। इसी कारण से इस प्रकार के हादसे होते रहते है।


उक्त कार्य को करने हेतु विधिवत 11 केवी लाइन का शट डाउन लिया गया था, विद्युत प्रवाह कैसे हुआ इसकी जांच की जा रही है, फिलहाल घायल ठेकाकर्मी की स्थिति सामान्य है, संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध बिना सुरक्षा उपकरणों के ठेकाकर्मियों से कार्य करवाने पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

टी एल सहारे
कार्यपालन अभियंता, विद्युत विभाग बालोद

कार्य करने वाले मजदूरों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करवाए गए थे, उनके द्वारा उपकरणों का उपयोग क्यों नहीं किया मैं नही बता सकता। घायल कर्मी का इलाज करवाया जा रहा है, जिसकी स्थिति वर्तमान में सामान्य है।

सीमांत साहू, विद्युत ठेकेदार

साईकिल मिलने की खुशी, चेहरे खिले

अजय अग्रवाल (पत्रकार),

डौंडी। विकासखंड की ग्राम पंचायत घोटिया में संचालित संस्कार संस्कृत विद्यापीठ घोटिया की कक्षा नौवीं की चार छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत सायकल मिलने से छात्राओं के साथ साथ उनके अभिभावकों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी।

शासन की योजना से प्राप्त साइकिल को समिति के डिप्टी डायरेक्टर अश्वनी साहू, सचिव नानक दास वैष्णव, यू एल डोंगरे, नंदू बघेल, पंच उत्तरा बेसरा, पलक कमलेश यादव, पी के पिस्दा, स्कूल संचालक कुलवंत वैष्णव, राजकुमारी भूपदिप, खुबलाल ठाकुर, लुकेश्वरी साहू, तृप्ति निषाद, पूनम साहू सहित छात्र छात्राओं एवं अभिभावकों की उपस्थिति में स्कूल की प्रतिभाशाली चारो छात्राओं को वितरण किया गया।

सरस्वती साइकिल योजना के तहत साइकिल प्राप्त करने वाली नौंवी की छात्राएं उपासना ठाकुर व प्रतिभा निषाद ग्राम घोटिया, लीना साहू ग्राम मरकाटोला, सरस्वती हल्बा ग्राम पंडेल ने बताया कि स्कूल के सभी गुरुजनों और स्कूल समिति के अथक प्रयासों से आज हमे ये साइकिल मिली है, इससे अब हमे स्कूल आने जाने में होने वाली कठिनाइयों और परेशानियों से छुटकारा मिल जाएगा और हमारा समय भी बचेगा जिसे हम अपनी पढ़ाई में लगाएंगे साथ ही इस साइकिल के माध्यम से घर के छोटे मोटे कार्य करने और कहीं भी आने जाने में हमे सुविधा होगी।

संस्कार संस्कृत विद्यापीठ की शिक्षिका रामकुमारी भूपदिप ने छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा स्कूल में संचालित मध्यान्ह भोजन सहित शासन से प्राप्त होने वाली अन्य सभी योजनाओं के बारे में आए हुए अभिभावको सहित ग्रामीणों को जानकारी प्रदान की। उक्त साइकिल वितरण कार्यक्रम के अंत में स्कूल समिति के अध्यक्ष कुलवंत वैष्णव ने आए हुए सभी अभिभावको सहित गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया साथ ही स्कूल में गणित, विज्ञान, संस्कृत, अंग्रेजी, कामर्स आदि विषयों के शिक्षकों की आवश्यकता होने की भी जानकारी दी जिन्हे योग्यता अनुसार वेतन दिया जाएगा, इच्छुक शिक्षकगण पांच मई तक स्कूल प्रबंधन से मिलकर संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते है।

सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी पोस्ट करने पर सख्त हुई जिला पुलिस

श्रीमती मंजू शर्मा (पत्रकार),

बालोद। बेमेतरा के बिरनपुर घटना को लेकर छत्तीसगढ़ पुलिस अलर्ट मोड पर है। सोशल मीडिया पर झूठी खबरें और अफवाहें फैलाकर समाज में सांप्रदायिक दंगे और दहशत फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर रायपुर, बिलासपुर, बालोद, कवर्धा, दुर्ग, बेमेतरा सहित कई जिलों में पुलिस प्रशासन ने आदेश जारी किया है। वहीं अफवाह फैलाने वालों की जानकारी देने रायपुर पुलिस ने नंबर भी जारी किया है।

उप पुलिस अधीक्षक, क्राइम जिला रायपुर ने भी आदेश जारी कर लोगों से अफवाह फैलाने से बचने की अपील करते हुए सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी पोस्ट करने पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। आदेश में कहा गया है कि सभी सोशल मीडिया साईट्स के ग्रुप एडमिन ध्यान रखे कि आपके ग्रुप का कोई भी सदस्य आपके ग्रुप में गलत खबर, विवादित पोस्ट, विवादित बातें, साम्प्रदायिक सौहार्द खराब करने, दो पक्षों में विवाद बढाने, दो गुटों में तनाव बढाने या किसी जातियों के मध्य वैमनस्यता फैलाने संबंधी कोई भी पोस्ट न करे अन्यथा वे भी जिम्मेदार होंगे। ग्रुप के सदस्य को ग्रुप एडमिन उक्त बातों को प्रसारित करने के लिए मना करें, न माने तो तत्काल ग्रुप से निकाल दें। साथ ही ऐसे पोस्ट करने वाले व्यक्तियों की जानकारी छत्तीसगढ़ पुलिस के कंट्रोल रूम के व्हाट्सएप नंबर 9479191099 में अनिवार्य रूप से दें।

बालोद पुलिस और सायबर सेल अलर्ट मोड पर है। बालोद एसपी ने कहा कि जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने जिलेवासियों से अनुरोध किया कि किसी भी प्रकार के भ्रामक खबरें को बगैर पुष्टि के सोशल मीडिया में न डालें, न ही कोई भी ऐसा पोस्ट भेजें, जिससे सांप्रदायिकता भड़के और जिले के शांति भंग हो। अफवाहों से बचें। उन्होंने बताया कि कि ग्रुप में भ्रामक जानकारी फैलाने पर ग्रुप एडमिन पर भी वैधानिक कार्यवाही हो सकती है। पुलिस विभाग से जारी आदेश में लिखा गया है कि सभी सोशल मीडिया साइट्स के ग्रुप एडमिन ध्यान रखे कि आपके ग्रुप का कोई भी सदस्य आपके ग्रुप में गलत खबर, विवादित पोस्ट, विवादित बातें, साम्प्रदायिक सौहार्द खराब करने, दो पक्षों में विवाद बढाने, दो गुटों में तनाव बढाने या किसी जातियों के मध्य वैमनस्यता फैलाने संबंधी कोई भी पोस्ट न करे। इस पर रोक लगाएं।

सास को जान से मारने, गला घोंटने की कोशिश

अजय अग्रवाल,

डौंडी। बालोद जिले में हत्या की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डौंडी मुख्यालय से 12 किमी दूर ग्राम सिंघनवाही में कुमार सिंह चनाप ने अपनी सास सुमित्रा बाई से मारपीट कर गला दबा दिया था। जब पड़ोसियों ने ये सारा माजरा देखा तो दामाद वहां से डर कर भाग गया।

सुमित्रा बाई का बेटा भूषण लाल कोठारी ने बताया कि वे चावल लेने सोसायटी गया हुआ था। इसी बीच मां सुमित्रा बाई घर पर अकेली थी। भूषण लाल कोठारी के घर लौटने पर जानकारी दी कि दोपहर एक बजे बहन दामाद किल्लेकोडा निवासी कुमार सिंह चनाप आया और जान से मारने की धमकी देते हुए मारपीट कर गला दबाने लगा और मुंह को दबा दिया। सुमित्रा बाई के चिल्लाने पर पड़ोस के रहने वाली रामेश्वरी यादव और मंगतीन बाई पहुंच गए। दोनो को देखकर दामाद वहां से भाग खड़ा हुआ। घटना के बाद डौंडी थाने में कुमार सिंह चनाप के खिलाफ धारा 294, 323, 506 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।

कीचड़ से सराबोर नर्राटोला के ग्रामीण

अजय अग्रवाल

                     

डौंडी। ब्लॉक के ग्राम पंचायत नर्राटोला के वार्ड क्र. 15 और 16 में गांवर पारा की गली में घरों से निकलने वाले पानी की निकासी हेतु नाली निर्माण नही होने से कीचड़ और गंदगी पसरी हुई है, जिससे गली से गुजरना दुभर हो गया है। आए दिन गांव के लोग फिसल फिसलकर गिर रहे है और चोटिल हो रहे है, वहीं गली की इस सड़क पर कीचड़ और रुके हुए पानी में मच्छरों के पनपने से घातक बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।

नर्राटोला के रहवासी मोनू गौर, किसुन गौर, सोनू रावटे, लखन खरे, अरविंद चिराम, नेम गौर और प्रदीप गौर सहित अनेकों ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से बताया कि पहले इस मौहल्ले में ये सड़क कच्ची थी जिसके कारण घरों से निकलने वाला पानी सड़क पर आने के बाद सूख जाता था लेकिन जब से गली का सीमेंटीकरण हुआ है और नाली नही बनाए जाने के कारण घरों का पानी सीसी रोड पर जमा हो जा रहा है जिसके कारण हम ग्रामवासी कीचड़ भरी गली से गुजरने को मजबूर हो गए है।

इस संबंध में बताया गया कि जब सीसी रोड का निर्माण हो रहा था तब पंचायत के जनप्रतिनिधियों सहित इंजीनियर को नाली निर्माण करने बोला भी गया था लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया और आज खामियाजा ग्रामवासी भुगत रहे है। स्कूल जाने वाले बच्चें कीचड़ के बीच से गुजर कर आने जाने को विवश है, वहीं कई दोपहिया वाहन चालक बार बार फिसलकर गिरने से चोट खा चुके है।

ठहरे हुए पानी और कीचड़ में मच्छरों के पनपने से ग्रामवासी रातभर परेशान रहते है और डेंगू, मलेरिया जैसी घातक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। यदि इस सड़क के दोनो किनारे पर नाली निर्माण कर दिया जाए तो लगभग 70 से 80 घरों के ग्रामवासियों सहित दैनिक कार्यों हेतु गुजरने वाले कई लोगों को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाया जा चुका है लेकिन इस समस्या का समाधान आज तक नही हुआ।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत नर्राटोला ब्लॉक की ऐसी पंचायत है जहां ना तो वर्तमान में सरपंच है और ना ही सचिव, संबंधित अधिकारियों की उदासीनता के कारण ग्रामवासी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में नारकीय जीवन जीने को मजबूर है। जनपद पंचायत डौंडी के द्वारा जल्द से जल्द कार्यवाहक सरपंच के चुनाव की प्रक्रिया यदि जल्द पूरी कर ली जाए तो इनकी समस्या का समाधान जल्द होने की उम्मीद है। वरना आने वाले बारिश के मौसम में स्थिति और भयावह हो जाएगी। वहीं कीचड़ और गंदगी से पनपने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए दवाई का छिड़काव सहित अन्य सुविधाएं देने में स्वास्थ्य विभाग भी कोई ध्यान नही दे रहा है, प्रशासन की इस प्रकार की अनदेखी के कारण ग्राम नर्राटोला के ग्रामवासी काफी आक्रोश में है और कभी भी सड़क पर उतर सकते है।

बिगड़ैल नवाबों की दादागिरी

अजय अग्रवाल                      

ट्रक ड्राइवर से अज्ञात लोगो ने की मारपीट, मामला हुआ दर्ज

डौंडी। डौंडी थानाक्षेत्र के अंतर्गत ग्राम कामता मोड़ के पास भानुप्रतापपुर निवासी सत्यनारायण तिवारी के ट्रक क्रमांक सीजी 19 बीजी 2258 के चालक के साथ 09 और 10 अप्रैल के दरम्यानी रात लगभग 1.30 बजे एक स्कूटी और एक बजाज पल्सर मोटर साइकिल में सवार चार लड़के आए और ट्रक को रोकवाकर ड्राइवर के साथ लकड़ी के डंडे से मारपीट करने, अश्लील गाली गलौच करने के अपराध में अज्ञात लोगो के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

डौंडी थाना से प्राप्त जानकारी अनुसार, उक्त ट्रक ड्राइवर ने अपनी लिखित शिकायत में बताया कि 09 अप्रैल को कच्चा लोहा (लौह अयस्क) भर कर गिधाली प्लांट गया था और प्लांट के बाहर ट्रक को खड़ा किया था उसी समय एक लड़का आया और बोला कि किसकी गाड़ी है जिस पर ड्राइवर ने गाड़ी मालिक का नाम बताया तो बोला की पहले मैं भी इसी सेठ की गाड़ी चला रहा था और मुझे मेरा पैसा नही दिया है, तुम कैसे इस गाड़ी को चला रहे हो। कुसुमकसा आ तेरे को बताता हूं बोलकर धमकी देने के बाद चारो लड़के वहां से चले गए उसके बाद गाड़ी को खाली करवाकर वापस भानुप्रतापपुर जा रहा था तो ग्राम कामता मोड़ के पास वही चार लड़के एक पल्सर बाइक और एक स्कूटी में सवार होकर आए और रात लगभग 1.30 बजे मेरी गाड़ी को रोककर मुझे गाड़ी से उतार कर अश्लील गालियां और जान से मारने की धमकी देते हुए डंडे से मारपीट किए।

जिससे बाएं पैर एवं सर के पीछे चोट आई साथ ही चारो लड़कों ने गाड़ी का हेल्पर साइड का कांच को भी तोड़फोड़ दिया और वहां से भाग गए। उसके बाद गाड़ी मालिक को फोन कर घटना की जानकारी देकर डौंडी थाने में शिकायत दर्ज करवाई। डौंडी थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और अश्लील गाली गलौच करने के अपराध में चार अज्ञात युवकों के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है, जल्द ही आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

कलेक्टर ने ली वर्चुअल बैठक

कलेक्टर ने वर्चुअल बैठक लेकर आयुष्मान कार्ड के प्रगति की विस्तृत समीक्षा ली

20 अप्रैल तक शत प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के दिए निर्देश

बालोद। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में वर्चुअल बैठक लेकर जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों को आगामी 20 अप्रैल तक जिले के शत प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश भी दिए। जिससे की जिले के शत प्रतिशत लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। बालोद कलेक्टर ने कार्य की प्रगति की विकासखण्डवार समीक्षा करते हुए खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाकर आगामी 20 अप्रैल तक शेष सभी लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा आयुष्मान कार्ड के नोडल अधिकारी को कार्य की सतत् माॅनिटरिंग करने तथा निर्धारित समयावधि तक जिले के शत प्रतिशत लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने एसडीएम बालोद श्रीमती शीतल बंसल को जिन स्थानों में आधार लिंक नहीं है वहां शिविर लगाकर आधार लिंक कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन गांवों में आयुष्मान कार्ड में आधार अपडेट करवाना शेष रह गया है वहां शिविर लगाकर आधार अपडेट कराना सुनिश्चित की जाए। आयुष्मान कार्ड के नोडल अधिकारी ने बताया कि शिविर में आयुष्मान कार्ड बनाने हेतु ग्रामीणों के नही आने की स्थिति में घर-घर जा कर उनका आयुष्मान कार्ड बनाया जा रहा है।

खुले सरकारी गड्ढों की वजह से बच्चो की जान खतरे में

अजय अग्रवाल

डौंडी। विकासखंड डौंडी के ग्राम पंचायत चिखली में सेग्रिगेशन शेड निर्माण के कालम हेतु लगभग चार से छह माह पूर्व खोदे गए दर्जन भर गड्ढे आज भी काम बंद होने के कारण जस के तस पड़े है, पास ही स्कूल होने के कारण इन्ही गढ्ढों के बीच स्कूली छात्र छात्राएं खेलते नजर आते है और पंचायत की लापरवाही और नासमझ बच्चों की नादानी के चलते कभी भी बड़ा हादसा घट सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन से लगी जगह पर शेड निर्माण के कालम के लिए खोदे गए गढ्ढों में सामने स्थित स्कूल के नासमझ और नादान बच्चे खेलते रहते है और इसी दौरान छात्र छात्राओं के गढ्ढों में गिरकर चोटिल होने की संभावनाओं को देखते हुए कई बार इस कार्य को जल्द से जल्द चालू करवाकर कालम के लिए खोदे गए दर्जन भर गढ्ढों को भरने के लिए सरपंच को मौखिक तौर पर बोला जाता आ रहा है लेकिन सरपंच के द्वारा इस निर्माण कार्य की तरफ ध्यान ही नही दिया जा रहा है और किसी बड़ी घटना के घटने का इंतजार किया जा रहा है ऐसा प्रतीत होता है।

एसडीएम डौंडी लोहारा पर भ्रष्ट सरपंचो को संरक्षण देने का लग रहा है आरोप।

गौरतलब है कि ग्राम पंचायत चिखली की सरपंच अपने अड़ियल और रूखे व्यवहार के कारण हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है। वर्तमान में सरपंच अहिल्या बाई रावटे के ऊपर एक दर्जन से अधिक भ्रष्टाचार की शिकायतें जांच हेतु लंबित है।

जिला पंचायत बालोद से प्राप्त जानकारी अनुसार चिखली पंचायत की सरपंच अहिल्या बाई के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु एसडीएम डौंडी लोहारा को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु कई बार पत्र जारी किया जा चुका है किंतु आज तक एसडीएम द्वारा जांच प्रतिवेदन नही देने के कारण अब सभी शिकायतों की जांच हेतु सीईओ जनपद पंचायत डौंडी को प्राप्त शिकायतें प्रेषित की जा रही है। इसी कड़ी में अब शेग्रीगेशन शेड निर्माण के कार्य को लंबे समय से बंद कर गढ्ढों को खुला छोड़ने के कारण ग्रामीण भी शिकायत करने की तैयारी में है। इस संबंध में राजहरा खबर प्रतिनिधि के द्वारा जानकारी देने पर सीईओ जनपद डौंडी अविनाश ठाकुर ने कहा कि आपके द्वारा मेरे संज्ञान में ये मामला लाया गया है, जल्द ही कार्य को आरंभ करवा दिया जाएगा एवं स्वयं कार्यस्थल पर जाकर निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

शेड निर्माण के कालम हेतु गढ्ढों को खोदा गया है, मिस्त्री नही मिलने के कारण कार्य बंद पड़ा हुआ है, जल्द ही मिस्त्री की व्यवस्था कर कार्य को आरंभ करवाया जाएगा।

विशाखा निषाद

सचिव, ग्राम पंचायत, चिखली

उक्त कार्य मनरेगा के तहत स्वीकृत है, मनरेगा में कम दर मिलने की बात बोलकर गांव के राज मिस्त्रियों द्वारा काम करने से मना कर दिया जाता है इसीलिए काम बंद पड़ा है।

अहिल्या बाई रावटे

सरपंच, ग्राम पंचायत, चिखली

खुले सरकारी गड्ढे दे रहे दुर्घटनाओं को न्यौता

अजय अग्रवाल

डौंडी। विकासखंड डौंडी के ग्राम पंचायत चिखली में सेग्रिगेशन शेड निर्माण के कॉलम हेतु लगभग चार से छह माह पूर्व खोदे गए दर्जन भर गड्ढे आज भी काम बंद होने के कारण जस के तस पड़े है, पास ही स्कूल होने के कारण इन्ही गढ्ढों के बीच स्कूली छात्र छात्राएं खेलते नजर आते है और पंचायत की लापरवाही और नासमझ बच्चों की नादानी के चलते कभी भी बड़ा हादसा घट सकता है ।ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन से लगी जगह पर शेड निर्माण के कालम के लिए खोदे गए गढ्ढों में सामने स्थित स्कूल के नासमझ और नादान बच्चे खेलते रहते है और इसी दौरान छात्र छात्राओं के गढ्ढों में गिरकर चोटिल होने की संभावनाओं को देखते हुए कई बार इस कार्य को जल्द से जल्द चालू करवाकर कालम के लिए खोदे गए दर्जन भर गढ्ढों को भरने के लिए सरपंच को मौखिक तौर पर बोला जाता आ रहा है लेकिन सरपंच के द्वारा इस निर्माण कार्य की तरफ ध्यान ही नही दिया जा रहा है और किसी बड़ी घटना के घटने का इंतजार किया जा रहा है ऐसा प्रतीत होता है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत चिखली की सरपंच अपने अड़ियल और रूखे व्यवहार के कारण हमेशा सुर्खियों में बनी रहती है। वर्तमान में सरपंच अहिल्या बाई रावटे के ऊपर एक दर्जन से अधिक भ्रष्टाचार की शिकायतें जांच हेतु लंबित है।

डौंडी लोहारा एसडीएम पर भ्रष्ट सरपंचों को संरक्षण देने का लग रहा है आरोप।

जिला पंचायत बालोद से प्राप्त जानकारी अनुसार चिखली पंचायत की सरपंच अहिल्या बाई के खिलाफ प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु एसडीएम डौंडीलोहारा को जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने हेतु कई बार पत्र जारी किया जा चुका है किंतु आज तक एसडीएम द्वारा जांच प्रतिवेदन नही देने के कारण अब सभी शिकायतों की जांच हेतु सीईओ जनपद पंचायत डौंडी को प्राप्त शिकायतें प्रेषित की जा रही है। इसी कड़ी में अब शेग्रीगेशन शेड निर्माण के कार्य को लंबे समय से बंद कर गढ्ढों को खुला छोड़ने के कारण ग्रामीण भी शिकायत करने की तैयारी में है। इस संबंध में नई दुनिया प्रतिनिधि के द्वारा जानकारी देने पर सीईओ जनपद डौंडी अविनाश ठाकुर ने कहा कि आपके द्वारा मेरे संज्ञान में ये मामला लाया गया है, जल्द ही कार्य को आरंभ करवा दिया जाएगा एवं स्वयं कार्यस्थल पर जाकर निरीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।

शेड निर्माण के कालम हेतु गढ्ढों को खोदा गया है, मिस्त्री नही मिलने के कारण कार्य बंद पड़ा हुआ है, जल्द ही मिस्त्री की व्यवस्था कर कार्य को आरंभ करवाया जाएगा।

विशाखा निषाद

सचिव, ग्राम पंचायत, चिखली

उक्त कार्य मनरेगा के तहत स्वीकृत है, मनरेगा में कम दर मिलने की बात बोलकर गांव के राज मिस्त्रियों द्वारा काम करने से मना कर दिया जाता है इसीलिए काम बंद पड़ा है।

अहिल्या बाई रावटे

सरपंच, ग्राम पंचायत, चिखली

मुख्यमंत्री बघेल 18 मार्च को ग्राम पटेली पहुंचेंगे।

डौंडी। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 18 मार्च को बालोद जिले के दौरे पर होंगे। दौरे के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री बघेल कल 18 मार्च को कोंडागांव जिले के ग्राम बांसकोट से हेलीकॉप्टर द्वारा प्रस्थान कर दोपहर 12.50 बजे बालोद जिले के डौंडी तहसील के ग्राम पटेली पहुंचेंगे। वहां वे दोपहर 12.55 से 01.45 बजे तक जिला स्तरीय माँ कर्मा जयंती एवं आदर्श विवाह कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 02.20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के लिए रवाना होंगे।

आपके नाम पर कितने फर्जी सिम है?

बालोद। अब आप आसानी से खुद ही आपके नाम पर रजिस्टर्ड फर्जी सिम को ब्लाॉक कर सकते हैं। फर्जी सिम को ब्लॉक और आपके नाम पर रजिस्टर्ड सिम की जानकारी हासिल करने के लिए नीचे बताए हुए तरीको से पता करें। कई लोग ऐसे हैं, जिनकी आईडी पर कई सारे सिम कार्ड निकलवा लिए जाते हैं। इसकी वजह से कई मोबाईल यूजर्स के साथ फर्जीवाड़ा हो जाता है। ऐसे में आपके ऊपर कभी भी कानूनी कार्रवाही की जा सकती है। क्योंकि आपके सिम का इस्तेमाल करके अगर कोई व्यक्ति जुर्म करता है, तो उस सिम में आपकी आईडी होने की वजह से आपके ऊपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब आप कितने दोषी है ये अदालत तय करेगी। लेकिन आप बेवजह परेशानी में पड़ जायेंगे। अगर आपको लगता है कि आपकी आईडी से सिम निकलवा कर कोई उसे इस्तेमाल कर रहा है। तो आज राजहरा खबर आपको बताएगा कि कैसे आप आप उन फर्जी सिम कार्ड को बंद करवा सकते हैं।

इसके लिए भारतीय टेलीकॉम विभाग ने एक खास पोर्टल (वेबसाईट) तैयार की है। इस वेबसाईट की मदद से ये पता लगाया जा सकता है कि आपकी आईडी पर कितने सिम कार्ड एक्टिवेट हैं, अगर आपकी जानकारी के बगैर कोई दूसरा सिम कार्ड आपकी आईडी पर जारी किया गया है तो आप इसे ब्लॉक करा सकते हैं। सरकारी निर्देशानुसार एक व्यक्ति 9 मोबाइल कनेक्शन ले सकता है। हालांकि, कुछ चुनिंदा यूजर्स के अलावा कोई इतने सिम अपने नाम से जारी नहीं करवाता है।

अब करना क्या है? सबसे पहले (https://tafcop.dgtelecom.gov.in/alert.php) पोर्टल पर लॉगिन करें.
इसके बाद अपना फोन नंबर इसमें भरें जिसके बाद आपके मोबाईल पर OTP एसएमएस के जरिए आएगा। जिसे आपको पोर्टल पर भरना है।
फिर, आपको एक्टिव कनेक्शनंस के बारे में जानकारी दिखाई देने लगेग।
यहां पर यूजर नंबर ब्लॉक करने के लिए रिक्वेस्ट भेज सकते हैं, जो उनकी जानकारी के बगैर जारी की गए हैं।
रिक्वेस्ट करने के बाद विभाग की तरफ से एक टिकट आईडी भेजी जाएगी, जिससे आप अपनी भेजी रिक्वेस्ट को ट्रैक कर सकेंगे। इन स्टेप्स के बाद कुछ ही हफ्तों में ये नंबर बंद कर दिया जाता है।

इन स्टेप्स को फॉलो करके आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आपके नाम पर कितने सिम रजिस्टर हैं और उनमें से आपको कितने सिम कार्ड्स की जानकारी नहीं है। आपको बता दें कि आपको ये पता होना चाहिए कि आपके नाम पर कितने सिम हैं। क्योंकि आजकल कई लोगों के साथ हुए स्कैम/फर्जीवाड़े के मामले सामने आ रहें हैं। लेकिन अब आप आसानी से चेक कर सकते हैं कि आपकी आईडी पर कितने सिम एक्टिवेट किए गए हैं।

अब छत्तीसगढ़ में भी कर सकेंगे, ऑनलाईन आरटीआई आवेदन।

बालोद, पुनीतराम सेन। 

भारत में छत्तीसगढ़ छटवां राज्य बन गया है जहां आवेदक अपना आवेदन ऑनलाइन की प्रक्रिया के तहत तीनों स्तर में (जनसूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं द्वितीय अपील) देकर जानकारी प्राप्त कर पाएंगे। छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा आयोग हेतु rtionline.cg.gov.in वेबसाईट तैयार करवाई गई है, जिसमें आवेदक अपना आवेदन जनसूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं आयोग के समक्ष द्वितीय अपील आनलाइन प्रेषित कर सकेंगें। राज्य सूचना आयोग में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत आनलाइन वेबपोर्टल (rtionline.cg.gov.in) के साफ्टवेयर का लोकार्पण 12 अक्टूबर 2022 को दोपहर 12 बजे किया गया।

कुछ राज्यों में पहले से ही मौजूद है ऑनलाईन वेबपोर्टल।

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एमके राउत ने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण क्रमांक 1040/ 2019 प्रवासी लीगल सेल बनाम भारत संघ एवं अन्य में छत्तीसगढ़ शासन को भी नोटिस जारी किया गया था कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदन प्राप्ति हेतु ऑनलाईन पोर्टल का निर्माण करें। केन्द्रीय सूचना आयोग द्वारा एवं कुछ राज्यों में ऑनलाईन वेबपोर्टल बनाए गए है, जिसके द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत आवेदक जनसूचना अधिकारी/प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं द्वितीय अपील आवेदनों को ऑनलाईन भेज कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण यह है कि साथ ही अधिनियम के तहत वांछित शुल्क भी ऑनलाईन जमा कर सकते हैं। आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत करने हेतु पोर्टल में आवेदक स्वयं का रजिस्ट्रेशन करने के उपरांत जनसूचना अधिकारी, प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं आयोग में द्वितीय अपील ऑनलाईन भेज सकते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के दूरस्थ इलाकों के नागरिकों को इसका लाभ मिल पाएगा। आवेदक अपना आवेदन ऑनलाईन अपलोड करने के साथ-साथ ऑनलाईन शुल्क जमा कर सकते है। इससे आवेदकों को नॉन ज्यूडिशियल स्टाम्प/बैंक ड्राफ्ट/पोस्टल आर्डर/मनीआर्डर करने की आवश्यकता नहीं होगी। साथ ही विभागीय कार्यालयों में स्वयं आकर आवेदन जमा करने अथवा डाक के माध्यम से आवेदन भेजने की भी आवश्यकता नहीं होगी।

उन्होंने बताया कि ऑनलाईन शुल्क जमा करने के लिए आवेदक को तीन ऑप्शन दिए गए हैं। नेट बैंकिग के द्वारा, डेबिट/क्रेडिट कार्ड के द्वारा अथवा क्यू.आर. कोड की सहायता से किसी भी यूपीआई के माध्यम से स्केन कर शुल्क जमा किया जा सकता है।

छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के जनसूचना अधिकारी अपना रजिस्ट्रेशन इसी पोर्टल में ऑनलाईन कर सकते हैं। साथ ही प्रथम अपीलीय अधिकारियो एवं नोडल अधिकारी का विवरण भरकर संबंधितों को अग्रेषित कर सकते हैं। संबंधित प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं नोडल अधिकारी को वेरिफिकेशन करना होगा, उसके बाद रजिस्ट्रेशन पूर्ण हो जायेगा।

राज्य मुख्य सूचना आयुक्त ने बताया कि जनसूचना अधिकारी का पंजीयन होने से आवेदक भविष्य में जनसूचना अधिकारी को ऑनलाईन आवेदन भेज सकेगें साथ ही ऑनलाईन शुल्क जमा कर सकेगें। वर्तमान स्थिति में 517 कार्यालयों के जनसूचना अधिकारियों के रजिस्ट्रेशन पूर्ण हो जाने से 517 कार्यालयों में जनसूचना अधिकारियों के समक्ष आवेदन कर सकते हैं। इस पोर्टल में दस्तावेज शुल्क की मांग आवेदक से ऑनलाईन की जा सकेगी एवं आवेदक ऑनलाईन ही दस्तावेज शुल्क जमा भी कर पाएंगे। इस पोर्टल के माध्यम से आवेदक द्वारा शिकायत भी ऑनलाईन की जा सकेगी।

पोर्टल के माध्यम से ही आगामी सुनवाई की जानकारी, दस्तावेजी शुल्क जमा करने की जानकारी ऑनलाईन ही प्राप्त होगी। आयोग के निर्णय पहले भी आयोग की वेबसाईट में अपलोड हो रहे हैं, अब इस नवीन पोर्टल में ऑनलाईन ही अपलोड होंगे जो आवेदक अपने डेशबोर्ड में देख सकेंगे। ज्ञात है कि राज्य सूचना आयोग में सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के अन्तर्गत आनलाइन वेबपोर्टल (rtionline.cg.gov.in) के साफ्टवेयर का निर्माण एनआईसी (राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र मंत्रालय, भारत सरकार) के द्वारा तैयार किया गया है।

सीबीआई को शिकायत कैसे करें?

फिरोज अहमद खान (पत्रकार)

द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी शासन में युद्ध सम्बंधित खरीददारी में रिश्वतखोरी एवं भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने के लिए 1941 में एक विशेष पुलिस स्थापना (एसपीई) का गठन किया गया था। बाद में भारत सरकार की विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने के लिए इसे भारत सरकार की एक एजेंसी के रूप में दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीई) अधिनियम, 1946 के द्वारा अधिनियमित करने की औपचारिकता की गई थी। आजादी के बाद सन 1963 में भारत सरकार द्वारा अखिल-भारत एवं अंतरराज्य में विभाजित भारत की सुरक्षा, उच्च स्थानों पर भ्रष्टाचार, गंभीर छल, धोखाधड़ी एवं हेराफेरी एवं सामाजिक अपराधों, खासकर आवश्यक चीजों की जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी जैसे गम्भीर अपराधों की जांच करने की दृष्टि से केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) का गठन किया गया। सीबीआई को अपराध का अन्वेषण करने हेतु कानूनी शक्तियां डीएसपीई एक्ट, 1946 से प्राप्त हैं।

सीबीआई राज्य पुलिस द्वारा पंजीकृत आपराधिक मामलों की जांच को अपने हाथो में लेना।

कई मामलों में सीबीआई, राज्य पुलिस द्वारा पंजीकृत अपराधिक मामले अपने हाथ् में ले सकती है। जैसे संबंधित राज्य सरकार इस संबंध में अनुरोध करे एवं केंद्र सरकार राजी हो जाए (केंद्र सरकार राज्य की अनुरोध पर निर्णय करने से पहले सामान्यतः सीबीआई की टिप्पणी मांगती है) या डीएसपीई एक्ट की धारा 6 के अंतर्गत राज्य सरकार अधिसूचना जारी कर अपनी सहमति प्रदान करती है एवं केंद्र सरकार डीएसपीई एक्ट की धारा 5 के अंतर्गत अधिसूचना जारी करती है। या उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालयों द्वारा सीबीआई को वैसे जांच करने का निर्देश दिया जाए। 

सीबीआई किन-किन प्रकार के अपराधो का जांच कर सकती है?

समय के साथ सीबीआई एक बहु-विषयक अन्वेषण एजेंसी के रूप में विकसित हुई है। अपराध के अन्वेषण के लिए आज इसके पास निम्नलिखित 3 खण्ड हैं – (1) भ्रष्टाचार निरोधक मंडल – लोक कर्मियों एवं केंद्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, भारत सरकार के स्वामित्व या नियंत्रित निगमों या निकायों के कर्मियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 के अंतर्गत मामलों की जांच हेतु (2) आर्थिक अपराध खण्ड – वृह्द वित्तीय घोटालों एवं नकली भारतीय मुद्रा, बैंक फ्रॉड एवं साइबर अपराधों सहित गंभीर आर्थिक धोखाधड़ी की जॉच हेतु (3) विशेष अपराध खण्ड – राज्य सरकारों के अनुरोध पर या उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के निर्देश पर भारतीय दंड संहिता एवं अन्य कानून के अंतर्गत गंभीर, सनसनीखेज एवं संगठित अपराधों के अन्वेषण हेतु। सीबीआई जिन कानून के तहत अपराध का अन्वेषण करती है वह केंद्र सरकार के द्वारा डीएसपीई एक्ट की अधिनियम 3 के तहत अधिसूचित है।

राष्ट्रीय अन्वेषण एजेंसी (एनआईए) एवं सीबीआई के द्वारा जांच किए जाने वाले मामलों में विभिन्ताएं है।

नवंबर, 2008 में मुंबई में हुई आतंकी हमले के पश्चात आतंकी हमलों की घटनाओं, आतंकवाद को धन उपलब्ध कराने एवं अन्य आतंक संबंधित अपराधों का अन्वेषण के लिए एनआईए का गठन किया गया जबकि सीबीआई आतंकवाद को छोड़ भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराधों एवं गंभीर तथा संगठित अपराधों का अन्वेषण करती है।

सीबीआई स्वतः ही देश में घटित किसी भी प्रकार के अपराध का जांच कर सकती है?

नहीं। वैसे मौकों पर भी कार्यवाही की जा सकती है। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 की धारा 7 के अंतर्गत रिश्वत मांगना ही एक दंडनीय अपराध है। यह कहा जा सकता है कि रिश्वत स्वीकार करना एक लोकसेवक को अभियोजित करने हेतु अनिवार्य आवश्यकता नहीं है। एकत्रित सबूतों के द्वारा न्यायालय में यदि यह साबित हो जाता है कि लोकसेवक ने किसी सरकारी कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की थी, तो उस लोकसेवक को सिद्ध दोष किया जा सकता है। जाल बिछाना सबूत एकत्र करने का मात्र एक साधन है जिससे कि अपराध साबित किया जा कके। इसे इसलिए तरजीह दी जाती है कि, यह अच्छे सबूत एकत्र करने को बढ़ावा देता है और मामले को पक्का करता है। ट्रैप की अनुपस्थिति में रिश्वत की मांग के सबूत को एकत्र करना मुश्किल हो जाता है। इसका मतलब यह नहीं होता कि ट्रैप बिछाना अनिवार्य है और ट्रैप की अनुपस्थिति में कुछ भी नहीं किया जा सकता है।

एक ईमानदार लोकसेवक को क्या करना चाहिए, जब कोई व्यक्ति उसे रिश्वत देने का प्रस्ताव करता है ?

ऐसे मामलों में एक ईमानदार व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति से ऐसे प्रस्ताव मिलने पर सीबीआई को शीघ्र सूचित करना चाहिए। वस्तुतः एक ईमानदार लोकसेवक को चाहिए कि वो वैसे व्यक्तियों को नजरअंदाज या सिर्फ फटकारें नहीं बल्कि उन्हें दंडित करने हेतु कदम उठाएं। इससे संदिग्ध व्यक्तियों में रिश्वत देने के प्रति डर बैठेगा। 

क्या सीबीआई ऐसे दलालों और बिचौलियों के विरुद्ध भी कार्रवाई करती है ?

यह अक्सर सुना जाता है कि उच्च पदों पर आसीन लोक सेवक सीधे तौर पर रिश्वत की न तो मांग करते हैं और न ही लेते हैं बल्कि वे किसी दलाल या बिचौलिए के माध्यम से लेते हैं। भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 की धारा 8 एवं 9 में वैसे दलालों/बिचौलियों को दंडित करने का प्रावधान है। वैसे दलालों/बिचौलियों के विरुद्ध सूचना/शिकायत मिलने पर सीबीआई उनके विरुद्ध शिकायतकर्ता या अन्य दूसरे तरीके से ट्रैप बिछाती है। इसके साथ ही सीबीआई संबंधित लोकसेवक के विरुद्ध भी सबूत इकट्ठा करने का प्रयास करती है जिसकी ओर से ये दलाल/बिचौलिए सक्रिय रहते हैं। वैसे लोकसेवक भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 की धारा 10 के अंतर्गत दंडित किए जा सकते हैं। सीबीआई आम जनता से यह अनुरोध करती है कि केंद्रीय सरकार के लोक कार्यालयों में सक्रिया वैसे जाने पहचाने दलालों/बिचौलियों के संबंध में सूचना उपलब्ध कराएं। सीबीआई अपने स्तर पर वैसी सूचनाओं के सत्यापन हेतु कदम उठाती है और वैसे दलालों/बिचौलियों के विरुद्ध बिना शिकायतकर्ता के भी कार्यवाही सुनिश्चित करती है।

हम अक्सर अपने बीच भ्रष्ट लोकसेवकों को एक विलासितापूर्ण जीवनशैली जीते हुए और आय से अधिक संपत्ति रखते हुए देखते हैं। क्या सीबीआई ऐसे लोक सेवकों के विरुद्ध कार्यवाही कर सकती है ?

करती है। किसी लोकसेवक द्वारा आमदनी के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति रखना या खर्च करना भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 की धारा 13 के तहत दंडनीय है। सीबीआई जनता से वैसे लोकसेवकों की संपत्तियों एवं खर्चे का विशिष्ट विवरण उपलब्ध कराने हेतु अनुरोध करती है। सामान्य एवं अस्पष्ट सूचना उपलब्ध कराने से कोई मदद नहीं मिलती है। वैसी विशिष्ट विवरण प्राप्त होने पर सीबीआई उसकी गोपनीय सत्यापन करता है और यदि सूचना सत्य पाई जाती है तो आपराधिक मामला दर्ज कर वैसे लोकसेवकों के परिसर पर छापा मारता है।

क्या सीबीआई में आंतरिक सतर्कता स्थापित है ?

सीबीआई में अपने कर्मियों के आचरण पर पैनी निगाह रखने हेतु एक अत्यंत मजबूत आंतरिक सतर्कता व्यवस्था है। सीबीआई में अपने कर्मियों की सत्यनिष्ठा के मामले में शून्य सहनशीलता है। इस बात की सत्यता इससे जाहिर होती है कि सीबीआई अपने ही कर्मियों के विरुद्ध आपराधिक मामला पंजीकृत करने से बिल्कुल नहीं हिचकिचाती है, जब वैसे कर्मियों के द्वारा भ्रष्टाचार किया जाता है।

जांच में सीबीआई इतना समय क्यों लेती है ?

जांच के संचालन में सीबीआई अधिकतम पेशेवराना आचरण अपनाती है। जांच के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के उपयोग पर अत्याधिक जोर दिया जाता है। फॉरेंसिक प्रयोगशालाओं एवं अन्य विशेषज्ञों जैसे (जीईक्यूडी) के द्वारा सबूतों के मूल्यांकन की आवश्यकता होती है। इसमें अक्सर समय लगता है। सीबीआई के कई मामलों में विदेशों में अन्वेषण की आवश्यकता होती है। विदेश में सबूत इक्ट्ठे करना कई बाह्य कारकों पर निर्भर करती है जिस पर सीबीआई का कोई नियंत्रण नहीं होता है। संबंधित देश को अनुमति हेतु पत्र जारी किए जाते हैं एवं उस देश के विधि प्रवर्तन एजेंसियों से सबूत इक्ट्ठा करने का आग्रह किया जाता है। इससे विलम्ब होता है।

सीबीआई अपराध की जांच के अलावा क्या महत्वपूर्ण कार्य करती है ?

सीबीआई को भारत का इंटरपोल अधिसूचित किया गया है। सीबीआई की गाजियाबाद में एक प्रशिक्षण अकादमी है जहां पर यह विभिन्न विषयों पर न सिर्फ अपने अधिकारियों के लिए बल्कि अन्य देशों के अधिकारियों सहित राज्य एवं केंद्र शासित पुलिस संगठनों के अधिकारियों, सार्वजनिक उपक्रमों, बैंकों इत्यादि के सतर्कता अधिकारियों के लिए भी प्रशिक्षण का आयोजन किया जाता है।

सीबीआई में ऑनलाईन शिकायत भी की जा सकती है (वेबसाईट की लिंक नीचे दी गई है) 

https://cbi.gov.in/submit-tip

पुलिस के अत्याचार की शिकायत कैसे करें?

पुलिस एवं किसी दबंग द्वारा प्रताड़ित किए जाने पर पीड़ित कैसे मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज करें। जब शिकायत ऑनलाईन करने की बात आती है, तो ऐसी स्थिति में लोगो को काफी दिक्कत आती है और वह ऑनलाईन शिकायत दर्ज कराने के लिए रास्ता ढूंढते है। ऑनलाईन शिकायत दर्ज कराने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है की आप अपनी शिकायत की स्थिति को ऑनलाईन भी चेक कर सकते है और आयोग यह भी नहीं कह सकता है कि, आपकी शिकायत प्राप्त ही नहीं हुई है। अर्थात कोई बाहना भी नहीं बना सकता है।

राजहरा खबर आपको बतायेगा है कि कैसे मानवाधिकार आयोग में ऑनलाईन शिकायत दर्ज करें- कृपया किसी भी ब्राउज़र सैटिंग में को पॉप अप सहित स्वीकृत करें। केवल अंग्रेजी में ही विवरण भरें।

आपका विवरण

नाम – पूरा नाम लिखें।

लिंग – सूची में से लिंग का चयन करें।

पता – पत्र व्यवहार हेतु पूरा पता लिखें।

राज्य – सूची से राज्य के नाम का चयन करें।

जिला – सूची से जिला के नाम का चयन करें।

आपके इलाके का पिन कोड/ई-मेल आईडी तथा मोबाइल नंबर (यदि उपलब्ध हो)

पीड़ित का विवरण

नाम – पीड़ित का पूरा नाम लिखें।

पता – पीड़ित का पूरा पता लिखें।

राज्य – सूची से राज्य के नाम का चयन करें, जहां से पीड़ित संबंधित हो।

जिला – सूची से जिला के नाम का चयन करें, जहां से पीड़ित संबंधित हो।

लिंग – सूची में से पीड़ित के लिंग का चयन करें, यदि एक से अधिक पीड़ित हों तो ग्रुप विकल्प का चयन करें।

आपके इलाके का पिन कोड (यदि उपलब्ध हो)

दिव्यांगता – सूची में से पीड़ित की दिव्यांगता स्थिति का चयन करें।

आयु – पीड़ित की आयु वर्ष में लिखें।

धर्म – सूची में से पीड़ित का धर्म का चयन करें।

जाति – सूची में से पीड़ित की जाति का चयन करें।

घटना का विवरण

स्थान – घटना का सही स्थान अर्थात इलाका, गांव, शहर, नगर आदि।

राज्य – सूची से राज्य के नाम का चयन करें, जहां घटना घटित हुई है।

जिला – सूची से जिला के नाम का चयन करें, जहां घटना घटित हुई है।

घटना की तिथि – घटना की तिथि (दिन/महीना/वर्ष) लिखें।

घटना की श्रेणी – सूची से घटना की श्रेणी का चयन करें जिससे घटना संबंधित है।

घटना की उपश्रेणी – सूची से घटना की उपश्रेणी का चयन करें जिसमें घटना की प्रकृति को विशेष रूप से दर्शाया गया हो।

शिकायत लिखें – घटना/शिकायत के तथ्यों/आरोपों का संक्षिप्त विवरण।

क्या इसे किसी न्यायालय/राज्य मानव अधिकार आयोग के समक्ष दर्ज़ किया गया है उस विकल्प का चयन करें जहां इस घटना की शिकायत को किसी न्यायालय अथवा मानव अधिकार आयोग के समक्ष दर्ज़ किया गया हो।

राहत का विवरण

लोकसेवक का नाम, पदनाम एवं पता – उस लोकसेवक/अधिकारी का पूर्ण विवरण लिखें जिसके विरुद्ध शिकायत की गई है।

जिसके लिए राहत मांगी गई है – मानव अधिकारों के उल्लंघन के विरुद्ध मांगी गई राहत का पूर्ण विवरण लिखें। 

ऑनलाईन शिकायत का लिंक-

https://nhrc.nic.in/lodge-complaint-track-status

आप चाहे तो इसी फार्मेट में ऑफलाईन अर्थात एक सादे कागज में डाक के माध्यम से भी शिकायत कर सकते है

Chairperson, National Human Rights Commission, Manav Adhikar Bhawan, Blcok-c, GPO Complex, INA, New Delhi – 110023

अपने बच्चों का रखें ध्यान, प्रदेश में घूम रहे बच्चा चोर।

मोबीन खान (संवाद सहयोगी), दुर्ग भिलाई। छत्तीसगढ़ में अंतरराज्यीय बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। दुर्ग जिले के खुर्सीपार पुलिस ने शहर में बच्चा चोरी करने वाले पांच लोगों को पकड़ा है। ये सभी मध्यप्रदेश के शहडोल के रहने वाले हैं। मंगलवार को भी इस गिरोह ने बच्चा चोरी करने का प्रयास किया लेकिन 6 आरोपियों को आम नागरिकों की मदद से पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं दो आरोपी फरार हैं।

दरअसल इस गिरोह के सदस्यों ने पुलिस को बताया कि वे सब रेकी कर बच्चा चोरी करने का काम करता है। जिसके बाद बच्चों को बड़े शहरों में बेच दिया जाता है। फिर मुख्य सरगना उनसे भीख मंगवाता है। या फिर हैदराबाद, मुंबई, पंजाब जैसे शहरों में बच्चो के शरीर के कीमती अंग (आर्गन) की खरीद फरोख्त करने वाले गैंग को बेचते है। जिससे उन्हें लाखो रुपए मिल जाते हैं। ये गिरोह खास तौर पर 3 से 5 साल के बच्चों को अपना निशाना बनाते है।

सभी आरोपी दुर्ग के रेलवे स्टेशन में रहते थे। पुलिस को दिए बयान में आरोपियों ने बताया है कि वे तीन दिन पहले ही दुर्ग आए हैं, और दुर्ग में रेलवे स्टेशन के पास डेरा जमाकर रह रहे थे। बच्चा चोर गिरोह के 8 में से 6 सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन मुख्य आरोपी समेत एक महिला फरार हो गए हैं। जिसमें बच्चों को हैदराबाद में बेचने वाला मास्टरमाइंड और एक महिला शामिल हैं। ये गिरोह दो वर्षों से छत्तीसगढ़, गुजरात, हैदराबाद और ओडिसा जैसे राज्यों में घूम घूमकर बच्चा चोरी करता रहा है।

दरअसल इस पूरे मामले में आरोपियों ने मंगलवार शाम को ख़ुर्शीपार क्षेत्र से बच्चा चोरी करने की योजना बनाई। योजना के तहत 4 महिलाएं और 1 पुरुष खुर्सीपार जोन 2 इलाके में रेकी कर मौके की तलाश में थे। इसी दौरान ख़ुर्शीपार भिलाई निवासी कृष्णा सोनी के घर के बाहर खेल रही 6 साल की बेटी और 4 साल के बेटे को चॉकलेट खिलाया और अपने साथ ले जा रहे थे।

बच्चों को चॉकलेट खिलाकर आरोपी महिलाएं अपने साथ ले जा रहे थे। लेकिन आसपास के रहवासियों ने बच्चों को अंजान लोगों के साथ घूमता देखकर शोर मचाया। लोगों को शोर मचाता देख आरोपी भागने लगे। लेकिन लोगों ने 4 महिलाओं को दौड़ाकर पकड़ा और पुलिस थाने में इसकी सूचना दी। पुलिस ने महिलाओं के जरिए फरार एक आरोपी से संपर्क किया और बालक नाथ मंदिर के पास मिलने बुलाया। आरोपी के मंदिर के पास पहुंचे ही उसे भी पकड़ लिया गया। मामले में जांच जारी है।

एसपी अभिषेक पल्लव ने बताया कि गैंग से पहचान पत्र जब्त किए गए हैं। इन दस्तावेजों के जरिए एक टीम को गैंग की जानकारी जुटाने के लिए जल्द ही शहडोल भेजा जाएगा। जिससे गिरोह के संबंध में जानकारी जुटाई जा सके। ये गिरोह बच्चा चोरी करने में माहिर है। भिखारियों की तरह रेकी करके ये बच्चो की चोरी करते थे। फिलहाल आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इसके साथ ही एक फरार मास्टर माइंड का मोबाइल लोकेशन पुलिस खंगाल रही है।

राष्ट्रीय खेलों की कॉमेंट्री करेंगे जसवंत क्लाडियस

बालोद, 28 सितंबर

गुजरात में गुरुवार से होने वाले 36वें राष्ट्रीय खेलों में छत्तीसगढ़ के अंतरराष्ट्रीय टेलीविजन कामेंट्रेटर जसवंत क्लाडियस को कॉमेंट्री के लिए आमंत्रित किया गया है। राष्ट्रीय खेलों में गुजरात के 6 शहरों में खेल प्रतियोगिता होगी।

जसवंत क्लाडियस, डीडी न्यूज चैनल के लिए तीरअंदाजी और मलखम्ब की हिंदी में कॉमेंट्री करेंगे। तीरअंदाजी के मुकाबले 30 सितंबर से 06 अक्तूबर तक तथा 07 अक्तूबर से 11 अक्तूबर तक मलखम्ब के मुकाबले होंगे। सन 2001 से टेलीविजन पर लाईव कॉमेंट्री करने वाले 64 वर्षीय जसवंत क्लाडियस का यह तीसरा संस्करण है। जिनमे उन्हे आंखों देखा हाल सुनाने का अवसर दिया गया है। इससे पहले 2011 झारखंड व 2015 केरल में हुए राष्ट्रीय खेलों में जीवंत लाईव कॉमेंट्री सुना चुके है। जसवंत क्लाडियस छत्तीसगढ़ के अकेले कॉमेंट्रेटर है जिन्हे रेडियो एवं टेलीविजन में अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं की लाईव कॉमेंट्री का गौरव प्राप्त है। वरिष्ठ खेल पत्रकार जसवंत क्लाडियस को छत्तीसगढ़ शासन ने शहीद विनोद चौबे अवार्ड से 2017 में सम्मानित किया है।

छत्तीसगढ़ में साइबर पुलिस की स्पेशल ट्रेनिंग

फिरोज अहमद खान (संवाददाता)
रायपुर : छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों की धरपकड़ अब और अधिक आसान हो जाएगी। साइबर अपराधियों की ट्रेकिंग के लिए साइकेप्स पोर्टल विकसित किया गया है। छत्तीसगढ़ में साइबर अपराधियों की धरपकड़ अब और अधिक आसान हो जाएगी। नवा रायपुर स्थित पुलिस मुख्यालय में इस पोर्टल के संचालन के लिए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण सत्र के शुभारंभ अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (तकनीकी सेवाएं) प्रदीप गुप्ता ने साइबर अपराध के मामलों में वृद्धि को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने साइबर अपराधियों के खिलाफ जांच के लिए विकसित CyCAPS पोर्टल की सराहना करते हुये प्रशिक्षण में शामिल पुलिस अधिकारी व कर्मचारियों को पोर्टल में उपलब्ध टूल्स को लेकर जानकारी साझा की और इसके प्रभावी उपयोग पर बल दिया।

इस प्रशिक्षण में इंटेलीजेंस डिपार्टमेंट (तेलंगाना पुलिस) में स्पेशल सेल के पुलिस अधीक्षक देवेन्दर सिंह ने पोर्टल के संचालन के बारे में पुलिस कर्मियों को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया गया कि साइबर अपराधियों की ट्रेकिंग और धरपकड़ के लिए CyCAPS Portal विकसित किया गया है, जो विभिन्न डेटाबेस जैसे NCRP [Cyber Safe] CCTNS इत्यादि से जुड़ा हुआ है।

देवेंदर सिंह ने बताया कि पोर्टल की मदद से साइबर अपराधियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जैसे साइबर अपराध, शिकायत की संख्या, साइबर अपराध के हॉटस्पाट, प्रोफाइल, डिवाइस व वित्तीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां एक मंच पर उपलब्ध है, जिससे साइबर अपराधियों की धरपकड़ में सहायता मिलेगी।

उन्होंने बताया कि इस पोर्टल में समस्त जिलों का लॉगिन आईडी बनाया गया है ताकि जिला स्तर पर समस्त इकाई को पोर्टल का एक्सेस प्राप्त हो सके। प्रशिक्षण में पुलिस उप महानिरीक्षक राजनांदगांव राम गोपाल गर्ग, पुलिस मुख्यालय से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (तकनीकी सेवायें) कवि गुप्ता व सभी जिलों के साइबर नोडल अधिकारी एवं साइबर सेल प्रभारी वर्चुअल माध्यम से सम्मिलित हुए।

भाड़ में जाये बच्चे, हम तो हैं उम्र के कच्चे। विद्यार्थी भटकते रहे गुरुजन नाच-गाने में मस्त।

अर्जुन झा | जगदलपुर, 06 सितम्बर।

लईका मनबर मया नई हे के धून पर शिक्षक-शिक्षिकाएं थिरकते नजर आए। जगदलपुर कृषि उपज मंडी प्रांगण में शिक्षक-शिक्षिकाएं तोर बर मया लागे ओ… तथा अन्य छत्तीसगढ़ी गानों पर नाच गानों में मस्त दिखे। शिक्षक-शिक्षिकाओं की मांग जरूरी भी थी लेकिन अपने कर्तव्य से विमुख होकर बच्चो की पढ़ाई को दांव पर लगाना क्या सही था?

छत्तीसगढ़ी में हम यह भी कह सकते हैं कि आंदोलनकारी शिक्षिकाओं के मन मा लईका मन बर मया नई दिखिस। वहीं दूसरी ओर नृत्य संगीत में मग्न शिक्षक-शिक्षिकाओं को देखकर ऐसा लगता था, गोया कि वे कह रहे हों भाड़ में जाये बच्चे अभी हम तो हैं उमर के कच्चे। कुल मिलाकर इस आंदोलन की वजह से विद्यार्थियों की पढ़ाई का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कैसे होगी यह सवाल पालकों को सताये जा रहा है।

कोरोना काल का खामियाजा भोग चुके स्कूली विद्यार्थियों के लिए शिक्षक-शिक्षिकाओं ने लंबी हड़ताल पर दोहरी मुसीबत खड़ी कर दी। हड़ताल के दौरान बस्तर संभाग के विद्यार्थी शालाओं में पहुंचते तो रहे है लेकिन उन्हें पढ़ाने वाला कोई मौजूद नहीं था। नतीजतन विद्यार्थी यहां-वहां भटकते नजर आये। वहीं दूसरी ओर हड़ताली शिक्षक-शिक्षिकाएं आंदोलन स्थल पर संगीत की धून पर नाच गाने में मशगूल रहे। ऐसा लग रहा था मानों नृत्यरत शिक्षक-शिक्षिकाएं कह रहे हों भाड़ में जाए बच्चे हम तो हैं अभी उमर के कच्चे। कोरोना के देशव्यापी प्रकोप से छत्तीसगढ़ भी अछूता नहीं था कोरोना के चलते दो साल से भी अधिक समय तक स्कूल-कॉलेजों में अध्ययन-अध्यापन पूरी तरह ठप्प रहा। विद्यार्थियों को ऑनलाइन एग्जाम या फिर जनरल प्रमोशन के माध्यम से अगली कक्षाओं में प्रमोट किया गया। प्रत्यक्ष अध्यापन से विद्यार्थियों का जैसा ज्ञान परिमार्जन हो पाता है वैसा इस अवधि में नहीं हो पाया वहीं दूसरी ओर ज्यादातर सरकारी नौकरियों में जनरल प्रमोशन या ऑनलाईन से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को अपेक्षाकृत वरीयता नहीं मिल पाती। मसलन यह कि विद्यार्थियों का दो साल यूं ही ज़ाया (बर्बाद) हो गया।

ले-देकर मौजूदा शिक्षा सत्र में स्कूल कॉलेज खूले भी तो प्रदेश के अन्य अधिकारी-कर्मचारी के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी हड़ताल पर चले गए। उनकी हड़ताल काफी लंबी चली शिक्षक-शिक्षिकाएं संभाग व जिला मुख्यालयों में एकत्र होकर आंदोलनरत रहे। बस्तर संभाग के भी शिक्षक कृषि उपज मंडी प्रांगण में जुटे रहे। इस दौरान आंदोलन के पंडाल में गीत-संगीत का भी दौर जमकर चला। गीत-संगीत की धून पर शिक्षक-शिक्षिकाएं नृत्य भी करते नजर आये।

क्यों मनाया जाता मुहर्रम?

मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर का पहला महीना है। ये महीना इस्लाम में बहुत महत्व रखता है। मुस्लिम धर्म में ये पवित्र महीनों में से एक है। रमजान के बाद दूसरा सबसे पवित्र महीना मुहर्रम होता है। ये ग़म का महीना है इसी महीने हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी, लेकिन कुछ कमअक्ल लोग इसे मुबारकबाद व बधाई देकर सोशल मीडिया पर संदेश भेजते है। इस साल मुहर्रम  31 जुलाई से शुरु हुआ है. मुहर्रम का 10वां दिन या 10वीं तारीख को यौम-ए-आशूरा के नाम से जाना जाता है। इस दिन मुस्लिम समुदाय के लोग हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए मातम मनाते हैं। ये इस्लाम धर्म का प्रमुख दिन माना जाता है। हजरत इमाम हुसैन, इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे थे। कब है आशूरा और इस दिन का ऐतिहासिक महत्व क्या है? आइए जाने।

मुहर्रम गम और मातम का महीना है, जिसे इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग दुख मनाते हैं। इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक, मुहर्रम इस्लाम धर्म का पहला महीना होता है। यानी मुहर्रम इस्लाम के नए साल या हिजरी सन् का शुरुआती महीना है। मुहर्रम बकरीद के पर्व के 20 दिनों के बाद मनाया जाता है। इस बार मुहर्रम का महीना 31 जुलाई से शुरू हुआ है। ऐसे में 8 या 9 अगस्त को आशूरा या मुहर्रम मनाया जाएगा। इस्लाम धर्म के लोगों के लिए यह महीना बहुत अहम होता है, क्योंकि इसी महीने में हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी। हजरत इमाम हुसैन इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मुहम्मद साहब के छोटे नवासे थे। उनकी शहादत की याद में मुहर्रम के महीने के दसवें दिन को लोग मातम के तौर पर मनाते हैं, जिसे आशूरा भी कहा जाता है।चलिए जानते हैं मुस्लिम धर्म के दूसरे सबसे पवित्र माह मुहर्रम के इतिहास, महत्व, हजरत इमाम हुसैन और ताजियादारी के बारे में सबकुछ।

क्यों मनाया जाता है मुहर्रम?
इस्लाम धर्म की मान्यता के मुताबिक, हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ मोहर्रम माह के 10वें दिन कर्बला के मैदान में शहीद हो गए थे। उनकी शहादत और कुर्बानी के तौर पर इस दिन को याद किया जाता है। कहा जाता है कि इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह था, जो इंसानियत का दुश्मन था। यजीद को अल्लाह पर विश्वास नहीं था। यजीद चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन भी उनके खेमे में शामिल हो जाएं। हालांकि इमाम साहब को यह मंजूर न था। उन्होंने बादशाह यजीद के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया। इस जंग में वह अपने बेटे, घरवाले और अन्य साथियों के साथ शहीद हो गए।

कौन थे हजरत इमाम हुसैन?
हजरत इमाम हुसैन पैगंबर ए इस्लाम हजरत मुहम्मद साहब के नवासे थे। इमाम हुसैन के वालिद यानी पिता का नाम मोहतरम ‘शेरे-खुदा’ अली था, जो कि पैगंबर साहब के दामाद थे। इमाम हुसैन की मां बीबी फातिमा थीं। हजरत अली मुसलमानों के धार्मिक-सामाजिक और राजनीतिक मुथिया थे। उन्हें खलीफा बनाया गया था। कहा जाता है कि हजरत अली के निधन के बाद लोग इमाम हुसैन को खलीफा बनाना चाहते थे लेकिन हजरत अमीर मुआविया ने खिलाफत पर कब्जा कर लिया। मुआविया के बाद उनके बेटे यजीद ने खिलाफत अपना ली। यजीद क्रूर शासक बना। उसे इमाम हुसैन का डर था। इंसानियत को बचाने के लिए यजीद के खिलाफ इमाम हुसैन ने कर्बला की जंग लड़ी और शहीद हो गए।

कैसे मनाया जाता है मुहर्रम?
मुहर्रम के 10वें दिन यानी आशूरा के दिन ताजियादारी की जाती है। इमाम हुसैन की इराक में दरगाह है, जिसकी हुबहू नकल कर ताजिया बनाई जाती है। शिया उलेमा के मुताबिक, मोहर्रम का चांद निकलने की पहली तारीख को ताजिया रखी जाती है। इस दिन लोग इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया और जुलूस निकालते हैं। हालांकि ताजिया निकालने की परंपरा सिर्फ शिया समुदाय में ही होती है।

कर्बला की लड़ाई
आज से लगभग 1400 साल पहले तारीख-ए-इस्लाम में कर्बला की जंग हुई थी। ये जंग जुल्म के खिलाफ इंसाफ के लिए लड़ी गई थी। इस्लाम धर्म के पवित्र मदीना से कुछ दूर ‘शाम’ में मुआविया नामक शासक का दौर था। मुआविया की मृत्यु के बाद शाही वारिस के रूप में यजीद, जिसमें सभी अवगुण मौजूद थे, वह शाम की गद्दी पर बैठा। यजीद चाहता था कि उसके गद्दी पर बैठने की पुष्टि इमाम हुसैन करें क्योंकि वह मोहम्मद साहब के नवासे हैं और वहां के लोगों पर उनका अच्छा प्रभाव है। यजीद जैसे शख्स को इस्लामी शासक मानने से हजरत मोहम्मद के घराने ने साफ इनकार कर दिया था क्योंकि यजीद के लिए इस्लामी मूल्यों की कोई कीमत नहीं थी। यजीद की बात मानने से इनकार करने के साथ ही उन्होंने यह भी फैसला लिया कि अब वह अपने नाना हजरत मोहम्मद साहब का शहर मदीना छोड़ देंगे ताकि वहां अमन कायम रहे। इमाम हुसैन हमेशा के लिए मदीना छोड़कर परिवार और कुछ चाहने वालों के साथ इराक की तरफ जा रहे थे। लेकिन करबला के पास यजीद की फौज ने उनके काफिले को घेर लिया। यजीद ने उनके सामने शर्तें रखीं जिन्हें इमाम हुसैन ने मानने से साफ इनकार कर दिया। शर्त नहीं मानने के एवज में यजीद ने जंग करने की बात रखी। यजीद से बात करने के दौरान इमाम हुसैन इराक के रास्ते में ही अपने काफिले के साथ फुरात नदी के किनारे तम्बू लगाकर ठहर गए। लेकिन यजीदी फौज ने इमाम हुसैन के तम्बुओं को फुरात नदी के किनारे से हटाने का आदेश दिया और उन्हें नदी से पानी लेने की इजाजत तक नहीं दी। इमाम जंग का इरादा नहीं रखते थे क्योंकि उनके काफिले में केवल 72 लोग शामिल थे। जिसमें छह माह का बेटा उनकी बहन-बेटियां, पत्नी और छोटे-छोटे बच्चे शामिल थे। यह तारीख एक मोहरर्म थी, और गर्मी का वक्त था। गौरतलब हो कि आज भी इराक में (मई) गर्मियों में दिन के वक्त सामान्य तापमान 50 डिग्री से ज्यादा होता है। सात मोहर्रम तक इमाम हुसैन के पास जितना खाना और खासकर पानी था वह खत्म हो चुका था। इमाम सब्र से काम लेते हुए जंग को टालते रहे। 7 से 10 मुहर्रम तक इमाम हुसैन उनके परिवार के मेंबर और अनुनायी भूखे प्यासे रहे। 10 मुहर्रम को इमाम हुसैन की तरफ एक-एक करके गए हुए शख्स ने यजीद की फौज से जंग की। जब इमाम हुसैन के सारे साथी मारे जा चुके थे तब असर (दोपहर) की नमाज के बाद इमाम हुसैन खुद गए और वह भी मारे गए। इस जंग में इमाम हुसैन का एक बेटे जैनुल आबेदीन जिंदा बचे क्योंकि 10 मोहर्रम को वह बीमार थे और बाद में उन्हीं से मुहमम्द साहब की पीढ़ी चली। इसी कुर्बानी की याद में मोहर्रम मनाया जाता है। कर्बला का यह वाकया इस्लाम की हिफाजत के लिए हजरत मोहम्मद के घराने की तरफ से दी गई कुर्बानी है।

आशूरा के दिन का ऐतिहासिक महत्व
इस्लाम धर्म की मान्यताओं के अनुसार, करीब 1400 साल पहले अशुरा के दिन इमाम हुसैन का कर्बला की लड़ाई में सिर कलम कर दिया था और उनकी याद में इस दिन जुलूस और ताजिया निकालने की रिवायत है। अशुरा के दिन तैमूरी रिवायत को मानने वाले मुसलमान रोजा-नमाज के साथ इस दिन ताजियों-अखाड़ों को दफन या ठंडा कर शोक मनाते हैं।

शिया समुदाय निकालता है ताजिया
आशूरा के दिन इस्लाम धर्म में शिया समुदाय के लोग ताजिया निकालते हैं और मातम मनाते हैं। इराक में हजरत इमाम हुसैन का मकबरा है, उसी मकबरे की  तरह का ताजिया बनाया जाता है और जुलूस निकाला जाता है।
इस्लाम धर्म में यह कोई त्योहार नहीं बल्कि मातम का दिन होता है, जिसमें शिया मुस्लिम दस दिन तक इमाम हुसैन की याद में शोक मनाते हैं। इमाम हुसैन अल्लाह के रसूल यानी मैसेंजर पैगंबर मोहम्मद के नवासे थे। 

डिस्क्लेमर:
”इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।”

हाईकोर्ट का फैसला: अब समय पर जानकारी नही दी तो जुर्माना लगेगा 5% ब्याज

कमल अग्रवाल ( हरिद्वार उत्तराखंड/ रीवा मध्य प्रदेश)

( 01 ) RTI की जानकारी नही देने पर लगेंगे हर्जाने पर व्याज

( 02 )  110 वें RTI वेबिनार में हुआ बड़ा खुलासा

( 03)  आरटीआई कानून को लेकर हाईकोर्ट कर्नाटक का बड़ा फैसला बना चर्चा का विषय

( 04) अब लोक सूचना अधिकारियों की खैर नहीं।

आरटीआई कानून को लेकर हाईकोर्ट कर्नाटक का एक बड़ा फैसला सामने आया है। रिट पिटिशन क्रमांक 4913/2022 सिजो सेबेस्टियन बनाम कर्नाटक राज्य के एक मामले में 26 जुलाई 2022 को जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित ने अपने फैसले में कहा कि जिस प्रकार सरकारी विभाग आम व्यक्ति को परेशान करते हैं और जानकारी समय पर नहीं देते उनके लिए यह आंख खोलने वाला आदेश होगा। उन्होंने अपने फैसले में कर्नाटक स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े हुए एक मामले में खंड शिक्षा अधिकारी को 25 हज़ार रुपये का जुर्माना लगाया है और 10 हज़ार रुपये का हर्जाना देने के लिए आदेश दिए हैं।

साथ ही यदि हर्जाना आदेश के तुरंत बाद नहीं दिया जाता तो प्रथम माह में वार्षिक तौर पर 3 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से ब्याज लगेगा और यदि एक माह का समय व्यतीत होता है तो अगले माह से 5 प्रतिशत वार्षिक दर से ब्याज लगाया जाएगा।

इसी बात को लेकर आरटीआई रिवॉल्यूशनरी ग्रुप और इससे जुड़े हुए कई सामाजिक संगठनों द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर 110 वां आरटीआई वेबीनार का आयोजन किया गया

जिसमें मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त राहुल सिंह, पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त शैलेश गांधी, पूर्व मध्य प्रदेश राज्य सूचना आयुक्त आत्मदीप, राजस्थान से आरटीआई एक्टिविस्ट ताराचंद्र जांगिड़, उत्तराखंड से आरटीआई वीरेंद्र कुमार ठक्कर, जोधपुर राजस्थान से सुरेंद्र जैन एवं लखनऊ उत्तर प्रदेश से आलोक कुमार सिंह सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी बातें रखी और कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में डिस्कशन के दौरान विभिन्न प्रकार के हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अन्य आदेशों पर चर्चा की गई और बताया गया कि कर्नाटक हाई कोर्ट का जो वर्तमान में हर्जाने पर ब्याज लगाने जैसा आदेश हुआ है यह अपने आप में अद्वितीय है।

(सूचना छुपाने वाले लोक सूचना अधिकारियों की खैर नहीं, आवेदकों को देना होगा हर्जाना और उस पर लगेगी ब्याज)

राष्ट्रीय स्तर के वेबीनार कार्यक्रम के दौरान यह बात सामने आई कि देश के सभी सूचना आयोग अब इसी तर्ज पर काम करेंगे तो आरटीआई कानून को मजबूती मिलेगी। जिस प्रकार लोक सूचना अधिकारियों के द्वारा अक्सर धारा 8, 9 अथवा 11 का हवाला देते हुए सूचना छिपाने का काम किया जाता है उससे कहीं न कहीं जो आवेदक हैं वह काफी प्रताड़ित होते हैं और उन्हें प्रथम, द्वितीय अपील के साथ-साथ सूचना आयोग में शिकायत और फिर बाद में हाई कोर्ट में रिट पिटिशन लगाना पड़ता है।

इसी बात को ध्यान रखते हुए कर्नाटक हाई कोर्ट से जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित के द्वारा दिनांक 26 जुलाई 2022 को उक्त विषय में दिया गया आदेश लैंडमार्क निर्णय के तौर पर देखा जा रहा है। वेबीनार में उपस्थित विशेषज्ञों शैलेश गांधी और आत्मदीप सहित अन्य आरटीआई एक्टिविस्ट के द्वारा यह बात रखी गई कि निश्चित तौर पर यह फैसला आगे आने वाले समय में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और लोक सूचना अधिकारियों पर हर्जाने के साथ ब्याज भी लगाई जाएगी।

कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता शिवानंद द्विवेदी के द्वारा किया गया जबकि सहयोगियों में वरिष्ठ पत्रिका समूह के  मृगेंद्र सिंह, अधिवक्ता नित्यानंद मिश्रा, छत्तीसगढ़ से आरटीआई एक्टिविस्ट देवेंद्र अग्रवाल, अधिवक्ता शिवेंद्र मिश्रा, अंबुज पांडे एवं आरटीआई मीडिया सेल से पवन दुबे रहे।

बच्चों में मोबाइल की लत कितनी खतरनाक?

विशेषज्ञों की माने तो मोबाईल के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों के दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। ज्यादा मोबाईल इस्तेमाल करने वाले बच्चो की आंख भी कमजोर हो जाती है।

बच्चों में बढ़ते मोबाइल के क्रेज ने माता-पिता  की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ कोरोना ने भी इस लत को और भी ज्यादा बढ़ाने का काम किया है। इसका अंदेशा इसी बात लगाया जा सकता है कि आज के आधुनिक समय में 3 से 4 साल के बच्चों के हाथ में भी मोबाइल दिख जाता है। बच्चों के हाथ में मोबाईल देने से मात-पिता को कुछ समय के लिए तो राहत मिलती है, लेकिन क्या बच्चा सोशल मीडिया पर अपने उम्र के हिसाब से सही चीजें देख रहा है या नहीं इसका पता कुछ देर बाद लगता है और तब तक उसके दिमाग में वो चीजें छप चुकी होती हैं।
विशेषज्ञों की मानें तो मोबाइल के ज्यादा इस्तेमाल से बच्चों के दिमाग पर गहरा असर पड़ता है। साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है। लेकिन इस परेशानी से निजात पाने के लिए कुछ टिप्स हैं जिनसे बच्चे मोबाईल की लत से दूर रहते हैं।

मोबाईल कितना खतरनाक स्वास्थ्य के लिए
आजकल बहुत से लोग स्मार्टफोन लेने से पहले यह भी पुख्ता कर रहे हैं कि वह फोन चाइनीज कंपनी का है या नॉन चाइनीज। लेकिन इन सबके बीच में हम एक ऐसी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं जो हर एक व्यक्ति के लिए बेहद आवश्यक होती है। और वह चीज है फोन की SAR Value. हमारे पाठक टेक्नोलॉजी के प्रति इतने जागरूक हैं कि उन्होंने यह नाम पहले भी जरूर सुना होगा, लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि मोबाइल की सार वैल्यू कितनी आवश्यक चीज होती और इसे इग्नोर करना यूजर्स को घातक हानि पहुॅंचा सकता है।

SAR Value

गौरतलब है कि मोबाइल से निकलने वाली रेडिएशन और किरणें पक्षियों और पर्यावरण के साथ-साथ हमारी सेहत के लिए भी बेहद खतरनाक होती है। इन हानिकारक रेडिएशन्स को फोन की SAR Value के जरिये ही आंका जाता है। हर मोबाइल की सार वैल्यू अलग होती है। ऐसे में क्या आप जानते हैं कि जिस स्मार्टफोन पर आप अभी ये आर्टिकल पढ़ रहे हैं, वह आपको कितना नुकसान पहुॅंचा रहा है ? आगे हमनें यहीं बताया है कि किस तरीके से आप अपने फोन की SAR Value को चेक कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि फोन की सार वैल्यू कितनी ज्यादा महत्वपूर्ण होती है।

क्या है SAR Value

SAR यानि Specific Absorption Rate. सार वैल्यू वह दर होती है जो फोन से निकली वेव्स को तथा इंसान के शरीर द्वारा सोखने वाली तरंगों को मापता है। ये तरंगे शरीर में खून में मौजूद टिशू द्वारा सोखी जाती है। मोबाइल से निकलने वाली तरंगें हमेशा एक समान नहीं रहती है। जब फोन में एक साथ कई काम कर रहे होते हैं तो ये बढ़ जाती है तथा फोन के कम यूज़ के दौरान ये वेव्स कम हो जाती है। स्मार्टफोन से निकलने वाली इन वेव्स को ‘SAR Value’ के जरिये मापा जाता है। बता दें कि हर स्मार्टफोन की अपनी अलग-अलग रेडिएशन व फ्रिक्वेंसी होती है।
मोबाइल फोन एक रेडियो ट्रांसमीटर होता है जो नेटवर्क वेव्स (तरंगों) को सेंड करता है और रिसीव करता है। इन वेव्स को रेडियो फ्रिक्वेंसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फिल्ड कहा जाता है। ये वेव्स मोबाइल एंटिना के जरिये ट्रांसफर होती है जो फोन से मोबाइल टॉवर तक जाती है और मोबाइल टॉवर से फोन तक आती है। जब भी ये वेव्स ट्रांसफर होती हैं तो उनका कुछ प्रतिशत हिस्सा रास्ते में ही अपनी राह से खो जाता है तथा किसी डिवाईस से कनेक्ट न होकर वातावरण में ही घूमता रहता है। और यही वो हिस्सा होता है जो आपके, हमारे और पर्यावरण के लिए खतरा बनता है।

इंडिया में निर्धारित SAR Value

हर स्मार्टफोन की अलग-अलग सार वैल्यू होती है। यह SAR Value हर देश की सरकार द्वारा तय की जाती है और तय वैल्यू से ज्यादा सार वैल्यू वाले फोन्स को उस देश में बैन कर दिया जाता है। आपको बता दें कि इंडिया और अमेरिका की सरकारों द्वारा तय की गई सार वैल्यू एक समान है। भारत में मोबाइल फोंस की सार वैल्यू अधिकतम 1.6वॉट/किलोग्राम है। यहां वॉट/किलोग्राम से मतलब है कि 1 किलोग्राम टिशू अधिकतम 1.6 वॉट तरंगों की पावर ही सोख सकता है।

ऐसे पता करें अपने फोन की SAR Value

यादि आप भी अपने फोन की सार वैल्यू जानना चाहते हैं तो अपने स्मार्टफोन से *#07# डायल करें। यह नंबर डायल करने के बाद फोन की SAR Value फोन की डिसप्ले पर आ जाएगी। लगे हाथ आपको यह जानकारी भी दे दें कि सार वैल्यू को दो भागों में बांटा गया है। पहला Head SAR यानि कि सिर और Body SAR यानि शरीर। जब भी हम फोन पर बात करते है तो सिर मोबाइल के सबसे पास होता है। इसलिए सिर की सार वैल्यू अलग रखी गई है। इसी तरह जब फोन जेब में या हाथ में होता है तो उस स्थिति के लिए सार वैल्यू अलग के मापी जाती है।

आउट्डोर गेम्स के लिए बच्चों को प्रोत्साहित करें।

घर पर बैठे-बैठे बच्चों के हाथ में मोबाइल जरूर रहेगी। इसलिए कुछ समय के लिए उनको इससे दूर करने के लिए उन्हें आउट्डोर गेम्स के लिए प्रोत्साहित करें। क्रिकेट, बैडमिंटन, फुटबॉल जैसे खेलों के लिए उन्हें प्रेरित करें। इससे उनका शारीरिक एवं मानसिक विकास दोनों विकास होगा।

बच्चों को साथ समय बिताएं।

ज्यादातर यह देखा गया है कि जो माता-पिता बच्चों के साथ थोड़ा समय भी नहीं बिताते हैं उनमें मोबाइल चलाने की लत ज्यादा होती है। इसलिए बच्चों के साथ समय बिताना बहुत अच्छा होता है। उन्हें घर के छोटे-छोटे कामों में शामिल करें व उनसे बातें करें।

इंटरनेट पर पेरेन्टल लॉक लगाएं।

जब बच्चों के हाथ में मोबाइल आता है तो कभी-कभार माता-पिता इस बात पर ध्यान देना छोड़ देते हैं कि उनके बच्चे क्या देख रहे हैं या नहीं। जिससे अंदेशा लगाना मुश्किल हो जाता है कि क्या वे अपने उम्र के अनुसार देख रहे हैं या कुछ और देख रहे हैं। इसको नियंत्रित करने के लिए फोन पर पेरेंटल लॉक लगाएं।

इस्तेमाल के बाद बंद कर दें इंटरनेट।

अगर बच्चों की क्लासेज़ ऑनलाइन लग रही है तो क्लास खत्म होते ही इंटरनेट बंद कर दें। इसका पालन सख्ती से करवाएं. इससे न तो वो ज्यादा समय मोबाइल देखेंगे और अगर कुछ समय जिद करते भी हैं तो बिना इंटरनेट के बोर होकर अपने-आप फोन किनारे रख देंगे।

इस मोबाईल फीचर का करें इस्तेमाल।

समार्टफोन में स्क्रीन टाइम का भी फीचर दिया गया है। जिसके इस्तेमाल से बच्चे तय समय के बाद मोबाइल नहीं प्रयोग कर पाएंगे। अगर बच्चें छोटे हैं तो अपने मोबाईल का पासवर्ड बदलते रहें। इससे बच्चे को एक बार पासवर्ड पता भी चल जाता है तो वह दोबारा इसका इस्तेमाल न कर पाए।

खुलेआम चल रहा बेग का नशा।

बालोद जिले के ग्राम कुसुमकसा में एक मोबाईल व खिलौना दुकान के नाम से एक व्यक्ति आसपास के गांवों में इन दिनों नशीले इंजेक्शन और नशीली दवाओं का अवैध कारोबार धड़ल्ले से कर रहा है। इसके नाम चोरी के कई मामले भी है। इसके पिता कसाई थे अब बेटा नशे की गोलियां ‌‌‌‌‌देकर ग्रामीण युवाओ का गला काट रहा है। नशे के अवैध कारोबार को रोकने में पुलिस व संबंधित ड्रग कंट्रोल विभाग नाकाम साबित हो रहें हैं। क्षेत्र में नशे का कारोबार जमकर फल फूल रहा है। गांव गांव में गांजा शराब के साथ ही अब नशीली दवाओं का युवा जमकर सेवन कर रहे हैं।
डौंडी, दल्ली राजहरा, लोहारा, गैंजी, घोटिया, खड़गाव सहित उससे लगे गांवों ये अवैध कारोबारी भारी मात्रा में नशीली दवाइयों की खुले आम सप्लाई कर रहा है। अभी कुछ दिनों पहले इससे जुड़े कुछ लोग जेल दाखिल हुए थे। क्षेत्र में धड़ल्ले से हो रहे अवैध नशे के कारोबार से पुलिस व संबंधित महकमा बेखबर हो ऐसा नहीं है बल्कि पुलिस संरक्षण में नशे का कारोबार किया जा रहा है। जबकि नए पुलिस अधीक्षक को राजहरा पुलिस सब बढ़िया है बताकर खुश कर रही है। जबकि अन्य थानों में नशे के खिलाफ अभियान चलाकर नशे के काम में लगे लोगों पर सख्त कार्रवाई की गई है। जिले के अन्य थानों में कुछ कारवाईयां हुई भी है लेकिन यहां राजहरा थाना क्षेत्र में गली मोहल्ले में खुलेआम नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने यहां की पुलिस का अभियान ठंडे बस्ते में होने के कारण अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं और दिन प्रतिदिन इलाके में नशे का कारोबार का दायरा बढ़ता ही जा रहा है। पुलिस के साथ साथ ड्रग कंट्रोल विभाग के अधिकारियों की भूमिका शून्य है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे ड्रग कंट्रोल विभाग अस्तित्व में है ही नही। उन्हें सालाना चढ़ावा मिलता रहे वे आंखे मूंद लेते है।

नशे का इंजेक्शन लगता युवा।

दबी हुई नस खोलने के घरेलू उपाय।

दबी नस को खोलने के लिए चूना, पान की पत्तियां, हरसिंगार प्रभावी हो सकते हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

आधुनिक लाइफस्टाइल और खराब खानपान की वजह से लोगों को कई तरह की परेशानियां हो रही हैं। इन परेशानिों में नसों का दबना भी शामिल है। कभी-कभी ऐसी परिस्थिति आती है, जिसमें नसों में काफी तेज दर्द और ऐंठन जैसा महसूस हो सकता है। यह परेशानी कुछ घंटों से लेकर कई दिनों तक बनी रहती है। इस स्थिति में अगर आपको थोड़े समय के लिए नस दबी है, तो आपको ज्यादा परेशानी नहीं होती है। वहीं, अगर कई दिनों तक नस दबने की वजह से दर्द और ऐंठन जैसा महसूस होता है, तो इसका इलाज कराना जरूरी होता है। 

बालोद जिले से ग्राम कुरदी के जड़ी बूटी के जानकर मुकेश साहू का कहना है कि नसों में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने की वजह से नसे दब जाती हैं। नस दबने का मुख्य कारण नसों पर किसी कारण दवाब और खून जमने की वजह से हो सकता है। इसके अलावा कई अन्य कारण से नस दबने की परेशानी हो सकती है। 

दबी नस को कैसे खोलें?

आयुर्वेद में दबी नस को खोलने के लिए कई तरह के उपचार का सहारा लिया जा सकता है। खासतौर पर चूना, पान, हरसिंगार की पत्तियां दबी नस को खोलने के लिए लाभकारी हो सकती हैं। आइए जानते हैं इसके बारे में-

1. मेथी का बीज है लाभकारी

दबी नस को खोलने के लिए मेथी के बीजों का इस्तेमाल करें। इसका इस्तेमाल करने के लिए मेथी के बीजों को रातभर पानी में भिगोकर छोड़ देँ। इसके बाद सुबह पानी से निकालकर इसे ब्लैंड कर लें। अब इसे दबी नस से प्रभावित हिस्से पर लगा लें और सूती कपड़े से पट्टी बांध लें। 2 से 3 घंटे बाद पट्टी खोल लें। इससे दबी नस में होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है।

2. हरसिंगार की पत्तियां है फायदेमंद

दबी नस को खोलने के लिए हरसिंगार की पत्तियां काफी फायदेमंद हो सकती हैं। इसका इस्तेमाल करने के लिए परिजात की पत्तियों को पानी में उबाल लें। जब पानी हल्दा गुनगुना हो जाए, तो इस पानी से प्रभावित हिस्से की सिंकाई करें। इसके अलावा आप इस काढ़े का सेवन भी कर सकते हैं। इससे आपकी दबी नस  खुल सकती है।

3. चूना भी है प्रभावी

दबी नस को खोलने के लिए चूना भी फायदेमंद हो सकता है। इसके लिए पान के पत्तों को हल्का सा गर्म करें। अब इसमें थोड़ा सा चूना लगाकर प्रभावित हिस्से पर पट्टी की तरह लगाएं। कुछ समय तक इस पट्टी को रहने दें। इसके बाद इसे खोल लें। इससे आपको दर्द से काफी आराम मिल सकता है। 

4. सेंधा नमक से करें सिंकाई

दबी नस को खोलने के लिए सेंधा नमक भी काफी फायदेमंद हो सकती है। इसका इस्तेमाल करने के लिए 1 बाल्टी में गर्म पानी लें। इसके बाद एक सूती कपड़े की मदद से सेंधा नमक की पोटली तैयार कर लें। इसके बाद इस पानी में करीब 30 मिनट तक दबी नस से प्रभावित हिस्से को डुबोकर रखें। इससे नस में होने वाले दर्द से आराम मिल सकता है। 

5. चुकंदर का जूस पिएं

दबी नस को खोलने के लिए चुकंदर का जूस काफी हेल्दी हो सकता है। दरअसल, शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही से न होने की वजह से नसों में दवाब हो सकता है। ऐसे में चुकंदर का जूस शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर करने में आपकी मदद कर सकता है। 

दबी नस को खोलने के ये घरेलू उपचार आपके लिए काफी प्रभावी हो सकते हैं। किंतु, ध्यान रखें कि अगर आपकी परेशानी काफी ज्यादा बढ़ रही है, तो इसी स्थिति में नजदीकी वैद्य से सलाह जरूर लें। 

 

क्या एलोवेरा जेल लगाने के बाद साबुन से चेहरा धो सकते हैं? जानें एक्सपर्ट से।

बहुत से लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि चेहरे पर एलोवेरा लगाने के बाद साबुन से मुंह धोना चाहिए या नहीं? आइए जानते हैं इस पर एक्सपर्ट की क्या राय है

चेहरे पर एलोवेरा लगाना बहुत फायदेमंद होता है। यह त्वचा की कई समस्याओं से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। साथ ही साफ और निखरी त्वचा पाने में भी मदद करता है। एलोवेरा एंटी-बैक्टीरियल, एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है। साथ ही इसमें विटामिन बी1, बी2, बी6, बी12 भी प्रचुर मात्रा में होते हैं। यही कारण है कि त्वचा संबंधी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए लोग एलोवेरा का प्रयोग अधिक करते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या एलोवेरा लगाने के बाद साबुन या फेस वॉश से चेहरा धोना चाहिए? क्या ऐसा करना सही है? इसके बारे में जानने के लिए हमने आयुर्वेदिक चिकित्सक और आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर, पंजाब (BAMS, Ayurveda) से बात की। आइए जानते हैं एलोवेरा लगाने के बाद साबुन से चेहरा धोना चाहिए या नहीं।

आइए पहले जानते हैं चेहरे पर एलोवेरा लगाने के फायदे- Benefits Of Applying Aloe Vera On Face In Hindi

  1. एजिंग के लक्षण कम होते हैं: एलोवेरा लगाने से चेहरे की त्वचा को टाइट करने में मदद मिलती है। यह झुर्रियों और फाइन लाइन्स को कम करने में मदद करता है और आपको जवां रखता है।
  2. त्वचा में निखार आता है: अगर आप रात में बिस्तर पर जाने से पहले चेहरे पर एलोवेरा जेल लगाते हैं और रातभर के लिए छोड़ देते हैं, तो इससे चेहरे के दाग-धब्बों, टैनिंग, पिगमेंटेशन से छुटकारा पाने में मदद मिलती है और चेहरे की रंगत में सुधार होता है।
  3. त्वचा कोमल बनती है: एलोवेरा त्वचा के लिए एक बेहतरीन मॉइस्चराइजर के रूप में काम करता है। एलोवेरा लगाने त्वचा में नमी को लॉक करने में मदद मिलती है और त्वचा हाइड्रेट रहती है। इससे आपको ड्राई स्किन से छुटकारा मिलता है और सॉफ्ट और सपल स्किन मिलती है।
  4. मुंहासों से छुटकारा मिलता है: एलोवेरा एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर होता है। जिससे यह फ्री-रेडिकल्स से लड़ने, चेहरे की गहराई से सफाई करने, मुहांसों की सूजन को कम करने में सहायक है।

एलोवेरा लगाने के बाद साबुन से चेहरा धोना चाहिए?

डॉ. भुवनेश्वरी के अनुसार, अगर आप चेहरे पर एलोवेरा का प्रयोग एक फेस मास्क के रूप में करते हैं जैसे बेसन, दही और एलोवेरा फेस मास्क, तो आपको साबुन से चेहरा नहीं धोना चाहिए। क्योंकि यह यह आपके प्राकृतिक रूप से साफ करता है। साथ ही एलोवेरा लगाने के बाद अगर आप साबुन से चेहरा धोते हैं, तो इससे चेहरे का पीएच स्तर भी प्रभावित होता है। आप चाहे एलोवेरा फेस पैक की तरह प्रयोग करें या मास्क के रूप में आपको साबुन से चेहरा धोने से बचना चाहिए। लेकिन आपको चेहरे पर मॉइस्चराइजर जरूर लगाना चाहिए।

स्मॉल बिजनेस आईडिया- इस कैटेगरी में मोटी कमाई होगी क्योंकि सरकारी सपोर्ट मिल रहा है

Small Business Idea

यदि बिजनेस में गवर्नमेंट का सपोर्ट मिल जाए तो सारी प्रॉब्लम ही सॉल्व हो जाती है। प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ जाती है। अच्छी कीमत मिलती है और किसी भी बिजनेस को आसानी से बड़ा बनाया जा सकता है।

भारत सरकार के अमृत महोत्सव के तहत जयपुर में लघु उद्योग भारती (स्माल स्केल इंडस्ट्रीज की नेशनल ऑर्गेनाइजेशन) द्वारा ‘आयुर्वेद आहार- कॉन्सेप्ट्स, रेगुलेशन एंड इम्प्लीमेंटेशन’ पर स्पेशल सेशन का आयोजन किया गया। इसमें राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, दिल्ली के डायरेक्टर और रस शास्त्र विशेषज्ञ डॉ. अनुपम श्रीवास्तव कई महत्वपूर्ण बातें बताई। अपने लिए सबसे काम की बात यह थी कि सरकारी आंकड़ों के हिसाब से अगले 5 साल (2027 तक) यह इंडस्ट्रीज डेढ़ लाख करोड़ की हो जाएगी। यानी कि बहुत तेजी से ग्रोथ आने वाली है।
आयुर्वेद आहार को सारी दुनिया में पसंद किया जा रहा है। इसकी ऑनलाइन बिक्री बहुत तेज हो गई है। इंटरनेशनल मार्केट से डिमांड आ रही है। आयुर्वेद खिचड़ी, गोल्डन मिल्क (हल्दी का दूध), अमृतम चाय (अदरक अथवा तुलसी की चाय) की मांग लगातार बढ़ रही है। आयुर्वेद आहार कैटेगरी के तहत सैकड़ों प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं।

क्योंकि सरकार सपोर्ट कर रही है, इन्हें एक्सपोर्ट करना आसान हो जाएगा। सबसे अच्छी बात यह है कि इस कैटेगरी में स्मॉल स्केल इंडस्ट्री को आगे बढ़ाया जा रहा है यानी कि आप अपने घर से भी काम शुरू कर सकते हैं। आयुर्वेद आहार के लिए आवश्यक रजिस्ट्रेशन, सर्टिफिकेशन, लाइसेंसिंग, एक्रिडिटेशन, टेस्टिंग, क्वालिटी कण्ट्रोल, लेबलिंग, पैकेजिंग, हेल्थ एंड डिजीज रिस्क रिडक्शन क्लेम आदि के लिए लघु उद्योग भारती की तरफ से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
कुल मिलाकर यदि आप अपने लिए कोई नया बिजनेस प्लान कर रहे हैं तो एक बार आयुर्वेद आहार के बारे में स्टडी जरूर कीजिए। कहा जा रहा है कि यह बिजनेस काफी स्केलेबल है।

सच से सामना

आँख फाड़ दिमाग़ को हिला देने वाला सच, पढ़ कर आप भी आश्चर्य चकित रह जायेंगे ?


भारत में कुल 4120 MLA और 462 MLC हैं अर्थात कुल 4,582 विधायक।


प्रति विधायक वेतन भत्ता मिला कर प्रति माह 2 लाख का खर्च होता है। अर्थात


91 करोड़ 64 लाख रुपया प्रति माह। इस हिसाब से प्रति वर्ष लगभ 1100 करोड़ रूपये।


भारत में लोकसभा और राज्यसभा को मिलाकर कुल 776 सांसद हैं।
इन सांसदों को वेतन भत्ता मिला कर प्रति माह 5 लाख दिया जाता है।


अर्थात कुल सांसदों का वेतन प्रति माह 38 करोड़ 80 लाख है। और हर वर्ष इन सांसदों को 465 करोड़ 60 लाख रुपया वेतन भत्ता में दिया जाता है।


अर्थात भारत के विधायकों और सांसदों के पीछे भारत का प्रति वर्ष 15 अरब 65 करोड़ 60 लाख रूपये खर्च होता है।


ये तो सिर्फ इनके मूल वेतन भत्ते की बात हुई। इनके आवास, रहने, खाने, यात्रा भत्ता, इलाज, विदेशी सैर सपाटा आदि का का खर्च भी लगभग इतना ही है।


अर्थात लगभग 30 अरब रूपये खर्च होता है इन विधायकों और सांसदों पर।


अब गौर कीजिए इनके सुरक्षा में तैनात सुरक्षाकर्मियों के वेतन पर।


एक विधायक को दो बॉडीगार्ड और एक सेक्शन हाउस गार्ड यानी कम से कम 5 पुलिसकर्मी और यानी कुल 7 पुलिसकर्मी की सुरक्षा मिलती है।


7 पुलिस का वेतन लगभग (25,000 रूपये प्रति माह की दर से) 1 लाख 75 हजार रूपये होता है।


इस हिसाब से 4582 विधायकों की सुरक्षा का सालाना खर्च 9 अरब 62 करोड़ 22 लाख प्रति वर्ष है।


इसी प्रकार सांसदों के सुरक्षा पर प्रति वर्ष 164 करोड़ रूपये खर्च होते हैं।


Z श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त नेता, मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों, प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए लगभग 16000 जवान अलग से तैनात हैं।


जिन पर सालाना कुल खर्च लगभग 776 करोड़ रुपया बैठता है।


इस प्रकार सत्ताधीन नेताओं की सुरक्षा पर हर वर्ष लगभग 20 अरब रूपये खर्च होते हैं।

अर्थात हर वर्ष नेताओं पर कम से कम 50 अरब रूपये खर्च होते हैं।

इन खर्चों में राज्यपाल, भूतपूर्व नेताओं के पेंशन, पार्टी के नेता, पार्टी अध्यक्ष , उनकी सुरक्षा आदि का खर्च शामिल नहीं है।

यदि उसे भी जोड़ा जाए तो कुल खर्च लगभग 100 अरब रुपया हो जायेगा।

अब सोचिये हम प्रति वर्ष नेताओं पर 100 अरब रूपये से भी अधिक खर्च करते हैं, बदले में गरीब लोगों को क्या मिलता है ?
क्या यही है लोकतंत्र ?
(यह 100 अरब रुपया हम भारत वासियों से ही टैक्स के रूप में वसूला गया होता है।)
एक सर्जिकल स्ट्राइक यहाँ भी बनती है
◆ भारत में दो कानून अवश्य बनना चाहिए
→पहला – चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध
नेता केवल टेलीविजन ( टी वी) के माध्यम से प्रचार करें
→दूसरा – नेताओं के वेतन भत्तो पर प्रतिबंध
| तब दिखाओ देशभक्ति |
प्रत्येक भारतवासी को जागरूक होना ही पड़ेगा और इस फिजूल खर्ची के खिलाफ बोलना पड़ेगा ?
इस मेसेज़ को जितना हो सके फेसबुक और व्हाट्सअप ग्रुप में फॉरवर्ड कर अपनी देश भक्ति का परिचय दें।
सादर निवेदन
माननीय PM and CM जी,
कृपया सारी योजना बंद कर दीजिये।
सिर्फ
सांसद भवन जैसी कैन्टीन हर दस किलोमीटर पर खुलवा दीजिये ।
सारे झगड़े ख़त्म।
29 रूपये में भरपेट खाना मिलेगा..
80% लोगों को घर चलाने का झगड़ा ख़त्म।
ना सिलेंडर लाना, ना राशन
और
घर वाली भी खुश ।
चारों तरफ खुशियाँ ही रहेगी।
फिर हम कहेंगे सबका साथ सबका विकास ।
सबसे बड़ा फायदा 1र् किलो गेहूँ नहीं देना पड़ेगा
और
PM जी को ये ना कहना पड़ेगा कि मिडिल क्लास के लोग अपने हिसाब से घर चलाएँ ।
इस पे गौर करें
कृपया कड़ी मेहनत से प्राप्त हुई ये जानकारी देश के हर एक नागरिक तक पहुँचाने की कोशिश करे ।
शान है या छलावा…।
पूरे भारत में एक ही जगह ऐसी है जहाँ खाने की चीजें सबसे सस्ती है ।
चाय = 1.00
सुप = 5.50
दाल= 1.50
खाना =2.00
चपाती =1.00
चिकन= 24.50
डोसा = 4.00
बिरयानी=8.00
मच्छी= 13.00
ये सब चीज़ें सिर्फ गरीबों के लिए है और ये सब Available है Indian Parliament Canteen में।
और उन गरीबों की पगार है 80,000 रूपये महीना वो भी बिना income tax के ।
आपके Mobile में जितने भी नम्बर save है सबको forward करें ताकि सबको पता चले …
कि यही कारण है कि इन्हें लगता है कि जो आदमी 30 या 32 रूपये रोज़ कमाता है वो ग़रीब नहीं है।
Jokes तो हर रोज़ Forward करते हैं, आज इसे भी Forward करें और भारतीय जनता को जागरूक करें।

बघमरा पंचायत में लगा गंदगी का ढेर।

बघमरा पंचायत में लगा गंदगी का ढेर।
महीनो से पटा पड़ा है कचरा, राहगीर बदबू से परेशान।

स्वच्छताअभियान को लेकर सरकार द्वारा विशेष अभियान संचालन कर लोगों को स्वच्छता की सीख दी जा रही है लेकिन ग्राम पंचायत बघमरा द्वारा इस अभियान में कितनी भागीदारी निभाई जा रही है इसका उदाहरण ग्राम पंचायत बघमरा में गांव में लगे गंदगी के ढेर को देख कर किया जा सकता है।

ग्राम पंचायत बघमरा में स्थित कर्मा सामुदायिक भवन के बाजू कचरे का ढेर लगा हुआ है।

गांव की सफाई एवं गांव के बीच लगे कचरे के ढेर का हटाने के लिए ग्रामीणों ने कई बार पंचायत सरपंच व सचिव को भी अवगत कराया लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।

बघमरा सरपंच गजेंद्र ठाकुर ने बताया कि गांव में रोजाना साफ सफाई नियमित की जाती है कर्मा सामुदायिक भवन के बाजू लगे कचरे के ढेर को जल्द ही पूरी तरह से साफ कर दिया जाएगा।

सरकार ने तीन जिलों के कलेक्टर सहित दस अफसरों का किया फेरबदल।

रायपुर : राज्य सरकार ने आज कई कलेक्टर समेत IAS अफसरों के तबादले व अतिरिक्त प्रभार दिए है। फेरबदल में तीन कलेक्टर सहित कुल 9 आईएएस और एक आईआरएस अफसर शामिल है।

अमृत खलको को राज्यपाल के सचिव के साथ आयुक्त सचिव कृषि एवं गन्ना का अतिरिक्त प्रभार।

एस प्रकाश को विशेष सचिव पंचायत को सचिव पीएचई पदस्थ करते हुए संचालक जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार।

मोहम्मद कैसर को विशेष पंचायत तथा अतिरिक्त आयुक्त मनरेगा को संचालक पंचायत बनाया गया है।

कुमार लाल चौहान को कलेक्टर कांकेर को संयुक्त सचिव वन विभाग के साथ-साथ संचालक आजीविका मिशन।

रानू साहू को वाणिज्य कर आयुक्त के साथ-साथ पर्यटन मंडल एमडी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

नीलेश क्षीरसागर संचालक कृषि एवं गन्ना आयुक्त को कलेक्टर गरियाबंद बनाया गया है।

चंदन कुमार को कलेक्टर सुकमा से कांकेर का नया कलेक्टर बनाया गया है।

इफ्फत आरा को एमडी पर्यटन को पाठ्य पुस्तक निगम का एमडी बनाया गया है।

विनित नंदनवार को एडीएम रायपुर को सुकमा का कलेक्टर बनाया गया है।

अभिनव अग्रवाल (आईआरएस) को डायरेक्टर फूड को एमडी वेयर हाउसिंग बनाया गया है।

भूपेश सरकार के खिलाफ होने वाले धरना प्रदर्शन के लिए डौंडी मंडल की आवश्यक बैठक।

डौंडी : भारतीय जनता पार्टी मण्डल डौण्डी द्वारा आज मंगलवार को डौण्डी मंडल की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डौण्डी मंडल अंतर्गत 19 शक्ति केंद्रों के 109 बुथो में बुथ कमेटी गठन की समीक्षा की गई साथ ही आगामी 30 अक्टूबर को किसान विरोधी भुपेश सरकार के खिलाफ जिला मुख्यालय में होने वाले धरना प्रदर्शन में शामिल होने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके पश्चात कृषि विधेयक पर किसानों से चर्चा, एवम कृषि बिल पत्रक वितरण एवम कृषि यन्त्रं पूजन कार्यक्रम में कृषि यंत्रों का पूजन डौण्डी में हुआ। इस कार्यक्रम में सर्व प्रथम पूजा अर्चना कर कृषि यंत्र का पूजन किया गया,किसानों को कृषि बिल का पत्रक वितरण कर जानकारी प्रदान किया गया। कार्यक्रम में वक़्ताओ ने कहा कि जहाँ एक ओर कांग्रेस कृषि यंत्र जलाने का घिनौना कार्य करती है तो वही भाजपा पार्टी द्वारा किसानों के इस यंत्र का पुजन किया जाता है।

इस कार्यक्रम में पुर्व जिला भाजपा अध्यक्ष लेखराम साहु, जिला भाजपा उपाध्यक्ष व मंडल प्रभारी ठाकुर राम चंद्राकार, मण्डल अध्यक्ष मनीष झा के साथ महामंत्री रामनारायण धनकर, भीषम टंडन, उपाध्यक्ष हिंछाराम साहु, कोषाध्यक्ष अजय चौहान,मंडल मंत्री भूखउ राम साहू, नगर पंचायत उपाध्यक्ष रूपेश नायक, मुकेश कौडो, पार्षद संजीव मानकर, मातरम दास कोसरे, सांसद प्रतिनिधि विनय जायसवाल, जनपद सदस्य किशोर ठाकुर, वरिष्ठ कार्यकर्ता मितेण्द्र वैष्णव, भागवत सोनी, शिवराम रणघाटी, महावीर ठाकुर, ऋषभ सबरवाल ,एवम अन्य भाजपाई व गामीण किसान उपस्थित रहे।

शारदीय नवमी पांच कूण्डीय गायत्री महायज्ञ में नपाध्यक्ष ने राजहरा के विकास के लिए की प्रार्थना।

दल्ली राजहरा (दिनेश वर्मा) : विश्वकल्याण के लिये गायत्री परिवार दल्लीराजहरा द्वारा गायत्री शक्ति पीठ दल्लीराजहरा मे शारदीय क्वार नवरात्रि मे ज्योति कलश स्थापित कर सभी साधको द्वारा प्रतिदिन 24-24 माला गायत्री महामंत्र का जांप कर आज सुबह पांच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ किया गया। जिसमें गायत्री परिवार के साथ साथ दल्ली राजहरा नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष शीबू नायर ने विश्व कल्याण व दल्ली राजहरा के सर्वांगीण विकास एवं अमन चैन के लिए हवन मे आहुति डाल कर मां गायत्री से आशिर्वाद लिया।

गायत्री शक्ति पीठ के मुख्य ट्रस्टी शिव कुमार कलिहारी द्वारा यज्ञ स्थल एवं प्रांगण मे टाइल्स लगाने की मांग पत्र सौंपा गया। जिसपर अध्यक्ष महोदय ने अगामी चैत्र नवरात्रि के पहले कार्य पूरा करने की अपनी सहमति प्रदान की। यज्ञ का संचालन वेदव्यास से देवप्रसाद आर्य, चारू साहु, श्रीमती सविता वर्मा, कुमारी चंचल साहू एवं चांदनी साहू द्वारा सम्पन्न कराया गया। पूरे कार्यक्रम में कोविड19 के नियम सोशल डिस्टेंसिग, मास्क का प्रयोग, सेनेटाइजर आदि का पूरा पालन किया गया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में रूप राम वर्मा, राधेश्याम साहू ,पिताम्बर साहु, भानुप्रताप साहू, धर्मेन्द्र वर्मा, कमलेश्वर प्रसाद गंजीर, हिमांशु साहु, चन्द्र शेखर पवार,  खुमान साहू, प्रदीप डे, जगन्नाथ साहू, ओंकार साहू, श्रीमती निर्मला  कलिहारी, श्रीमती मंजू साहू, वीणा साहू, चंद्रभागा वर्मा, रेणुका गंजीर, चित्र रेखा साहू, पुष्पलता साहू, ओमिन साहू, द्रोपति साहू, कल्याणी साहू, विमला साहू आदि लोगों का सहयोग रहा।


डौंडी में सागौन तस्करी करते तीन धरे गये। वन विभाग की कार्यवाही।

डौंडी : बालोद वन मंडल के अंतर्गत डौंडी वन परिक्षेत्र में लगभग 51 हजार रूपए मूल्य के सागौन लकड़ी को जब्त करने सहित एक पिकअप वाहन के राजसात की कार्रवाई की जा रही है। इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी पुष्पेंद्र कुमार साहू ने बताया कि दिनांक 9 अक्टूबर 2020 की रात्रि मुखबीर से सुचना मिलने पर टीम द्वारा अवैध लकड़ी कटाई तथा परिवहन में संलिप्त बम्हनी व कोपेडेरा के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनके खिलाफ भारतीय वन अधिनियम 1927 की 41 एवं छत्तीसगढ़ वन उपज (व्यापार विनियमन) अधिनियम 1969 की धारा 5 और 15 के तहत कार्यवाही की जा रही है। इसमें परिवहन में संलिप्त एक पिकअप वाहन बोलेरो मैक्सी ट्रक क्रमांक सीजी 19 एच 0762 को राजसात सहित आरोपियों से 54 नग सागौन चिरान 0.671 घन मीटर सागौन लकड़ी जप्त की गई है। इसमें सागौन लकड़ी का अनुमानित मूल्य लगभग 51 हजार रूपए है। बम्हनी व कोपेडेरा के तीन आरोपियों दिनेश कुमार गोंड वल्द मेहरू राम ग्राम कोपेडेरा, शिवराम धुर्वे वल्द अकबर सिंह ग्राम बम्हनी और अंकालु राम वल्द परसराम कोपेडेरा को गिरफ्तार किया गया।
उक्त कार्रवाई में डौंडी वन परिक्षेत्र के वन परिक्षेत्र अधिकारी व वन कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।


सात सूत्रीय मांग को लेकर बीजेपी का धरना प्रदर्शन। छग महामहिम राज्यपाल के नाम तहसील में सौंपा मांगो का ज्ञापन।

डौंडी : भाजपा मंडल डौंडी एवं दल्लीराजहरा भाजपा मंडल के संयुक्त तत्वाधान में प्रदेश की किसानों का धान खरीदी व राशि भुगतान मामले को लेकर स्थानीय तहसील कार्यालय के समीप एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर किसान हित मे आवाज बुलंद किया तथा छ.ग. महामहिम राज्यपाल के नाम मांगो का ज्ञापन तहसील कार्यालय में सौपा गया।

धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाजपा मंडल डौंडी के पदाधिकारियों द्वारा राज्य की कांग्रेस सरकार को जमकर कोसते हुए उनकी विफलताओं को गिनाया। और कहा गया कि यह सरकार किसानों की खुशहाली का वादा कर सत्ता में आई है किंतु पिछले सत्र शासन की धान खरीदी व्यवस्था काफी लचर रही, आलम ये है कि इस सत्र का धान लगभग पककर तैयार हो रहा लेकिन किसानों को पिछले सत्र के धान का पूरा मूल्य अब तक नही मिल पाया। राज्य की बीजेपी शासन काल मे किसानों को 24 घंटे की भीतर उपज का भुगतान होता रहा। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही छत्तीसगढ़ को डेढ़ गुना अधिक चावल खरीदने मद से 9 हजार करोड़ रुपये राशि प्रदान की घोषणा किया है अब सीजी शासन को किसानों का धान 15 क्विंटल से बढ़ाकर 20 क्विंटल करना आवश्यक होगा। पिछले सत्र धान ख़रीदी को लेकर अनिश्चिता रहने से अफरा तफरी का माहौल के चलते किसानों से अपराधियो जैसा व्यवहार किया गया ऐसी स्थिति इस बार नही होना चाहिए इसलिए समय रहते पूर्व सरकार की तरह एक नवंबर से धान खरीदी शुरू हो। सरकार ने अपने घोषणा पत्र में स्पष्ट वादा बावजूद किसानों का बकाया बोनस भुगतान नही किया जो किसानों के साथ विश्वासघात है। गिरदावरी के बहाने शासन द्वारा किसानों का रकबा घटाने प्रयत्न हो रही जबकि किसानों का दाना दाना खरीदने की बात कही गई थी। पिछली बार धान परिवहन व भंडारण के नाम पर किसानों के साथ अत्याचार हुआ। अब केंद्र सरकार द्वारा कानून बनाकर इससे आजादी दी गई है जिसकी घोषणा सीजी सरकार को कर किसानों को प्रताड़ित नही करनी चाहिए। प्रदेश के कांग्रेस शासनकाल में आत्महत्या की खबरे लगातार आ रही है,दायित्व तहत आत्महत्या किये समस्त किसानो को चिन्हांकित कर उनके परिजनों को मुआवजा तथा प्रदेश में बाढ़, अतिवृष्टि व अन्य आपदाओं से हुई नुकसान पीड़ितों को क्षतिपूर्ति दिया जाना चाहिए।

भाजपा मंडल की राज्यपाल से ये प्रमुख मांगे।

सरकार धान कीमत की कुल राशि किसानों को एकमुश्त प्रदान करें। एक नवंबर से धान खरीदी शुरू होना चाहिए।प्रति एकड़ न्यूनतम 20 क्विंटल धान खरीदी की जावे। किसानों के दो वर्ष का बोनस भुगतान शीघ्र दी जावे। धान का रकबा कम करने की कवायद बंद हो। भंडारण- परिवहन के नाम पर किसानों की प्रताड़ना नही होनी चाहिए। पीड़ित किसानों को मुआवजा दिया जावे। इसी बिंदुओं पर मांग कर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया।

उक्त धरना प्रदर्शन में डौंडी भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष झा, उपाध्यक्ष हितेश साहू, अनिता कमेटी, कुंती देवांगन, हिंचाराम साहू, महामंत्री भीषम टंडन, रामनारायण धनकर, कोषाध्यक्ष अजय चौहान, मंत्री योगेंद्र, भुखऊराम साहू, राधिका भारद्वाज, नीतू कोरेटी, हेमंत कोमरे, वरिष्ठ भाजपाई सोमेश साहू, होरीलाल रावटे, छगन यदु, मुकेश कौडों, राजेश रावटे, डौंडी नगरपंचायत अध्यक्ष सोमेश सोरी, पार्षद संजीव मानकर, रेखा चौहान, चांदनी दीक्षित, राजेश कांबले महेंद्र पिपरे, किरण सिन्हा, सुजीत झा, शंकर साहू, सुमित जैन सहित डौंडी दल्लीराजहरा से बड़ी संख्या में भाजपाई उपस्थित थे।

एटीएम से नकद निकलते समय इन बातों का रखे ध्यान।

फाईल फोटो

बालोद : दोस्तो आम जनता से ठगी की घटना न हो, लोगों के खाते में पैसे सुरक्षित रहे, इसके लिए आरबीआई लगातार कदम उठा रहा है। हाल में ही, आरबीआई ने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियम बदल दिए है। लेकिन इन सबसे ज्यादा जरूरी आपकी सावधानी।

  • जब आप एटीएम में जाएं तो एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट को ध्यान से देखें। अगर आपको लगे की एटीएम कार्ड स्लॉट में कोई छेड़खानी की गई है या फिर स्लॉट ढीला है या कोई और गड़बड़ है तो उसका इस्तेमाल न करें।
  • एटीएम कार्ड स्लॉट में कार्ड लगाते समय उसमें जलने वाली लाइट पर ध्यान दें। अगर स्लॉट में ग्रीन लाइट जल रही है तो एटीएम सुरक्षित है। लेकिन अगर उसमें लाल या कोई भी लाइट नहीं जल रही है तो एटीएम को इस्तेमाल न करें। इसमें बड़ी गड़बड़ी हो सकती है. क्योंकि, एटीएम मशीन के पूरी तरह से दुरुस्त होने पर ही ग्रीन लाइट जलती है।
  • साइबर ठग किसी भी व्यक्ति का डेटा एटीएम मशीन में कार्ड लगाने वाले स्लॉट से चुरा लेते हैं। वह एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में ऐसी मशीन लगा देते हैं, जो आपके कार्ड की पूरी जानकारी स्कैन कर लेती है। इसके बाद वह ब्लूटूथ या किसी दूसरी वायरलैस डिवाइस से आपका डेटा चुरा लेते हैं और डुब्लिकेट एटीएम बनाकर आपके खाते को खाली कर देते है। इसे एटीएम क्लोनिंग कहते है।
  • साइबर ठग पिन नंबर को किसी कैमरे से ट्रैक कर सकते हैं. इससे बचने के लिए आप जब भी एटीएम में अपना पिन नंबर एंटर करें तो उसे दूसरे हाथ से छुपा लें। ताकि उसकी इमेज सीसीटीवी कैमरा मे नही आए।

अगर आपके साथ कोई ठगी की घटना हो गई हो और बैंक बंद हैं, तो आपको तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। सावधान रहें, सुरक्षित रहें।

रोहित मालेकर
थाना प्रभारी, गुण्डरदेही पुलिस

यूपी मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने व पीड़िता को न्याय दिलाने राष्ट्रपति के नाम कांग्रेसियों ने सौपा ज्ञापन।

डौंडी (लक्ष्मीकांत बंसोड़) : उत्तरप्रदेश के हाथरस में हुई गैंगरेप एवं हत्या की विभत्स घटना की कड़ी निंदा करते हुए डौंडी ब्लाक कांग्रेस कमेटी ने महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के नाम स्थानीय तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर यूपी के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी वाली भाजपा सरकार को तत्काल भंग कर पीड़िता स्व. मनीषा बाल्मीकि को न्याय दिलाने की मांग की गई है।

छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग मंत्री शिव डहरिया के निर्देश पर अ.जा.वि.कांग्रेस प्रदेश महामंत्री शंकर पिपरे के नेतृत्व में स्थानीय तहसील कार्यालय पर सौपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि यूपी के हाथरस में हुई अमानवीय घटना से पूरा देश आक्रोशित है, दलित समाज की बेटी मनीषा बाल्मीक के साथ अपराधियों द्वारा सामूहिक बलात्कार कर उनकी जीभ काट दी गई, रीढ़ व गर्दन की हड्डियां तोड़कर जघन्य व क्रूरतम अपराध किया गया जो कि उत्तरप्रदेश सरकार के संरक्षण में यह वारदात घटित हुई है। यहां कि सरकार ने प्रजातंत्र और देश के संविधान के विरुद्ध पीड़िता के शव को बिना परिजनों की उपस्तिथि एवं सहमति बगैर ही अंतिम संस्कार कर दिया जो उत्तरप्रदेश पुलिस की बर्बरता व गुंडाराज को प्रमाणित करता है।तत्काल सरकार को बर्खास्त कर देना चाहिए, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कॉग्रेस के कार्यकर्ता शामिल रहे।

जब ‘बापू का सपना’ बना आजादी के सिपाही की रिहाई की वजह तो गांव ने अपने नाम के आगे जोड़ लिया ‘गांधी’।

डौंडी लोहारा से लेकर गुंडरदेही के ‘गांधी गोरकापार’ तक मौजूद है आजादी के इस सिपाही की गाथा, अब तक ठोस पहल नहीं हुई स्वतंत्रता सेनानी वली मुहम्मद की स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने की।

मुहम्मद जाकिर हुसैन (भिलाई) से मिली जानकारी के अनुसार बालोद जिले के स्वतंत्रता अभिलाषी सेनानी कि कहानी।

हमारे देश के स्वतंत्रता आंदोलन में एक सिपाही ऐसे भी हुए हैं,जिनकी रिहाई की वजह ‘बापू का सपना’ बना। जब बापू का यह सपना सच हो गया तो गांव वालों ने खुद ही नाम के आगे गांधी जोड़ लिया। अब इस बात को भी 100 साल होने जा रहे हैं। बात है उस वक्त के दुर्ग और अब के बालोद जिले के गुंडरदेही क्षेत्र के गांव गोरकापार की।

तब यहां के अमीन पटवारी वली मुहम्मद ने अंग्रेजों की नौकरी छोड़ स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े थे और एक वक्त ऐसा भी आया जब अंग्रेजों की जेल में ‘बापू का सपना’ उनकी रिहाई की वजह बना। इस घटना का असर यह हुआ कि ग्रामीणों ने अपने गांव का नाम ही गांधी गोरकापार कर दिया, जो आज भी कायम है। विडम्बना यह है कि स्वतंत्रता सेनानी वली मुहम्मद की वजह से इस गांव का नाम बदला, आज उनकी स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। स्व. वली मुहम्मद के वंशजों को भी इस बात का मलाल है कि अब तक सरकारी स्तर पर कोई पहल नहीं हुई।

अंग्रेजों के मुलाजिम वली मुहम्मद ऐसे बन गए थे गांधी के सिपाही

गुंडरदेही में अमीन पटवारी वली मुहम्मद का अंग्रेजों की नौकरी छोड़ स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल होने से जुड़ा तथ्य भी बेहद रोचक है। उनसे जुड़ी घटनाओं का जिक्र जिला कांग्रेस कमेटी दुर्ग के तत्कालीन महामंत्री बदरुद्दीन कुरैशी के संपादन में 1995 में निकाली गई किताब ‘आजादी के दीवाने’ और फरवरी 2020 में जगदीश देशमुख द्वारा लिखित किताब ‘छत्तीसगढ़ के भूले बिसरे स्वतंत्रता सेनानी’ में विस्तार से है। इन्हें छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों की गाथाओं पर प्रकाशित कई दूसरी किताबों में भी दर्ज किया गया है।

जेब में थी बापू की तस्वीर और बदल गई तकदीर

दस्तावेजों में दर्ज घटनाक्रम के मुताबिक 1920-21 में जब वली मुहम्मद पटवारी के तौर पर गुंडरदेही के गोरकापार में पदस्थ थे, तब एक आदिवासी को उसकी गुम भैंस का पता खुले बदन में सिर्फ धोती पहनेे हुए बूढ़े ने बताया था। जब आदिवासी उस बूढ़े को धन्यवाद देने खोजने लगा, तब अमीन पटवारी वली मुहम्मद वहां उसे मिल गए। संयोग से वली मुहम्मद की जेब में महात्मा गांधी की एक तस्वीर थी और अचानक आदिवासी की नजर इस तस्वीर पड़ी तो उसने उस बूढ़े के तौर पर महात्मा गांधी की इसी फोटो की शिनाख्त कर दी । इस घटना से वली मुहम्मद इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने महात्मा गांधी को एक संत महात्मा मानते हुए अंग्रेजों की नौकरी छोड़ दी और स्वतंत्रता आंदोलन में कूद पड़े।

‘बापू का सपना’ ऐसे बना था वली मुहम्मद की रिहाई की वजह

स्वतंत्रता सेनानी वली मुहम्मद की पहली जेलयात्रा और वहां से रिहाई का एक रोचक किस्सा भी इन किताबों में दर्ज है, जिसके मुताबिक असहयोग आंदोलन के दौर में उन्हें नागपुर जेल में रखा गया था। यहां से उन्हें गोंदिया जेल भेज दिया गया था।
इस दौरान उन्हें जेल में आभास हुआ कि उनके ग्राम गोरकापार की संत प्रवृत्ति की महिला महात्मा दाई उन्हें बड़ा व सोंहारी देते हुए कह रही है कि जन्माष्टमी पर तुम्हारी रिहाई हो जाएगी। इस घटना का रोचक पहलू यह है कि महात्मा दाई ने प्रत्यक्ष तौर पर यह बात गोरकापार गांव के लोगों को भी बताई थी कि पटवारी वली मुहम्मद जन्माष्टमी के दिन रिहा हो जाएंगे। वाकई ऐसा हुआ भी। जब अंग्रेजों की कैद से रिहा होकर वली मुहम्मद गोरकापार पहुंचे तो उनका खूब स्वागत हुआ। इसके बाद वली मुहम्मद ने महात्मा दाई से मुलाकात की और उनसे अपने सपने के बारे में बताया। इस पर महात्मा दाई ने कहा कि उन्हें सपने में आकर बापू ने कहा था। इसके बाद से आसपास गांव में मशहूर हो गया कि महात्मा दाई को स्वप्न में आकर महात्मा गांधी निर्देश देते हैं। धीरे-धीरे चर्चा बढ़ी तो फिर आस-पास के तमाम स्वतंत्रता सेनानी गोरकापार पहुंच कर महात्मा दाई और वली मुहम्मद से निर्देश लेने लगे। तब से इस गांव का नाम गांधी गोरकापार हो गया।

डौंडी लोहारा में एकजुट किया स्वतंत्रता सेनानियों को

स्वतंत्रता सेनानी वली मुहम्मद ने बाद के दिनों में डौंडी लोहारा को अपना कर्मक्षेत्र चुना। दस्तावेजों के मुताबिक डौण्डीलोहारा जमींदारी में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए लोगों को एकजुट किया और लगभग 100 लोगों ने उनके साथ जेल यात्रा की थी। उनके प्रमुख सहयोगी बालोद के स्व. सरयू प्रसाद वकील रहे है। वहीं कुटेरा के स्व. कृष्णाराम ठाकुर और भेड़ी गांव के रामदयाल ने उनसे प्रेरणा लेकर जंगल सत्याग्रह में भाग लिया था। 24 जुलाई 1957 को स्वतंत्रता सेनानी वली मुहम्मद का निधन डौंडी लोहारा में हुआ।

स्वतंत्रता आंदोलन में रहे मुखर, कई बार की जेलयात्रा

वली मुहम्मद स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बेहद मुखर रहे। उनके वंशजों के पास मौजूद दस्तावेज के मुताबिक अंग्रेजी राज के विरोध के चलते 7 मार्च 1923 को उन्हें गिरफ्तार कर नागपुर जेल भेज दिया गया। फिर वहां से उन्हें 23 जुलाई 1923 को अकोला नागपुर में स्थानांतरित कर दिया गया। इसी तरह 23 अक्टूबर 1939 से 24 नवंबर 1939 तक उन्हें रायपुर की केन्द्रीय जेल में रखा गया। अंतिम बार सन 1943 से 1945 तक पूरे दो साल तक उन्हें नागपुर जेल में कैद कर रखा गया। देश आजाद होने पर स्वतंत्रता आंदोलन में उनके इस विशिष्ट योगदान के लिए महाकौशल प्रांतीय कांग्रेस कमेटी जबलपुर के सभापति सेठ गोविंददास के हस्ताक्षर युक्त एक ताम्रपत्र 15 अगस्त 1947 को प्रदान किया गया। जो आज भी वली मुहम्मद के वंशजों के पास एक धरोहर के तौर पर रखा है।

शासकीय भवन, योजना अथवा नगर का नामकरण हो वली मुहम्मद के नाम पर

स्वतंत्रता सेनानी वली मुहम्मद के गुजरने के छह दशक बाद भी आज तक उनकी स्मृति को अक्षुण्ण बनाए रखने किसी तरह का ठोस प्रयास नहीं हुआ है। वर्ष 1997 में जब देश में स्वतंत्रता की 50 वीं वर्षगांठ मनाई गई तो उनका नाम अंकित शिलालेख डौंडी लोहारा में लगाया गया। उनके वंशजों में पौत्र और शिक्षा विभाग से रिटायर सहायक संचालक मुहम्मद अब्दुल रशीद खान बताते हैं कि डौंडीलोहारा में एक मुहल्ले का नाम वली मुहम्मद नगर रखने की पहल की गई थी लेकिन इस पर अब तक सरकारी मुहर नहीं लग पाई है। वहीं लोहारा के स्कूल का भी नामकरण वली मुहम्मद के नाम पर करने की मांग लंबे समय से रही है। उन्होंने राज्य सरकार से अपेक्षा की है कि शासन अपनी संवेदना का परिचय देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ” वली मुहम्मद ” की स्मृति में किसी शासकीय भवन, योजना अथवा नगर का नामकरण करके उनकी स्मृति को चिरस्थाई बनाए, जैसा कि प्रदेश के अन्य स्थलों मे की गई है ।यही, गांधी बापू के इस अनुयायी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
_जयहिंद_

कोरोना सर्वे 02 से 12 अक्टूबर तक।

बालोद (अरमान अश्क़) : कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि छत्तीसगढ़ शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर के पत्र के अनुसार जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर भ्रमण कर ‘‘कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान’’ 02 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2020 तक किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए विभिन्न कार्य हेतु अधिकारी कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित की गई है।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार जिला स्तर पर अभियान का पूर्ण सर्वेक्षण हेतु श्री लोकेश कुमार चन्द्राकर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी, श्री अभिषेक दीवान डिप्टी कलेक्टर को जिला स्तरीय सहायक नोडल अधिकारी एवं सर्व अनुविभागीय दण्डाधिकारी बालोद को नोडल अधिकारी संबधित अनुविभाग क्षेत्र हेतु ड्यूटी लगाई गई है। इसी प्रकार शहरी/ नगर क्षेत्र में अभियान का पूर्ण सर्वेक्षण हेतु मुख्य नगर पालिका अधिकारी संबधित नगर पालिका/नगर पंचायत की ड्यूटी लगाई गई है। अभियान क्रियान्वयन एवं स्वास्थ्य विभाग हेतु नोडल मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं जिला सर्विलेंस अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। लॉजिस्टिक व्यवस्था एवं सर्वे जन-जागरूकता एवं प्रचार प्रसार हेतु जिला कार्यक्रम प्रबंधक स्वास्थ्य विभाग जिला स्तर पर एवं ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक स्वास्थ्य विभाग की ब्लॉक स्तर पर ड्यूटी लगाई गई है। प्लानिंग एवं प्रशिक्षण हेतु जिला महामारी विशेषज्ञ जिला स्तर पर एवं विकासखण्ड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी की ड्यूटी विकासखण्ड स्तर पर लगाई गई है। रिपोर्टिंग एवं प्रपत्र प्रबंधन हेतु जिला डाटा प्रबंधक(आईडीएसपी) एवं जिला डाटा प्रबंधक(एनएचएम) और विकासखण्ड डाटा प्रबंधन की ड्यूटी विकासखण्ड स्तर पर लगाई गई है। विकासखण्ड/जनपद पंचायत स्तर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी संबधित जनपद पंचायत क्षेत्र बालोद की ड्यूटी लगाई गई है। विकासखण्ड स्तर/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर अभियान का पूर्ण कार्य हेतु खण्ड चिकित्सा अधिकारी नोडल अधिकारी संबधित ब्लाक स्तर पर एवं ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक, सहायक नोडल अधिकारी की डॅयूटी ब्लॉक स्तर पर लगाई गई है। हेल्थ सेक्टर स्तर पर अभियान का पूर्ण कार्य हेतु प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारी एवं सेक्टर सुपरवाईजर, संबधित सेक्टर हेतु ड्यूटी लगाई गई है। घर-घर भ्रमण एवं सर्वे तथा जॉच हेतु संबधित क्षेत्र के मितानिन, ऑगनबाड़ी कार्यकर्ता/सहायिका, ए.एन.एम., एम.पी.डब्ल्यू एवं नगरीय निकाय/पंचायत स्तर के कर्मचारी की ड्यूटी लगायी गई है। जारी आदेश के अनुसार सभी अधिकारी, कर्मचारी दिए गए दायित्वों का निर्वहन दिशा निर्देशों का पालन करते हुए सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

कांकेर में वरिष्ठ पत्रकार पर हुए जानलेवा हमले की डौंडी पत्रकार संघ ने की कड़ी निंदा।

डौंडी (लक्ष्मीकांत बंसोड़) : कांकेर में पत्रकार कमल शुक्ला पर कतिपय राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए हमले की घोर निंदा करते हुए डौंडी प्रेस क्लब ने मांग की है कि प्रदेश में पत्रकारों के उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए तत्काल पत्रकार सुरक्षा के व्यापक दिशा निर्देश दिए जाएं और उन पर सख्ती से अमल भी सुनिश्चित किया जाए।डौंडी प्रेस क्लब के अध्यक्ष तेज राम साहू ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह हाल फिलहाल की कोई इकलौती घटना नहीं है। आए दिन इस प्रकार की वारदातें पूरे प्रदेश में घटित हो रही हैं। एक पत्रकार के साथ अराजक तत्वों द्वारा मारपीट की शिकायत कर थाने से लौट रहे पत्रकारों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा हमला यह निरूपित कर रहा है कि राज्य में चौथे स्तंभ की स्थिति चिंताजनक हो चुकी है। पत्रकारों के साथ उत्पीड़न की इस तरह की घटनाएं न हों, इस दिशा में तत्काल ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने राज्य में अभिलंब पत्रकार सुरक्षा कानून सख्ती के साथ लागू करने की मांग की है। कड़ी कार्यवाही व सुरक्षा की मांग करने वालो में प्रमुख रूप से ओम गोलछा, अनिल सुथार, फिरोज अहमद खान, लक्ष्मीकांत बंसोड़, राहुल गोलछा, दीपक राजाभोज, आलोक गुप्ता, सतीश सिंग, गोरेलाल सोनी, हरीश साहू, तेज राम साहू सहित अन्य सदस्य शामिल थे।


राजहरा में कोरोना से लगातार मौत।

फाईल फोटो

दल्ली राजहरा में भी अब कोरोना का भयावह रूप देखने को मिल रहा है संक्रमण के साथ ही साथ कोरोना से मौतों का सिलसिला भी बढ़ता ही जा रहा है। रोजाना दर्जनों कोरोना मरीज मिल रहे है वही अभी जिले में पूर्ण लॉकडाउन के बावजूद लोग बेपरवाह और बेवजह बाहर घूम रहे है लोग मास्क का प्रयोग भी नही कर रहे है। यही स्थिति रही तो समस्या से निपट पाना बहुत मुश्किल होगा।

हाल ही में कल वार्ड क्र 07 में रहने वाले 55 वर्षीय मरीज जो कि बीएसपी कर्मचारी थे उनकी मौत कोरोना से हो गई है उनको दो दिन पहले ही बालोद के कोविड अस्पताल ले जाया गया था जहाँ उनकी मौत की पुष्टि हुई है। वार्ड क्र 18 से दो लोगो एवं वार्ड क्र 26 से एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हुई है।


कलेक्टर ने चखा कोरोना मरीज का खाना।

बालोद (अरमान अश्क़) : आइसोलेशन सेंटर पाकुरभाट में मरीजों द्वारा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर कई तरह के आरोप लगाकर हंगामा किया गया था। कोई भोजन को लेकर नाराजगी जता रहा था तो कोई इलाज की व्यवस्था ठीक ना होने पर। कलेक्टर भी वहां निरीक्षण के लिए पहुंचे थे। हंगामा हो रहा था इसी बीच वहां मरीजों के खाने के लिए पैकेट भी आया। मरीजों की शिकायत थी कि खाना भी ठीक से नहीं मिलता तो कलेक्टर ने भी पैकेट खोला और चखना शुरू कर दिया। चखने के बाद कहने लगे भोजन की गुणवत्ता तो अच्छी है। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आज दोपहर जिला मुख्यालय बालोद के समीप ग्राम पाकुरभाट के कोविड केयर सेंटर परिसर पहुंचे थे। वहां उन्होंने मरीजों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मरीजों ने कलेक्टर को बताया कि डॉक्टर और नर्स प्रतिदिन आते हैं। दवाई का किट मिला है। गरम पानी भी मिलता है। भोजन, नाश्ता व चाय मिलता है। खण्ड चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि कोविड केयर सेंटर में ब्लड प्रेशर, ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, पल्सरेट जांचने का किट तथा दवाईयॉं उपलब्ध है।

कोविड केयर सेंटर्स में बेहतर व्यस्था हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे है। किसी भी समस्या से एसडीएम या तहसीलदार को अवगत कराएं।

जनमेजय महोबे, कलेक्टर बालोद

कलेक्टर ने कोविड केयर सेंटर के शौचालयों का प्रतिदिन सफाई कराने के निर्देश मौके पर उपस्थित मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दिए। कलेक्टर ने कोविड केयर सेंटर पाकुरभाट में भर्ती मरीजों के दोपहर का भोजन चखकर गुणवत्ता परखी। उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता अच्छी है। दोपहर के भोजन में चावल, दाल, रोटी, आलु-गोभी और मटर-टमाटर की सब्जी दिया गया था। समय पर भोजन न मिलने की शिकायत पर कलेक्टर ने दोपहर का भोजन प्रतिदिन 01.30 बजे तक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने तीन समय चाय तथा काढ़ा भी देने के निर्देश दिए। इस अवसर पर एसडीएम सिल्ली थामस, तहसीलदार रश्मि वर्मा, खण्ड चिकित्सा अधिकारी एसके सोनी, मुख्य नगर पालिका अधिकारी रोहित साहू, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता धनंजय आदि मौजूद थे।


दल्ली राजहरा में कोरोना से दूसरी मौत।

बालोद (अरमान अश्क़) : जिला कोविड-19 अस्पताल में बुधवार को दल्ली राजहरा की 40 वर्षीय महिला सरजीत कौर की कोरोना से मौत हो गई। इसकी पुष्टि अस्पताल के प्रभारी सिविल सर्जन डॉक्टर एसएस देवदास ने भी की है। बताया जाता है कि महिला की तबीयत चार-पांच दिन से खराब थी। गले में खराश थी लेकिन वह नजरअंदाज कर रही थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर आशंकावश परिजन उसे जांच कराने के लिए फीवर अस्पताल बालोद ले आए। जहां पर टेस्ट हुआ तो रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। घर से अस्पताल आते तक उसकी स्थिति और भी सीरियस हो गई थी। डॉक्टर रेफर करने की भी तैयारी करते लेकिन जितना हो सके यहां बचाने का प्रयास भी किया गया। इलाज शुरू होने के कुछ देर बाद ही महिला ने दम तोड़ दिया। ज्ञात हो कि बालोद जिले में कोरोना से लगातार मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

बीते दिनों ग्राम देवसरा अर्जुन्दा क्षेत्र में भी एक बुजुर्ग की मौत हुई थी तो इसके पहले भी तीन से चार मौत कोरोना से हो चुकी है। दल्ली की महिला की मौत के बाद उसके शव को सुरक्षित तरीके से पैकिंग कर के मुक्तांजलि वाहन के जरिए घर भेजा गया और चंद लोगों की मौजूदगी में देर शाम को अंतिम संस्कार हुआ।


स्वास्थ्य विभाग के 24 अफसरों के तबादले।

रायपुर (दुर्गा प्रसाद बंजारे) : कोरोना संक्रमण के बीच छत्तीसगढ़ में अधिकारियों-कर्मचारियों के तबादले का दौर लगातार जारी है। इसी कड़ी में सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के 24 अधिकारियों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी सूची में विशेषज्ञ डॉक्टरों सहित सिविल सर्जन का भी नाम शामिल है।

देखे लिस्ट-

शासन का अल्टीमेटम आग के हवाले कर तीसरे दिन भी हड़ताल जारी।

डौंडी (दीपक राजाभोज) : छग प्रदेश एनएचएम संघ जिला बालोद के ब्लॉक इकाई डौंडी में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल तीसरे दिन भी अनवरत जारी रही। जिसके कारण काम ठप रहा, ज्ञात हो कि जिला प्रशासन की ओर से कर्मचारियों को 24 घन्टे में ड्यूटी जॉइन करने का अल्टीमेटम दिया जा चुका है। परन्तु इसकी परवाह किये बिना कर्मचारी आज भी हड़ताल में डटे रहे और जिला प्रशासन के 24 घन्टे के अल्टीमेटम के आदेश का सामूहिक दहन किया गया। ब्लॉक अध्यक्ष डॉ प्रकाश राठौर ने कहा कि शासन जब तक अपने घोषणा पत्र में किये हुए वादे को पूर्ण नही करता, तब तक हड़ताल वापस नही लिया जाएगा। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष प्रकाश डॉक्टर प्रकाश राठोर, झरना नामदेव, कुलेश्वरी ठाकुर, ईश्वर भारती चंद्राकर, सोनल गांधी, मयूरी जयसवाल, मुकेश आदि उपस्थित थे।

बालोद जिले में बुधवार शाम 6 बजे से लॉकडाउन। लापरवाही पर होगी कड़ी कार्यवाही।

बालोद (अरमान अश्क़) : बालोद कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आदेश जारी कर कहा है कि बालोद जिले में कोरोना वायरस (कोविड-19) के व्यापक संक्रमण को देखते हुए कार्यालयीन आदेश 18 सिंतबर 2020 के द्वारा 22 सितंबर 2020 से 30 सितंबर 2020 की अवधि के लिए बालोद जिले के समस्त नगरीय निकाय क्षेत्रों एवं प्रभावित ग्राम पंचायतों हेतु महामारी रोग अधिनियम 1897 एवं दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया हैं। सम्पूर्ण जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। अतः कोरोना वायरस की रोकथाम एवं चैन को तोड़ने हेतु दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 30, 34 सहपठित एपिडेमिक डिसीजेस एक्ट, 1897 यथा संशोधित 2020 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण बालोद जिले को 23 सितंबर 2020 की शाम छह 06ः00 बजे से 30 सितंबर 2020 की रात्रि 12ः00 बजे तक की अवधि के लिए कंटेमेंट जोन घोषित किया गया है एवं पूर्व प्रसारित आदेश 18 सितंबर 2020 के अनुक्रम में 23 सितंबर 2020 की शाम 06 बजे से 30 सितंबर 2020 की रात्रि 12ः00 बजे की अवधि के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है।

कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार उपरोक्त अवधि में बालोद जिले की सभी सीमाएं पूर्णतः सील रहेगी। उपरोक्त अवधि में जिला अंतर्गत सभी केन्द्रीय/शासकीय/अर्द्धशासकीय कार्यालय बंद रहेंगे।

वही आवश्यक सेवाओं के लिये समय तय
जिले में संचालित सभी डीजल/पेट्रोल पम्प प्रातः 06ः00 बजे से अपरान्ह 02ः00 बजे तक संचालित होंगे। जिले में संचालित सभी बैंक प्रातः 10ः30 बजे से दोपहर 02ः00 बजे तक संचालित होंगे, लेकिन एटीएम सेवा निर्बाध रूप से जारी रहेंगें। जिले के सभी शराब दुकान पूर्णतः बंद रहेंगे। उपरोक्त अवधि में सभी धार्मिक/सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे। कृषि आदान विक्रय ईकाइंया, कृषि मशीनरी विक्रय, इससे संबधित स्पेयर पार्ट्स एवं मरम्मत की दुकानें (इसकी सप्लाई चैन सहित) प्रातः 06ः00 बजे से दोपहर 12ः00 बजे तक संचालन की अनुमति होगी। उपरोक्त अवधि में सब्जी, मटन, मछली, फल आदि से संबधित समस्त दुकान पूर्णतः बंद रहेंगे। जिले के समस्त हाट-बाजार बंद रहेंगे। अपरिहार्य परिस्थितियों मे बालोद जिले से अन्यत्र जाने वालों को ई-पास के माध्यम से पूर्व अनुमति लिया जाना अनिवार्य होगा। जिले में संचालित विकास/निर्माण कार्य एवं शासकीय योजनाएं से संबधित गतिविधियां सामाजिक दूरी का पालन करते हुए जारी रहेंगे।

कोविड संक्रमण के रोकथाम हेतु जिले में समस्त कार्य जैसे कांटेक्ट ट्रेसिंग, एक्टिव सर्विलांस, होम आईसोलेशन, दवाई वितरण आदि पूर्वानुसार चलते रहेंगे। इन कार्य में संलग्न सभी शासकीय कर्मचारियों की उपस्थिति पूर्वानुसार अनिवार्य होगी। कोविड केयर सेंटर से डिस्चार्ज होने वाले मरीजों के परिवहन में संलग्न वाहन पूर्वानुसार संचालित रहेंगे। जिले में स्थित शासकीय कार्यालय यथा कलेक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक, (शहरी एंव ग्रामीण), मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय एवं उनके अधीनस्थ समस्त कार्यालय, अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, तहसील थाना एवं पुलिस चौकी, वनमण्डलाधिकारी कार्यालय, स्थानीय निकाय, बिजली, पेयजल आपूर्ति तथा अग्निशमन सेवाएं से संबधित कार्यालय पूर्ववत् जारी रहेंगे, लेकिन इन शासकीय कार्यालयों मे उपरोक्त अवधि में आम जनता का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

होगी कड़ी कार्रवाई-
सभी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी अपने मुख्यालय में रहेंगे और उन्हें किसी भी समय कार्यालय में बुलाया जा सकेगा। आदेश का पालन न करने वाले अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध महामारी एक्ट के तहत कार्यवाही की जा सकेगी।

कार्यालयीन आदेश 18 सितंबर 2020 पूर्ववत् 22 सिंतबर 2020 से प्रभावशील रहेगा, लेकिन उक्त आदेश के अनुक्रम में यह आदेश 23 सिंतबर 2020 की शाम 06ः00 बजे से संपूर्ण बालोद जिले में प्रभावशील होगा। आदेश का उल्लंघन करने पर भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 के तहत कार्यवाही की जाएगी।


क्या मंत्री को भी हुआ कोरोना? उनका स्वविवेक कि जानकारी छुपाई जाए अथवा बताई जाए।

दल्ली राजहरा : क्षेत्र की एक विधायक व छत्तीसगढ़ शासन की मंत्री को भी कोरोना संक्रमण हो गया है। रविवार को दोपहर स्वास्थ्य विभाग द्वारा इसकी पुष्टि की गई। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी साझा नही की गयी है। ऐसा लगता है कि मंत्री के परिजन के अलावा जिला प्रशासन भी जानकारी छिपा रहे है। कोरोना संक्रमण काल में हुए कई बैठकों और भेंट-वार्ताओं में मंत्री जी बिना मास्क के नजर आई जिसे भी बड़ी लापरवाही बताई जा रही है। वही काढ़ा बनवाने मंत्री प्रतिनिधि वन क्षेत्र से ताज़ा गिलोय का प्रबंध कर रहे है। पार्टी से जुड़े हुए मंत्री मैडम के करीबी भी इस बात से अनजान बने हुए है। स्वास्थ्य विभाग ने लगातार मीडिया के दबाव के चलते पुष्टि तो कर दी है मंत्री महोदया को जागरूकता के आधार पर स्वयं घोषणा करनी चाहिए थी। जिससे उनके संपर्क में आये पार्टी कार्यकर्त्ता, अफसर व कर्मचारी स्वतः कोविड जाँच करवा ले। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में मंत्री मैडम का इलाज रायपुर में ही चल रहा है तथा वे रायपुर स्थित निवास में होम आइसोलेशन पर हैं।


राजहरा में कोरोना से पहली मौत।

मृतक के परिवार की बड़ी लापरवाही।

डॉक्टरों की भी लापरवाही जिन्होंने संदेह होने पर भी प्रशासन को सुचना नही दी।

शहर में अब हो सकता है कोरोना संक्रमण का बड़ा फैलाव।

दल्ली राजहरा : सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार दल्ली राजहरा के वार्ड क्र 26 निवासी युवक की सप्ताह भर से तबियत ख़राब थी। इलाज के लिए उन्होंने अलग अलग डॉक्टरों को दिखाया जिस पर डॉक्टर द्वारा सलाह दी गई थी कि कोविड सेंटर में जा कर कोरोना टेस्ट करवा लीजिये। लेकिन युवक द्वारा कोरोना टेस्ट न कराकर सीधे ही घर में होम आइसोलेशन में चला गया। जिसके बाद उसकी तबियत में कोई सुधार नही आया। कल रात अचानक तबियत ज्यादा ख़राब हो जाने से रात के करीब 8 बजे युवक की मृत्यु हो गई। आज सुबह घर वालों द्वारा पुरे विधिविधान के साथ उनका अंतिम संस्कार करने की तैयारी कर ली गयी थी और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जा रहे थे। तभी प्रशासन को जब खबर लगी इस बारे में बीच रोड से शव को रोका गया और फिर शव का परीक्षण एवं कोरोना टेस्ट किया गया। शव की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के पश्चात् पुरे प्रशासन एवं मोहल्ले में हडकंप मच गया। उसके बाद प्रशासन की निगरानी में अंतिम संस्कार किया गया और फिर जितने भी इनके संपर्क में थे स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच पड़ताल की गई और उन सभी कोरोना टेस्ट किया जा रहा है।


स्वास्थ्य कर्मी शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर।

डौंडी (दीपक राजाभोज) : बालोद जिले सहित पूरे प्रदेश के  एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मी अपनी 1 सूत्री  मांगों को लेकर शनिवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए जहां आज पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है वही स्वास्थ्य कर्मियों का इस तरह से हड़ताल पर जाने पर स्वास्थ्य विभाग की स्थिति चरमरा गई है इन कार्यकर्ताओं में डॉक्टर, आरएमए, डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं विभाग के महत्वपूर्ण कर्मचारी आज हड़ताल पर है जिससे ना तो सही ढंग से रिपोर्टिंग हो पा रही है और ना ही सही ढंग से इलाज डोंडी ब्लॉक के सभी स्वास्थ विभाग के एनएचएम के कर्मचारी हड़ताल पर है। एनएचएम के ब्लॉक अध्यक्ष डॉक्टर प्रकाश राठौर ने प्रेस को बताया कि हमारी मांगे बहुत ही लंबे समय से शासन को अवगत कराया जा रही था निस्वार्थ कोरोना काल में भी हमने दिन रात मेहनत कर रहे  है हमारी स्थिति परिस्थिति देखते हुए शासन को भी चाहिए कि हमारी मांगों को मान लिया जाना चाहिए जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी तब तक हम सभी कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे इस बात की जानकारी हमें शासन को पहले ही दे चुकी है जो चुके हैं।


शिवसेना ने विरोधियों का फूंका पुतला। महामाया में कार्यालय का हुआ उद्घाटन।

डौंडी (गोरेलाल सोनी) : ब्लाक के ग्राम महामाया में डौंडी ब्लाक शिवसेना प्रमुख बहादुर सोनी के नेतृत्व में सुभाष चौक महामाया पर जमकर नारेबाजी करते हुए विरोधियों का पुतला फूंका। इस दौरान कोई भी प्रशासन संबंधित स्थल में नजर नही आये। नारेबाजी करते हुए शिवसैनिकों ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बढ़ती लोकप्रियता से घबराए हुए विरोधियों ने मिलकर स्वांग रच रहे है, इन विरोधियों की मंशा को शिवसेना कभी सफल होने नही देगी और हर दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। विरोधी जन चाहे लाख पैतरा आजमा ले वे हर बार मुह की खाएंगे, शिवसेना कोई भी षड्यंत्र बर्दाश्त नही करेगी उन्होंने कहा कि पूरे भारत मे विरोधियो का पुतला जलाया जा रहा है। इससे पूर्व सुभाष चौक महामाया में शिवसेना कार्यालय का हर्षोल्लास उद्घाटन किया गया।

इस अवसर पर शिवसेना के वरिष्ठ बुजुर्ग सुखउराम निषाद, महामाया अध्यक्ष बलराम निषाद,पोन्टी बाल्मीक,कामसिंग गावड़े, मनीष साहू, नरेश कुमार कौशल, राजकुमार प्रजापति, उदयसिंह राजपूत, राकेश साहू, रघुनाथ गावड़े, सुमहेरी निर्मलकर,महेश कुमार विश्वकर्मा,अजय मरकाम,पवन निर्मलकर आदि शिवसैनिक उपस्थित थे।


एक अख़बार की रिपोर्ट ने उसे बना दिया अरबों का कर्ज़दार।

आपने ये कहावत तो ज़रूर सुनी होगी कि भगवान जिसे देता है छप्पड़ फाड़ के देता है. इसके साथ-साथ ये भी देखा होगा कि किस्मत जब छीनने पर आती है तो इंसान के पैरों के नीचे की ज़मीन तक छिन लेती है.

फर्श से अर्श तक जाने की और अर्श से फर्श पर गिरने की तमाम कहानियां आपने सुनी होंग, लेकिन आज जिस शख्स की कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं उसने सफलता की चढ़ाई भी देखी और अपने बर्बाद होने की ढलान भी. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं उस शख्स की कहानी जो मात्र आठ डॉलर से बना अरबपति और एक रिपोर्ट ने उसे बना दिया अरबों का कर्ज़दार: शेट्टी दुनिया के सबसे अमीर कन्नड़ माने जाते रहे हैं. इसके साथ ही उन्हें दुबई की सबसे बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनी एनएमसी के मालिक के रूप में जाना जाता है. 1 अगस्त 1942 को कर्नाटक के उडुपी जिले के कापू शहर में जन्मे बावागुत्थु रघुराम शेट्टी ने एक आम मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की तथा अपनी मेहनत से अरबों की सम्पत्ति के मालिक बने.
बी आर शेट्टी ने फ़ार्मा बिज़नेस से बुलंदियों की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया लेकिन वो सिर्फ यहीं रुके नहीं रहे बल्कि  हेल्थकेयर के साथ साथ फाइनैंशल सर्विसेज, हॉस्पिटेलिटी, फूड ऐंड बीवरेज, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग तथा रियल एस्टेट के क्षेत्रों तक अपने व्यापार का विस्तार किया. वो बी आर शेट्टी भी ही थे जिन्होंने 1980 में यूएई एक्सचेंज की शुरुआती की. 

हालांकि, जिस तरह उन्होंने कामयाबी की बुलंदियों को छुआ उसी तरह वह तबाह होने की कगार तक भी पहुंच गये. ब्रिटिश निवेश फर्म मड्डी वॉटर्स द्वारा सामने आई एक रिपोर्ट ने शेट्टी के अरबों के बिज़नेस को तिनकों की तरह बिखेर दिया.  बी आर शेट्टी को अच्छे से जानने के लिए उनकी कहानी को शुरू से जानना ज़रूरी है.

कई बार हमारे मन का नहीं होता तो हमें बहुत बुरा लगता है लेकिन समय के साथ हम ये देखते हैं कि नियति का सोचा हुआ हमारे मन के सोचे से कहीं गुना ज़्यादा अच्छा होता है. बी आर शेट्टी इसका प्रबल उदाहरण हैं. शेट्टी का जन्म एक साधरण परिवार में हुआ था. इनका परिवार भी भारत के उन लाखों परिवारों जैसा था, जिनके घर की दाल रोटी तो अच्छे से चल रही होती है लेकिन किसी ज़रूरतों के समय उन्हें कहीं ना कहीं हाथ फैलाने ही पड़ते हैं. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शेट्टी के अंदर नेता बनने की तीव्र इच्छा जागी. उन्होंने राजनीति में अपना कदम भी बढ़ा लिया था तथा दो बार नगर पालिका के चुनाव भी जीते.
इतना ही नहीं बल्कि शेट्टी तब उस समय के उन दिग्गज नेताओं से भी मिले थे जो आगे चल कर देश के प्रधानमंत्री बने. 1960 में शेट्टी की मुलाकात स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपाई तथा नरेंद्र मोदी से हुई थी. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि शेट्टी की राजनीति में अपना कद ऊंचा करने की कितनी इच्छा थी. लेकिन उनका ये सपना तब टूट गया जब उनकी बहन की शादी तय हुई. शादी के लिए परिवार को लोन लेना पड़ा और उस लोन को चुकाने के लिए शेट्टी को राजनीति छोड़नी पड़ी.

जिस शख्स ने अपने जीवन में अरबों की सम्पत्ति बनाई वो सन 1973 में एक तरह से खाली हाथ दुबई आया था. बहन की शादी के लिए जो कर्ज परिवार ने लिया था उसे चुकाने के लिए पैसों के अच्छे स्रोत की ज़रूरत थी और शेट्टी को ये स्रोत मिला दुबई में. यहां उन्हें एक कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी मिली. इस नौकरी के लिए वो अपने राजनीति में जाने का सपना छोड़ दुबई चले आए. 

जब वह दुबई पहुंचे तो उनकी जेब में मात्र 8 डॉलर थे. इस अरब पति ने इसी 8 डॉलर से दुबई में अपनी एक नई शुरुआत की. फार्मास्यूटिकल्स साइंस में अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले शेट्टी ने अपने इस नए काम में जी जान लगा दी. कामयाबी पाने की ललक उनमें शुरू से थे और इस कामयाबी के आगे उन्होंने किसी कठिनाई को रोड़ा नहीं बनने दिया.

शुरुआत के दिनों में शेट्टी के पास एक ही शर्ट हुआ करती थी जिसे वो हर रोज़ धोते और अगले दिन पहनते. ऐसा तब तक चला जब तक उन्होंने परिवार का सारा कर्जा चुका नहीं दिया. बी आर शेट्टी ने चंद्रा कुमारी शेट्टी से शादी कर ली. चंद्रा एक डॉक्टर थीं और ये बात शेट्टी के आगे बढ़ने में मददगार साबित हुई. शेट्टी ने 1975 में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी छोड़ कर एक छोटा सा क्लिनिक खोल लिया. 

क्लिनिक में जहां चंद्रा मरीजों को संभालती थीं. वहीं शेट्टी क्लिनिक की सफाई से लेकर एम्बुलेंस चलाने तक का काम करते थे. शेट्टी और और चंद्रा की इस साझेदारी ने खूब मेहनत की. धीरे-धीरे ये मेहनत रंग लाने लगी. आगे चल कर शेट्टी ने उस छोटे से क्लिनिक कक एनएमसी स्पेसिलीटी हॉस्पिटल में बदला और इसके साथ ही बी आर शेट्टी हेल्थ सर्विस के बिजनेस में उतर गये. देखते ही देखते शेट्टी ने 45 हॉस्पिटल खड़े कर लिए  

हेल्थ फेसिलीटी के बिज़नेस में काम जमाने के बाद शेट्टी ने मनी एक्सचेंज बिज़नेस की ओर अपना कदम बढ़ाया. 1980 में शेट्टी ने घरों से दूर रह रहे लोगों के बीच सेंध मारी. बाहर रह रहे लोग बैंकों के माध्यम से पैसे भेजते थे जिसके चार्ज ज़्यादा थे. इसका हल निकालते हुए शेट्टी ने पहली बार यूएई एक्सचेंज शुरू किया. जिसके देखते ही देखते हज़ारों ग्राहक बन गये. 

500 रुपयों से अरबपति बने और एक झटके में अरबों के कर्ज़दार हो गए, बिज़नेसमेन बी आर शेट्टी की कहानी

आपने ये कहावत तो ज़रूर सुनी होगी कि भगवान जिसे देता है छप्पड़ फाड़ के देता है. इसके साथ-साथ ये भी देखा होगा कि किस्मत जब छीनने पर आती है तो इंसान के पैरों के नीचे की ज़मीन तक छिन लेती है.

फर्श से अर्श तक जाने की और अर्श से फर्श पर गिरने की तमाम कहानियां आपने सुनी होंग, लेकिन आज जिस शख्स की कहानी हम आपको बताने जा रहे हैं उसने सफलता की चढ़ाई भी देखी और अपने बर्बाद होने की ढलान भी. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं उस शख्स की कहानी जो मात्र आठ डॉलर से बना अरबपति और एक अख़बार की रिपोर्ट ने उसे बना दिया अरबों का कर्ज़दार.

शेट्टी दुनिया के सबसे अमीर कन्नड़ माने जाते रहे हैं. इसके साथ ही उन्हें दुबई की सबसे बड़ी फार्मास्यूटिकल कंपनी एनएमसी के मालिक के रूप में जाना जाता है. 1 अगस्त 1942 को कर्नाटक के उडुपी जिले के कापू शहर में जन्मे बावागुत्थु रघुराम शेट्टी ने एक आम मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में अपने कैरियर की शुरुआत की तथा अपनी मेहनत से अरबों की सम्पत्ति के मालिक बने.

बी आर शेट्टी ने फ़ार्मा बिज़नेस से बुलंदियों की ओर अपना पहला कदम बढ़ाया लेकिन वो सिर्फ यहीं रुके नहीं रहे बल्कि  हेल्थकेयर के साथ साथ फाइनैंशल सर्विसेज, हॉस्पिटेलिटी, फूड ऐंड बीवरेज, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग तथा रियल एस्टेट के क्षेत्रों तक अपने व्यापार का विस्तार किया. वो बी आर शेट्टी भी ही थे जिन्होंने 1980 में यूएई एक्सचेंज की शुरुआती की. 

हालांकि, जिस तरह उन्होंने कामयाबी की बुलंदियों को छुआ उसी तरह वह तबाह होने की कगार तक भी पहुंच गये. ब्रिटिश निवेश फर्म मड्डी वॉटर्स द्वारा सामने आई एक रिपोर्ट ने शेट्टी के अरबों के बिज़नेस को तिनकों की तरह बिखेर दिया.  बी आर शेट्टी को अच्छे से जानने के लिए उनकी कहानी को शुरू से जानना ज़रूरी है.

कई बार हमारे मन का नहीं होता तो हमें बहुत बुरा लगता है लेकिन समय के साथ हम ये देखते हैं कि नियति का सोचा हुआ हमारे मन के सोचे से कहीं गुना ज़्यादा अच्छा होता है. बी आर शेट्टी इसका प्रबल उदाहरण हैं. शेट्टी का जन्म एक साधरण परिवार में हुआ था. इनका परिवार भी भारत के उन लाखों परिवारों जैसा था, जिनके घर की दाल रोटी तो अच्छे से चल रही होती है लेकिन किसी ज़रूरतों के समय उन्हें कहीं ना कहीं हाथ फैलाने ही पड़ते हैं. अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद शेट्टी के अंदर नेता बनने की तीव्र इच्छा जागी. उन्होंने राजनीति में अपना कदम भी बढ़ा लिया था तथा दो बार नगर पालिका के चुनाव भी जीते. इतना ही नहीं बल्कि शेट्टी तब उस समय के उन दिग्गज नेताओं से भी मिले थे जो आगे चल कर देश के प्रधानमंत्री बने. 1960 में शेट्टी की मुलाकात स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपाई तथा नरेंद्र मोदी से हुई थी. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि शेट्टी की राजनीति में अपना कद ऊंचा करने की कितनी इच्छा थी. लेकिन उनका ये सपना तब टूट गया जब उनकी बहन की शादी तय हुई. शादी के लिए परिवार को लोन लेना पड़ा और उस लोन को चुकाने के लिए शेट्टी को राजनीति छोड़नी पड़ी.

मात्र 8 डॉलर और एक शर्ट का साथ

जिस शख्स ने अपने जीवन में अरबों की सम्पत्ति बनाई वो सन 1973 में एक तरह से खाली हाथ दुबई आया था. बहन की शादी के लिए जो कर्ज परिवार ने लिया था उसे चुकाने के लिए पैसों के अच्छे स्रोत की ज़रूरत थी और शेट्टी को ये स्रोत मिला दुबई में. यहां उन्हें एक कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी मिली. इस नौकरी के लिए वो अपने राजनीति में जाने का सपना छोड़ दुबई चले आए. 

जब वह दुबई पहुंचे तो उनकी जेब में मात्र 8 डॉलर थे. इस अरब पति ने इसी 8 डॉलर से दुबई में अपनी एक नई शुरुआत की. फार्मास्यूटिकल्स साइंस में अपनी पढ़ाई पूरी करने वाले शेट्टी ने अपने इस नए काम में जी जान लगा दी. कामयाबी पाने की ललक उनमें शुरू से थे और इस कामयाबी के आगे उन्होंने किसी कठिनाई को रोड़ा नहीं बनने दिया.

शुरुआत के दिनों में शेट्टी के पास एक ही शर्ट हुआ करती थी जिसे वो हर रोज़ धोते और अगले दिन पहनते. ऐसा तब तक चला जब तक उन्होंने परिवार का सारा कर्जा चुका नहीं दिया. बी आर शेट्टी ने चंद्रा कुमारी शेट्टी से शादी कर ली. चंद्रा एक डॉक्टर थीं और ये बात शेट्टी के आगे बढ़ने में मददगार साबित हुई. शेट्टी ने 1975 में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की नौकरी छोड़ कर एक छोटा सा क्लिनिक खोल लिया. 

क्लिनिक में जहां चंद्रा मरीजों को संभालती थीं. वहीं शेट्टी क्लिनिक की सफाई से लेकर एम्बुलेंस चलाने तक का काम करते थे. शेट्टी और और चंद्रा की इस साझेदारी ने खूब मेहनत की. धीरे-धीरे ये मेहनत रंग लाने लगी. आगे चल कर शेट्टी ने उस छोटे से क्लिनिक कक एनएमसी स्पेसिलीटी हॉस्पिटल में बदला और इसके साथ ही बी आर शेट्टी हेल्थ सर्विस के बिजनेस में उतर गये. देखते ही देखते शेट्टी ने 45 हॉस्पिटल खड़े कर लिए  

हेल्थ फेसिलीटी के बिज़नेस में काम जमाने के बाद शेट्टी ने मनी एक्सचेंज बिज़नेस की ओर अपना कदम बढ़ाया. 1980 में शेट्टी ने घरों से दूर रह रहे लोगों के बीच सेंध मारी. बाहर रह रहे लोग बैंकों के माध्यम से पैसे भेजते थे जिसके चार्ज ज़्यादा थे. इसका हल निकालते हुए शेट्टी ने पहली बार यूएई एक्सचेंज शुरू किया. जिसके देखते ही देखते हज़ारों ग्राहक बन गये. 

यूएई, एशिया, यूके तथा नॉर्थ अमेरिका सहित शेट्टी ने 30 देशों में यूएई एक्सचेंज की 700 ब्रांचें खोलीं. शेट्टी को सबसे बड़ी सफलता तब मिली जब 2012 में उनकी कंपनी के शेयर लंदन स्टोक एक्सचेंज पर लिस्ट हो गये. ये दुबई की पहली हेल्थ केयर कंपनी थी जिसे लंदन स्टोक एक्सचेंज में जगह मिली थी. शेट्टी ने 2018 में अपनी दो बड़ी कंपनियों के साथ अपने अन्य कारोबार को फिनब्लर के साथ मिल कर सार्वजनिक कर दिया. 

शेट्टी समय के साथ साथ हेल्थकेयर और फाइनैंशल सर्विसेज के अलावा हॉस्पिटेलिटी, फूड ऐंड बीवरेज, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग तथा रियल एस्टेट में भी हाथ आजमाने लगे तथा उन्हें हर तरफ से फायदा ही हो रहा था. उस समय वह सफलता के शिखर पर थे. 2019 में फोर्ब्स द्वारा उन्हें दुनिया के भारतीय अरबपतियों में 42वां स्थान दिया गया था. उनकी कुल सम्पत्ति 4.2 बिलियन डॉलर आंकी गई थी. 

शेट्टी ने जब दुबई में अपना अच्छा खासा बिजनेस सेट कर लिया तब उन्होंने अपनेे देश भारत का रुख किया. शेट्टी की इच्छा हुई कि वह भारत में भी अपना बिजनेस बढ़ाएं. यही सोच कर उन्होंने यहां के कुछ हॉस्पिटलों में पूंजी लगाई तथा उसकी हालत में काफ़ी सुधार कर के उन्हें सफल बनाया. इसके अलावा शेट्टी ने 2018 में भारत का पहला सेवन स्टार हॉस्पिटल सेवन हिल्स हॉस्पिटल भी खरीदा.
इसी साल शेट्टी ने 150 मिलियन डॉलर में असम टीम कंपनी खरीदी. शेट्टी हर भारतीय के लिए तब चर्चा का विषय बन गये थे जब दुनिया की सबसे बड़ी इमारत कहे जाने वाले बुर्ज खलीफा में उन्होंने दो फ्लोर्स खरीदे थे. 2010 में शेट्टी द्वारा खरीदे गये इन दो फ्लोर्स की कीमत 25 मिलियन डॉलर थी. 2005 में दुबई के सबसे काबिल नागरिक का सम्मान पाने वाले, अरबों की सम्पत्ति बनाने वाले, 

8 डॉलर से कामयाबी की ऊंचाइयां छूने वाले तथा 2009 में पद्मश्री जीतने वाले बी आर शेट्टी की ज़िंदगी एक रिपोर्ट के कारण पूरी तरह हिल गई. दरअसल ब्रिटिश की एक मड्डी वॉटर्स नामक निवेश फर्म ने एक रिपोर्ट के हवाले से ये आरोप लगाए कि एनएमसी में शेयर्स को लेकर भ्रष्टाचार हो रहा है. रिपोर्ट में कहा गया कि शेट्टी की कंपनी की कीमत से ज़्यादा सम्पत्ति बताई गई है. इसके अलावा उन पर फर्जीवाड़े के आरोप भी लगे.

ये खबरें अखबारों में छपीं और शेट्टी की सम्पत्ति पर जांच शुरू हो गई. इन आरोपों के बाद शेट्टी से एनएमसी हेल्थ के निदेशक मंडल के फैसले लेने के अधिकार तत्काल प्रभाव से छीन लिए गए. एनएमसी हेल्थ को लंदन स्टॉक एक्सचेंज की लिस्ट से हटा दिया गया. सभी बैंक खाते भी सील कर दिए गए. बताया गया कि शेट्टी की कंपनियां पांच अरब डॉलर के कर्ज में डूबी हैं.

तीन वर्षीय मासूम माता-पिता व दादी के सामने तड़प तड़प कर मौत।

डौंडी (गोरेलाल सोनी) : आज दोपहर करीब 12 बजे कच्चे माइंस से रायपुर की ओर जा रही ट्रक क्रमांक सीजी 08 एबी 5801, 12चक्का ट्रक ने डौंडी के दुर्गा चौक मुख्य मार्ग पर कच्चे साल्हे के तीन वर्षीय मासूम बालक को बीच सड़क किनारे हेल्फर साइड चक्का में रौंद दिया। उक्त ट्रक में मासूम का पेट दब गया जिसे स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहां प्राथमिक उपचार बाद डॉक्टर ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक कच्चे साल्हे गांव निवासी 3 वर्षीय मासूम अपने माता-पिता और दादी के साथ डौंडी सामान खरीदने आया था। इसी दौरान खेलते-खेलते बच्चा बीच सड़क पर पहुंच गया। तभी कच्चे की ओर से आ रही ट्रक की चपेट में आ गया।
घटना के संबंध में थाना में तहकीकात की जा रही है। जिसके बाद ही पूरी वस्तुस्तिथि सामने आ पाएगी। बहरहाल मृत मासूम की माँ से थाना डौंडी द्वारा विवरण लिया जा रहा है। हालांकि हादसे के बाद डौंडी पुलिस मौके पर पहुंचकर ट्रक को जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

बता दें कि प्रशासन के द्वारा दल्ली राजहरा में नो एंट्री लगने के बाद ट्रक ड्राइवर जल्दीबाजी में गाड़ी तेज़ चलाने मजबूर हो जाते है। देखा जाय तो नो एंट्री का नियम लागू होने के पहले ट्रकों से होने वाले हादसो की संख्या कम थी लेकिन जब से नो एंट्री लागु हुई है सड़क पर दुर्घटना बढ़ गयी है।


जमुमो वार्ड इकाई का हुआ गठन।

दल्ली राजहरा : जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ द्वारा आज दिनाँक 15/09/2020 दिन मंगलवार को जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के शहरी ब्लाक दल्ली राझहरा में वार्ड 23 में बैठक रखा गया जिसमें वार्ड क्रमांक 23 के वार्ड इकाई का गठन किया गया, जिसमे कार्यकरणी सदस्यों का सर्व सहमति से गठन किया गया जिसमें अध्यक्ष पद पर सोनू, उपाध्यक्ष पद पर अर्जुन, कोषाध्यक्ष पद पर मन्नू, परमेश्वर, महामंत्री दीपक, महेश, सचिव हरीश, सचिन, पीयूष नेताम, व कार्यकरणी सदस्य राजेश, राज, अमन, राकेश, को पदभार सौपा गया।

यह चयन कमेटी आज दिनाँक  15/09/2020 को ओड़िया पारा के मंच पर दोपहर 12:30 को जन मुक्ति मोर्चा छत्तीसगढ़ के प्रवक्ता ईशवर निर्मलकर और सक्रिय कार्यकर्ता सुशील निषाद  के मौजूदगी में हुआ। ईशवर निर्मलकर ने नए कमेटी के सदस्यों को जमुमो के विचारों से रुबरु कराया और शहीद कॉमरेड शंकर गुहा नियोगी जी के संघर्ष और निर्माण के विचारों पर चलने को कहा साथ ही साथ 28 सितम्बर नियोगी जी के शहादत दिवसको सफल बनाने हेतू चर्चा किये और कॉमरेड सुशील निषाद ने सभी नव निर्वाचित सदस्यों को बधाई दी और कहा कि जंहा पर भी  किसी कर साथ अन्याय होता देखो तो उस अन्याय के खिलाफ जरूर आवाज उठाना तभी इस कमेटी का महत्व रहेगा।


मजदूरी देने गये रेंजर की नक्सलियों ने की हत्या।

बीजापुर : छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने बीजापुर जिले में पदस्थ एक रेंजर की हत्या कर दी। नक्सलियों ने भैरमगढ़ क्षेत्र के जांगला के पास कोन्ड्रोजी के स्कूल पारा में इस घटना को अंजाम दिया है।

जानकारी के मुताबिक इन्द्रवती टाइगर रिज़र्व भैरमगढ़ परिक्षेत्र में पदस्थ रथराम पटेल आज दोपहर मजदूरी भुगतान के लिए कोंडरोंजी गए थे। इसी दौरान नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया, फिर कोडरोंजी गांव के बीचों-बीच स्कूल के पास धारदार हथियार से शरीर पर वारकर मौत के घाट उतार दिया। रेंजर रथराम मूल रूप से बलौदाबाजार जिले के कसडोल विकासखंड अंतर्गत गांव कुम्हारी के रहने वाले थे। वर्तमान में अपने परिवार के साथ भैरमगढ़ में रह रहे थे। रेंजर की हत्या की सूचना के बाद एसपी कमललोचन कश्यप खुद मौके पर पहुंचे, जहां से रेंजर रथराम पटेल के शव को वापस लाया जा रहा है। बता दें कि नक्सलियों ने धारदार हथियारों से रेंजर रथराम पटेल के शरीर पर कई बार वार किये जिससे रेंजर की मौके पर ही मौत हो गई। डीएफओ एन के शर्मा ने बताया कि रथराम पटेल फील्ड की ड्यूटी पर थे। इस दौरान नक्सलियों ने उनकी हत्या की है। फिलहाल हम सभी मौके पर है और उनके शव को जिला मुख्यालय लाया जा जा रहा है।

बस्तर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज ने बताया कि पुलिस को जानकारी मिली है कि पटेल जिले के जांगला थाना क्षेत्र में हो रहे सड़क निर्माण कार्य में लगे ग्रामीणों को मजदूरी देने गए थे। जब वह कोन्ड्रोजी गांव के करीब पहुंचे थे तब लगभग 15 नक्सलियों ने उन पर हमला कर दिया और धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या कर दी।

उन्होंने बताया कि जब नक्सलियों ने पटेल पर हमला किया तो उनके साथ मौजूद दो वन रक्षक वहां से भाग गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस दल को मौके पर रवाना कर दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने घटना के लिए जिम्मेदार नक्सलियों की खोज शुरू कर दी है।

क्यों हुआ कलेक्टर का पुतला दहन।

कांकेर : आज कांकेर शहर में पत्रकारों द्वारा कलेक्टर केएल चौहान के खिलाफ मौन रैली निकाली गयी। इसके बाद कलेक्टरेट मार्ग पर कलेक्टर का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। पत्रकारों ने राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन के साथ कांकेर कलेक्टर को तत्काल हटाए जाने की मांग की है।

प्रदेश के साथ साथ जिले में भी बढ़ रहे कोरोना के कहर को देखते हुए एक पत्रकार ने कोरोना संक्रमण से कैसे निपटा जाये या इसे बढ़ने से कैसे रोका जाये इसी विषय पर कुछ दिन पहले एक समाचार प्रकाशित किया था और साथ ही इस खबर को सोशल मीडिया में डाल दिया गया। खबर को पढ़ते ही कलेक्टर क्रोधित हो गए और पत्रकार के खिलाफ सोशल मीडिया में अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया, जिसका विरोध सोशल मीडिया में हुआ और विरोध इतना बढ़ गया कि पत्रकारों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन किया।

पत्रकारों ने आरोप लागते हुए कहा कि ये कलेक्टर अपने नौकरी के दौरान जहां -जहां पदस्थ थे, वहां ये हमेशा विवादों में रहे है। इससे पहले भी इनके ही विभाग के कर्मचारियों ने इनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। पत्रकारों ने बताया कि कलेक्टर को नहीं हटाया गया तो उग्र आन्दोलन किया जाएगा।

खेत बेचकर फैक्ट्री खुलवाई, फिर भी बेरोजगार।

दल्ली राजहरा : जिले के गिधाली स्थित गोदावरी इस्पात के क्रशिंग प्लांट के अचानक बंद कर दिए जाने से ग्रामीणों में रोजगार का संकट घर कर गया है। इसी साल जनवरी में बिना किसी पूर्व सूचना के गोदावरी कम्पनी ने अपना गिधाली स्थित आयरन ओर क्रशिंग एंड वाशिंग प्लांट बंद कर दिया जिससे फैक्ट्री में कार्यरत मजदुरो और कर्मियों के समक्ष रोजगार का संकट पैदा हो गया। ठीक फैक्ट्री बंद होने के 2 माह बाद कोरोना महामारी के चलते फैक्ट्री से जुड़कर रोजगार पा रहे ग्रामीण भूखे मरने के कगार पर है।

मनोज खोब्रागढ़े, ग्रामीण – गिधाली

ग्राम गिधाली के ही मनोज खोब्रागढ़े ने राजहरा खबर को बताया कि उनके जैसे कई ग्रामीण रोजगार के संकट से जूझ रहे है। ग्राम गिधाली में किसानों ने अपनी जमीन गोदावरी कंपनी को इसलिए बेचीं थी कि उनके गांव में फैक्ट्री खुलने पर ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी। ग्रामीणों ने अपने खेत बेचकर फैक्ट्री खुलवाए। लेकिन अचानक कभी भी बार बार फैक्ट्री का संचालन बंद कर देने से ग्रामीण बेरोजगार हो गए हैं हम सभी फैक्ट्री प्रबंधन की ढुलमुल नीतियों के चलते भारी आर्थिक नुकसान और कर्ज के बोझ में दब गए है। गिधाली और कुसुमकसा के ग्रामीण फैक्ट्री प्रबंधन के सुझाव पर आयरन ओर की रायपुर सिलतरा तक ढुलाई करने के लिए 14 चक्का ट्रक फायनेंस पर ख़रीदे। लेकिन फैक्ट्री बंद हो जाने के कारण ग्रामीणों के सभी वाहन काम के अभाव में खड़े हुए है। हमारे वाहनों के चक्के थमे हुए है ऊपर से वाहनों की किश्त, रोड टैक्स, बीमा व ड्राइवर और क्लीनर को जेब से तनख्वा देना पड़ रहा है। गिधाली स्थित फैक्ट्री में वाहनों की आवाजाही के मद्देनजर टायर पंचर दुकान, ग्रीस दुकान, मोटर मैकेनिक, होटल इत्यादि के संचालकों के सामने अपना पेट पालना दूभर हो गया है।

बता दें कि गिधाली गाँव के ग्रामीण जल्द ही बालोद कलेक्टर को अर्जी पेश करने वाले है कि बार बार बंद हो रही फैक्ट्री को जनहित के लिए पुनः स्थाई तौर पर शुरू करवाया जाए। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोदावरी इस्पात ने अब फैक्ट्री जायसवाल निको कंपनी को बेच दी है। बताया जा रहा है कि जायसवाल निको प्रबंधन जल्द ही प्रक्रियाओं को पूरा कर फैक्ट्री के संचालन की तैयारी कर रहा है। इस बात में कितनी सच्चाई है या अफवाह है आने वाला समय ही बता पायेगा। नई कंपनी के कारखाने के शुरू करने में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण बोर्ड द्वारा नियमतः जनसुनवाई की जानी है। फैक्ट्री खुलने से मजदुरो के अलावा ट्रक मालिक भी राहत की साँस लेंगे। पर्यावरण के मामले में गोदावरी इस्पात का योगदान क्षेत्र में सराहनीय रहा है कंपनी ने आसपास के इलाके में वृहद पैमाने में हरे भरे पेड़ लगाए जिससे क्षेत्र में पर्यावरणीय संतुलन बरक़रार रहे।


डौंडी ब्लाक में एक ही दिन में 9 कोरोना पॉजिटिव।

डौंडी (गोरेलाल सोनी) : मिली जानकारी के अनुसार डौंडी में 8 कोरोना पॉजिटिव आने पर नगर में हड़कंप की स्थिति बन गई है। यह सभी प्रवासी है जो नौकरी के लिए दूसरे राज्यो से आए हुए परिवार है। इन 8 पॉजिटिव के साथ ब्लाक के एक ग्राम सुरडोंगर का एक युवक भी जो अन्य राज्य से आया है उसका भी कोरोना टेस्ट पॉजिटिव होने की खबर आई है इस तरह आज डौंडी ब्लॉक में कुल 9 पॉजिटिव केस सामने आ गये हैं। इन सभी को 108 एम्बुलेंस से कोविड हॉस्पिटल बालोद भेजा गया है। सभी पॉजिटिवट होम आइसोलेशन में थे।


रायपुर से केंवटी के बीच चलेगी स्पेशल डेमू ट्रेन।

रायपुर/डौण्डी (फिरोज अहमद खान) : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में दुर्ग-अम्बिकापुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन, रायपुर-कोरबा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन एवं रायपुर-केवटी डेमू स्पेशल की सुविधा 04 सितम्बर से शुरू करने ऐलान कर दिया है।
रेलवे बोर्ड के दिशा निर्देशानुसार दिनांक 04 सितम्बर, 2020 से दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में उक्त तीनों ट्रेन चलेगी। 08241/08242 दुर्ग-अम्बिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन की सुविधा दिनांक 04 सितम्बर से इस गाडी का परिचालन किया जा रही है। 08241 दुर्ग-अम्बिकापुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का परिचालन दिनांक 04 से 29 सितम्बर, 2020 तक एवं 08242 अम्बिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का परिचालन दिनांक 05 से 30 सितम्बर, 2020 तक परिचालन किया जायेगा।

07815/07816 रायपुर-केवटी-रायपुर डेमू स्पेशल ट्रेन का परिचालन दिनांक 04 सितम्बर से इस गाडी का परिचालन किया जा रही है। 07815 रायपुर-केवटी डेमू स्पेशल ट्रेन का परिचालन दिनांक 04 से 29 सितम्बर, 2020 तक एवं 07816 केवटी-रायपुर डेमू स्पेशल का परिचालन दिनांक 05 से 30 सितम्बर, 2020 तक परिचालन होगा।

इसी तरह 08249/08250 रायपुर-कोरबा-रायपुर एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का परिचालन दिनांक 04 सितम्बर से इस गाडी का परिचालन किया जा रही है। 08249 रायपुर-केारबा एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का परिचालन सप्ताह में (प्रत्येक बुधवार, गुरूवार, शुक्रवार एवं शनिवार को) दिनांक 04 से 29 सितम्बर, 2020 तक एव 08250 कोरबा-रायपुर एक्सप्रेस एक्सप्रेस स्पेशल ट्रेन का परिचालन सप्ताह में (प्रत्येक रविवार, गुरूवार, शुक्रवार एवं शनिवार को ) दिनांक 05 से 27 सितम्बर, 2020 तक किया जायेगा।


आरबीआई चाहता है कि बैंक महामारी में भी मुनाफा कमाए : याचिकाकर्ता

नई दिल्ली (आशीष भार्गव)लोन मोरेटोरियम अवधि के मामले में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट  में सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कहा कि इस फैसले से लोन लेने वालों पर दोहरी मार पड़ रही है क्योंकि उनसे चक्रवृद्धि ब्याज लिया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने कहा, ‘यह योजना दोगुनी मार है क्योंकि वे हमसे चक्रवृद्धि ब्याज ले रहे है। ब्याज पर ब्याज वसूलने के लिए बैंक इसे डिफॉल्ट मान रहे हैं। यह हमारी ओर से डिफ़ॉल्ट नहीं है। सभी सेक्टर बैठ गए हैं लेकिन RBI चाहता है कि बैंक कोविड-19 के दौरान मुनाफा कमाए और गलत है।
याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया, ‘आरबीआई देश से लूटे गए करोड़ों रुपयों से नहीं जागा। आरबीआई वैधानिक नियामक है, ब्याजखोर बैंकों का एजेंट नहीं। ब्याज पर ब्याज बिलकुल गलत है और इसे चार्ज नहीं किया जा सकता। 

मंगलवार को केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया कि लोन मोरेटोरियम दो साल के लिए बढ़ सकता है। लेकिन यह कुछ ही सेक्टरों को दिया जाएगा। मेहता ने कोर्ट में उन सेक्टरों की सूची सौंपी है, जिन्हें आगे राहत दी जा सकती है। पिछली सुनवाई में लॉकडाउन पीरियड में लोन मोरेटोरियम मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए 7 दिन में हलफनामा देकर ब्याज माफी की गुंजाइश पर स्थिति साफ करने को कहा था।

कोर्ट ने कहा था कि ‘लोगों की परेशानियों की चिंता छोड़कर आप सिर्फ बिजनेस के बारे में नहीं सोच सकते। सरकार आरबीआई के फैसले की आड़ ले रही है, जबकि उसके पास खुद फैसला लेने का अधिकार है। डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत सरकार बैंकों को ब्याज पर ब्याज वसूलने से रोक सकती है।’ अदालत ने कमेंट किया था कि बैंक हजारों करोड़ रुपए एनपीए में डाल देते हैं, लेकिन कुछ महीने के लिए टाली गई ईएमआई पर ब्याज वसूलना चाहते हैं।

हम यहां एक समाधान खोजने के लिए हैं। अर्थव्यवस्था बड़े कॉर्पोरेट्स पर नहीं बल्कि छोटे व्यवसाय पर चलती है।  उन्होंने कहा कि सीधे ब्याज में छूट से बैंक कमजोर होंगे।

तुषार मेहता, सॉलिसिटर जनरल

बता दें कि कोरोना और लॉकडाउन की वजह से आरबीआई ने मार्च में लोगों को मोरेटोरियम यानी लोन की ईएमआई 3 महीने के लिए टालने की सुविधा दी थी। बाद में इसे 3 महीने और बढ़ाकर 31 अगस्त तक के लिए कर दिया गया। आरबीआई ने कहा था कि लोन की किश्त 6 महीने नहीं चुकाएंगे, तो इसे डिफॉल्ट नहीं माना जाएगा। लेकिन, मोरेटोरियम के बाद बकाया पेमेंट पर पूरा ब्याज देना पड़ेगा।

ब्याज की शर्त को कुछ ग्राहकों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उनकी दलील है कि मोरेटोरियम में इंटरेस्ट पर छूट मिलनी चाहिए, क्योंकि ब्याज पर ब्याज वसूलना गलत है। एक याचिकाकर्ता की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुनवाई में यह मांग भी रखी कि जब तक ब्याज माफी की अर्जी पर फैसला नहीं होता, तब तक मोरेटोरियम पीरियड बढ़ा देना चाहिए।


डौंडी में मंत्री ने किया निर्माण कार्यों का भूमिपूजन।

डौंडी : बालोद जिला के आदिवासी ब्लाक मुख्यालय डौंडी से सल्हाईटोला कोटागांव मार्ग 5.85 किमी डामरीकरण से बनेगा जिसकी लागत राशि 741.62 लाख होगी ,लोक निर्माण विभाग बालोद संभाग बालोद द्वारा निर्माण कार्य कराया जायेगा। जिसका विधिवत भूमिपूजन मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेड़िया ने की। अध्यक्षता जिला पंचायत बालोद अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा ने की। विशेष अतिथि ब्लाक कांग्रेस कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष कोमेश कोर्राम थे। विदित हो कि डौंडी से सल्हाईटोला कोटागांव पहुँच मार्ग पिछले कई साल से जर्रर हालत में है जहां दो चार पहिया वाहन आने जाने में असुविधा हो रही थी ग्रामीणों की मांग पर अब इस मार्ग का कायाकल्प होने जा रहा है। रोड निर्माण की मांग पूर्ण होने पर सल्हाई टोला व कोटागांव के ग्रामीणों ने मंत्री अनिला भेड़िया का आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर कांग्रेस के युवा नेता गिरीश सोनी, रवि देशमुख, अश्वनी जायसवाल, अनिल सुथार, नितिन जैन, अतीक कुरैशी, ममता जैन सहित डौंडी व दल्लीराजहरा के जनप्रतिनिधिगण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


माटीचट्टा में जल्द खत्म होगी पानी की किल्लत : शीबू नायर

दल्ली राजहरा (फिरोज अहमद खान) : नगर के वार्ड क्र 2 (आजाद वार्ड) में माटीचट्टा क्षेत्र में पेयजल उपलब्ध कराने पाइप लाइन का विस्तारीकरण किया जा रहा है जिसका निरीक्षण करने आज नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर पहुचे।

उक्त क्षेत्र में विगत कई वर्षों से पेयजल की समस्या थी गत दिनों वार्ड भर्मण के दौरान क्षेत्र वासियो के द्वारा नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर से पेयजल समस्या से निजात दिलाने पाइप लाइन विस्तारीकरण की मांग की थी। जहां वार्डवासियो की मांग पर पालिकाध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से कार्यवाही कर कई वर्षों से व्याप्त पानी की समस्या से निजात दिलाने पहल की।
निरीक्षण के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर के साथ वार्ड पार्षद सुश्री ममता नेताम, सोमेश जायसवाल, जीवन साहू व वार्डवासी उपस्थित थे।

रोजगार के मुद्दे पर 13 अक्टूबर को घेरेंगे सीएम – दीपक आरदे

बालोद : आम आदमी पार्टी युवा रोजगार यात्रा व ऑक्सिमित्र बनाने की योजना के तहत 30 अगस्त को जिला बालोद की बैठक आयोजित की गई उक्त बैठक में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व बस्तर जोन के प्रभारी कोमल हुपेंडी, आंदोलन प्रभारी डोंडी लोहारा दीपक आरदे, गुंडरदेही के हरेश चक्रधारी बालोद सगठन मंत्री घनश्याम चन्द्राकर उपस्थित हुए।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा कि प्रदेश की भूपेश बघेल की सरकार कोरोना महामारी को रोकने में सक्षम नही है प्रदेश में लगातार कोरोना संक्रमित लोग मिल रहे है जिसे भूपेश सरकार रोकथाम करने में पूरी तरह विफल है लेकिन वही दिल्ली में आम आदमी पार्टी की अरविंद केजरीवाल की नेतृत्व की सरकार में कोरोना का ग्राफ लगातार कम हुआ हैं।

इस कोरोना कॉल में पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल व दिल्ली सरकार के मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि अब देश भर में ऑक्सीजन जांच केंद्र खोलेगी व कार्यकर्ताओं द्वारा घर घर जाकर लोगो की ऑक्सीजन लेवल की जांच की जाएगी जिसके लिए उन्होंने अपने जन्मदिन पर ऑक्सिमिटर को सभी राज्यो को भेजेंगे जिसमे छत्तीसगढ़ की टीम को 1000 ऑक्सिमिटर भेजे हैं।

बालोद जिला दीपक आरदे ने बताया कि पूरे बालोद जिला के लिये 150 ऑक्सी मीटर भेजे हैं जिसे आज कार्यकर्ताओं को वितरण किया गया जो गांव गांव में रोजगार आंदोलन हस्ताक्षर अभियान के साथ साथ ऑक्सी मीटर के माध्यम से ऑक्सीजन लेवल चेक किया जायेगा इसी ऑक्सी मीटर के माध्यम से हमारी पार्टी दिल्ली में कोरोना को कंट्रोल किया जा रहा इस मीटिंग में मुख्यरूप से बालक साहू गुमान साहू बिशेसर सिन्हा नारायण राव चन्द्रर प्रकाश शंकर बंजारे अमर नाथ रावटे कामता प्रसाद पुरषोत्तम निर्मलकर हीरा लाल चिन्ताराम देवेंद्र श्रीवास्तव उपसिह निषाद मूलचंद साहू श्रीराम निषाद कली राम गावड़े भीष्मपितामह आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे


रोजगार आंदोलन समिति बालोद विधानसभा के अध्यक्ष गिरीश बघेल व सचिव कुशल कलिहारी को नियुक्त किया गया और गुंडरदेही अध्यक्ष विनय गुप्ता व सचिव शंकर बंजारे साथ ही डोंडी लोहारा विधानसभा का अध्यक्ष बिशेसर सिंहा व सचिव चन्द्ररप्रकाश शर्मा – घनश्याम चन्द्राकर जिला सगठन मंत्री नियुक्त किया गया है।


टट्टीखोली का पैसा खा गई सरपंचनिन? ग्रामीणों ने लगाया आरोप।

डौंडी (दीपक राजाभोज) : शौचालय निर्माण में ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच व सचिव पर लगाया गड़बड़ी का आरोप, 8 लाख 39 हजार फर्जी तरीके से निकालने की की गई शिकायत बालोद जिले के डौंडी ब्लाक के ग्राम ठेमा बुजुर्ग के ग्रामीणों ने कलेक्टर से लिखित शिकायत कर स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण में लाखों की गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने उक्त पूरे आरोप प्रमाणित दस्तावेजों के साथ लगाए हैं ताकि निष्पक्षता से जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की जा सके। कलेक्टर को सौंपे गए लिखित ज्ञापन में वर्तमान सरपंच सहित प्रमुख ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच व सचिव को घेरा है। जिस में शिकायत की गई है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत शौचालय निर्माण के भुगतान की राशि में ₹8लाख 39 हजार का फर्जी तरीके से आहरण कर लिया गया है। ज्ञात हो कि केंद्र सरकार द्वारा गांव को ओडीएफ यानी खुले शौच मुक्त बनाने के लिए घर-घर शौचालय बनाने की योजना शुरू की गई थी जिसमें कई घरों में शौचालय बन भी गए हैं इस योजना के तहत प्रोत्साहन राशि के तौर पर प्रत्येक शौचालय के पीछे शासन द्वारा हितग्राहियों को ₹12000 दिया जाता है। लेकिन यह योजना लगातार भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी है जिसके चलते आज भी कई गांव में इस योजना का बंटाधार नजर आ रहा है और यही वजह है कि लगातार शौचालय तो बन गए हैं लेकिन उनके भुगतान को लेकर अनियमितता सामने आ रही है। कई पंचायतों में भुगतान बकाया है तो कहीं भुगतान हुआ है तो उसमें भी मनमानी हुई है। उसमें से एक मामला यह ठेमाबुजुर्ग पंचायत का भी है।

इस तरह का लगाया गया आरोप

ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि ग्राम पंचायत ठेमा बुजुर्ग में स्वच्छ भारत मिशन के तहत 157 हितग्राहियों को ₹12000 प्रत्येक हितग्राहियों को भुगतान किया जाना था। लेकिन पूर्व सरपंच केसरबाई बारला व  पदस्थ पंचायत सचिव सूरज खरांशु के द्वारा सभी हितग्राहियों को मात्र 2000 से 3000 की राशि भुगतान की गई। यानी प्रत्येक हितग्राही के पीछे 8 से ₹9000 तक की गड़बड़ी की गई है। तो वहीं सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त दस्तावेजों से जब कुल भुगतान का मिलान किया गया तो लाखों रुपए की गड़बड़ी सामने आई है। प्राप्त दस्तावेजों के मुताबिक सभी हितग्राहियों से ली गई जानकारी के अनुसार 18 लाख84000 में मात्र ₹4 लाख44 हजार990 का ही भुगतान किया गया है शेष राशि ₹8 लाख39010 का फर्जी तरीके से आहरण कर लिया गया है तो वहीं गंभीर आरोप लगाया गया है कि एक व्यक्ति का दो से तीन आईडी बनाकर और जो व्यक्ति ग्राम ठेमा बुजुर्ग में निवासरत नहीं है ऐसे 12 व्यक्तियों के नाम से भी आईडी बनाकर फर्जी तरीके से पैसा आहरण किया गया है। इस संबंध में ग्रामीणों ने मोर्चा खोलते हुए पूर्व सरपंच व तत्कालीन सचिव पर कार्रवाई करने व निष्पक्ष जांच करने की मांग की है। ताकि हितग्राहियों को बचत राशि मिल सके और भ्रष्ट व्यक्तियों पर जो दोषी है उन पर कार्रवाई हो सके।

यह दस्तावेज सौंप कर की गई है शिकायत
लिखित आवेदन के साथ ग्रामीणों ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत 90 हितग्राहियों का जो बकाया राशि है उनका हस्ताक्षर व दस्तावेज सौंपा है। इसके अलावा उन व्यक्तियों के नाम भी सौपे गए हैं जो ठेमाबुजुर्ग में निवास नहीं करते हैं लेकिन उनके नाम से भी शौचालय स्वीकृत कराकर पैसा निकाला गया है तो वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक ही हितग्राहियों को दो से तीन आईडी बनाकर जिन्हें पैसा जारी किए गए हैं, उनका भी जिक्र किया गया है।

वन विभाग में कोरोना से हड़कंप

सामान्य सभा की बैठक में वन विभाग का एक अधिकारी के कोरोना पॉजिटिव निकलने से मचा हड़कंप।

डौंडी/दल्ली राजहरा : बालोद जिले में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। रोजाना यहां नए नए मामलो की पुष्टि हो रही है। इसी बीच खबर आ रही है कि बालोद जिले के डौंडी जनपद पंचायत के सभागार में सामान्य सभा की बैठक चल रही थी। जहां आज उस वक्त हड़कम्प मच गया जब सभा मे पहुचे वन विभाग के एक अधिकारी की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। बैठक में ब्लॉक के साथ साथ जिले से भी कई अधिकारी समान्य सभा की बैठक के लिए पहुँचे थे जहां डौंडी व दल्ली राजहरा के कई अधिकारी पहुचे हुए थे।

वही ब्लाक के कई जनपद सदस्य भी बैठक में शामिल थे। बैठक के बाद वन विभाग के अधिकारी के प्राथमिक लक्षणों को देखते हुए तहसीलदार प्रतिमा ठाकरे ने सूझ-बूझ दिखाते हुए अधिकारी का रैपिड कोरोना टेस्ट करवाया। जिसके बाद उनकी रिपोर्ट पाजीटिव आई। सामान्य सभा की बैठक में उपस्थित सभी लोगो में दहशत बन गई थी और प्रशासनिक अधिकारी अब सभी लोगो को क्वारेंन्टीन करने की तैयारी कर रहे है वही वन विभाग के उक्त अधिकारी की कॉन्टेक्ट हिस्ट्री निकाली जा रही है। वहीं जिले में आज कुल 10 नए कोरोना मरीजों की पुष्टि हुई है और 5 मरीजों को स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार आज मिले कोरोना मरीजो में डौंडी ब्लाक से 2 के साथ ही जिले में कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 130 हो गई है।

25 लीटर अवैध शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार, आबकारी विभाग ने की कार्रवाई।

डौंडी (गोरेलाल सोनी) : बालोद जिला कलेक्टर जनमेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला आबकारी अधिकारी अशोक कुमार सिंह के मार्गदर्शन पर आबकारी वृत्त दल्लीराजहरा प्रभारी एस. आर. भांडेकर मय स्टाफ राजेश कुमार पिता देवप्रसाद गोटे ,जाति- गोंड, उम्र-30 वर्ष, साकिन- टेकापार ,थाना- मंगचुवा, जिला- बालोद से मदिरा टेस्ट पर्चेस पश्चात आरोपी के रिहायशी मकान की तलाशी लेने पर 25 बल्क लीटर अवैध रूप से महुआ निर्मित कच्ची शराब बरामद होने पर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)ख एवं 34(2), 59 क, का गैर जमानतीय अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी को मौके पर गिरफ्तार किया गया एवं जप्त सामग्री को कब्जे आबकारी लिया गया।

इस कार्यवाही के दौरान आबकारी आरक्षक राजेंद्र ठाकुर, देवप्रसाद पटेल, दिगम्बर बुरा एवं वाहन चालक कुलदीप सिंह ठाकुर उपस्थित रहें।

रोजगार का वादा निभा रही केंद्र सरकार : मुश्ताक अहमद

भारतीय मजदूर संघ बालोद के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने मोदी सरकार द्वारा सामान्य योग्यता परीक्षा कराने के लिए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी (एनआरए) की स्थापना को दी मंजूरी का स्वागत किया है।
साथ ही बताया है कि
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के बाद केंद्र सरकार ने “बी” और “सी” समूह के गैर तकनीकी पदों हेतु राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन को मंजूरी दे दी, केन्द्रीय मंत्रीमंडल की बैठक में इसके प्रारूप को गत दिवस स्वीकृति मिल गई थी।

इस एजेंसी के गठन से बैंक और रेलवे सहित केंद्र सरकार एवं बैंक जैसे सार्वजनिक उद्यमों में बी और सी समूह के गैर तकनीकी पदों पर नियुक्ति हेतु एक ही प्रवेश परीक्षा होगी जिसे उत्तीर्ण करने के बाद अपने इच्छुक विभाग की अंतिम परीक्षा में बैठा जा सकेगा, अच्छी बात ये रहेगी कि अंतिम परीक्षा में अनुत्तीर्ण होने के बाद दोबारा प्रवेश परीक्षा से मुक्ति मिल जायेगी।
इस एजेंसी के बनने के बाद नौकरी के इच्छुक युवाओं को हर परीक्षा के लिए अलग-अलग आवेदन और शुल्क नहीं भरना पड़ेगा, अभी किसी अभ्यर्थी को बैंक और रेलवे की नौकरी के लिए अलग आवेदन और शुल्क भरना पड़ता है।
इसके साथ ही नई एजेंसी के गठन से देश भर में जिलावार केंद्र खोले जाएंगे, इसके कारण परीक्षार्थियों को अपने घर से दूर किसी शहर या राज्य में जाने के खर्च से मुक्ति मिल जायेगी, परीक्षा हेतु पंजीयन भी ऑन लाइन किया जा सकेगा। इस तरह बी और सी समूह के पदों में ही स्नातक, हायर सेकेंडरी और हाई स्कूल योग्यता प्राप्त आवेदकों के लिए एक ही पाठ्यक्रम से अलग-अलग परीक्षाएं होंगी, प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण होना एक तरह से प्राथमिक योग्यता मानी जायेगी।
अभी विस्तृत विवरण आना बाकी है, लेकिन इतना तो तय हो गया है कि इसके प्रभावशील होते ही सरकार और उसके नियन्त्रण वाले उद्यमों में नए रोजगार के लिए होने वाली परीक्षाओं की व्यवस्था में अपेक्षित सुधार के साथ ही निर्णय प्रक्रिया तेज हो सकेगी, विभिन्न विभागों द्वारा समान पद हेतु की जाने वाली भर्ती के लिए अलग-अलग परीक्षा लिए जाने से बेरोजगारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता है। अपने घरों से दूर परीक्षा हेतु जाने के लिए अनेक के पास पैसे तक नहीं होते, और फिर परीक्षा की समय-सारिणी कब बदल जाए ये कहना कठिन है।
कुल मिलाकर अलग-अलग भर्ती परीक्षाएं भारत के संघीय ढांचे के भी अनुरूप नहीं हैं, इससे विभागों द्वारा अलग-अलग परीक्षाओं पर होने वाले खर्च की भी बचत हो सकेगी… परीक्षा के परिणाम भी जल्दी आयेंगे जिससे अभ्यर्थियों को विभिन्न नौकरियों में अपनी पसंद चुनने का बेहतर अवसर मिल सकेगा।

केंद्र सरकार का ये कदम प्रशासनिक सुधार के साथ ही पारदार्शिता बढाने वाला भी होगा, देश में बेरोजगारी की भयावह स्थिति के कारण बहुत बड़ी संख्या ऐसे युवाओं की है जो अलग-अलग परीक्षाओं के कारण परेशान हो गये हैं। राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी के गठन से भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव आने की पूरी उम्मीद है, एक देश एक भर्ती परीक्षा का निर्णय राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत करेगा, एक राष्ट्र एक राशन कार्ड और सभी का स्वास्थ्य कार्ड बनवाने जैसी योजनाओं के बाद केंद्र सरकार का ये नया फैसला स्वागतयोग्य है।


आजादी के 74 बरस बाद आएगी रेलगाड़ी।

धुर नक्सल इलाके में दौड़ेगी ट्रेन, बस्तरवासियों में उत्साह ।

कोलकाता रेल्वे की टीम आज कर सकती है ट्रेक की जांच।

गोरे लाल सोनी की रिपोर्ट


डौंडी : घने जंगलों के बीच धुर नक्सल इलाके अंतागढ़ लोगों के लिए इस बार जश्न कुछ खास होगा, क्योंकि पहली बार इस क्षेत्र में ट्रेन रहेगी जो आजादी के 74 बरस बाद पहली बार यहां तक पहुंची है। इलाके के बहुत से लोगों ने कभी ट्रेन नहीं देखी है, सभी उत्साहित हैं कि अब जीवन बदलेगा। ट्रेन से लोग आएंगे, दुकानें खुलेंगी, ऑटो चलेंगे, रेलवे में नौकरी भी मिलेगी। आलम ये है कि सिर्फ अंतागढ़ ही नहीं, आसपास 20 किमी दायरे के गांवों में रेलगाड़ी की चर्चा है।

दल्ली राजहरा से गुदुम, भानुप्रपातपुर और अब केंवटी के बाद अंतागढ़ की ओर रेलवे लाइन अपने कदम बढ़ा चुका है।केवटी से ताड़ोकी रेल्वे लाईन का निर्माण रेल विकास निगम रायपुर द्वारा पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड मुम्बई को दिया गया जिसे केआर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स भिलाई ने रेल विकास निगम एवं पटेल इंजीनियरिंग लिमिटेड के संयुक्त कुशल नेतृत्व में अन्तागढ़ स्टेशन तक गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य पूरा किया। इस परियोजना में प्रमुख रूप से आर वी एन एल से जे,सी साहू,ए के मालवीय,पी पी गवेल, डी के मलिक, जी एस देवांगन पटेल इंजियनरिंग के सुभाष कुकेकर,दया शंकर सिंह, फीड बैक कंसल्ट एजेंसिस से पी के श्रीवास्तव,चन्द्र शेखर शर्मा,रोशन साहू सहित अन्य शामिल थे।
के आर इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड डेवलपर्स भिलाई के ओनर राणा अरुण कुमार सिंह ने बताया की माओवादी प्रभावित क्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करते हुए भी अपने लक्ष्य से विचलित हुए बिना निर्माण कार्य की पूर्णता की ओर बढ़ते रहे, और आज उन्हें अन्तागढ़ स्टेशन तक कार्य पूर्ण होने पर राष्ट्र निर्माण के कार्य में अपने योगदान पर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आगे उनका लक्ष्य २०२१ में ताड़ोकी स्टेशन तक कार्य पूर्णता का है। बीएसपी की लाइफ लाइन रावघाट रेलवे लाइन में अंतागढ़ तक का काम पूरा हो चुका है। बस अब इंतजार है इन पटरियों पर इंजन दौड़ेने की। केंवटी से अंतागढ़ तक 18 किलोमीटर तक का ट्रेक बनकर तैयार है। एसएसबी की सुरक्षा के बीच आरवीएनएल ने अपना काम लगभग समय पर कर दिया है। इधर अब रेलवे ने भी इस ट्रेक पर ट्रायल के लिए हरी झंडी दिखा दी है। आरवीएनएल के अधिकारियों की मानें तो 21 अगस्त को कोलकाता से रेलवे सेफ्टी कमिश्नर अपनी टीम के साथ यहां पहुंचेंगे और ट्रेक की बारीकी से जांच करेंगे। इसके लिए रेलवे और एसएसबी ने अपनी तैयारी कर ली है।
टीम के सामने इंजन ट्रायल रेलवे अधिकारियों के अनुसार कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ए के राय व डिफ्टी कमिश्नर सी आर नंदी और उनकी टीम के बारीकी से जांच के बाद उसी दिन इंजन का भी ट्रायल होगा। इंजन ट्रायल होने के बाद सेफ्टी की टीम अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी और जब वह क्लीनचिट देगी उसके बाद ही स्पेशल ट्रेन का ट्रायल कर स्पीड टेस्ट किया जाएगा। रेलवे की मानें तो आने वाले दो महीने के अंदर केंवटी से अंतागढ़ तक ट्रेन शुरू हो सकती है। इधर अंतागढ़ में स्टेशन बनकर तैयार है और वहां प्लेटफार्म से लेकर बुकिंग काउंटर तक का कार्य पूरा हो चुका है। निरक्षण दल में रायपुर रेल से डी आर एम शयाम सुंदर गुप्ता, भावेश पाण्डे, सुधांशु कुमार, पी के पांडे भी शामिल रहेंगे।

18 किलोमीटर में 31 पुल-पुलिया
केंवटी से अंतागढ़ के 18 किलोमीटर वाले एरिया में करीब 31 छोटे पुलिया और 4 बड़े पुल है। इन चार बड़े पुल में सबसे बड़ा लंबा करीब 70 मीटर का पुल मासबरस सीओबी से करीब 4 किलोमीटर दूर पुल नंबर 276 है जो बलराम नाला के ऊपर बना है।

अब तक 60 किमी का काम पूरा
केन्द्र सरकार की महत्वपूर्ण रेल परियोजना के तहत दल्ली राजहरा से रावघाट तक रेल लाइन बिछाने का काम 2014 से चल रहा है। 2018 तक दल्लीराजहरा से गुदुम और फिर गुदुम, भानुप्रतापपुर और केंवटी तक 42 किलोमीटर की रेललाइन पिछले साल तक तैयार हो चुकी थी। केंवटी तक ट्रेन शुरू होने के बाद एक साल के अंदर ही अंतागढ़ तक 18 किलोमीटर तक का काम पूरा किया कर लिया गया है। यानी रावघाट की ओर रेलवे ने 60 किलोमीटर तक का काम पूरा कर लिया है।

क्षेत्र वासी यह भी मानते हैं कि अब इलाके के 20 हजार लोगों को बड़ी राहत मिलना शुरू होगी।रावघाट से लौह अयस्क ले जाने के लिए बिछाई जाने वाली रेललाइन भानुप्रतापपुर में केंवटी तो पहुंच चुकी है। अब इसे अंतागढ़ तक बढ़ाया गया है। ट्रेन का ट्रायल हो चुका है और स्थिति सामान्य होने के बाद ट्रेन चलाई जाने वाली है। अंतागढ़ और आसपास सबसे ज्यादा चर्चा इस ट्रेन की है। राजहरा खबर की टीम से अंतागढ सहित क्षेत्र वासियों ने बताया कि ट्रेन से इलाके की तस्वीर ही बदल जाएगी। सबसे आसानी होगी इलाज में, क्योंकि मरीज को दुर्ग या रायपुर ले जाना सुरक्षित, आसान और सस्ता हो जायेगा। ट्रेन की वजह से लोडिंग-अनलोडिंग शुरू होगी, गाड़ियां चलेंगी, दुकानें खुलेंगी तो रोजगार भी मिलेगा। आसपास के कई गांवों के बच्चो ने अभी दुनिया देखी नहीं है। ट्रेन उनके लिए बाहरी दुनिया के दरवाजे खोलेगी। रायपुर व दुर्ग अभी भानुप्रतापपुर होते हुए जाना पड़ा है। अब सीधे जा सकेंगे वो भी कम किराये में। गौरतलब है, 30 जुलाई को जब ट्रेन का इंजन ट्रायल के लिए पहली बार अंतागढ़ पहुंचा था तो इसे देखने के लिए भीड़ लग गई थी और लोगों ने मिठाइयां तक बांटी थीं।

अंतागढ़ तक यात्री ट्रेन जल्द ही शुरू होगी यह मेन लाइन से जुड़ जाएगी। इस सुविधा से उस इलाके के आम लोगों के साथ व्यापारी वर्ग को भी बड़ा फायदा होगा।

आंनद सिंग, सीपीएम, रेल विकास निगम लिमिटेड

स्वर्गीय राजीव गांधी की जयंती पर उन्हें कांग्रेसियों ने किया याद।

डौंडी (गोरेलाल सोनी) : ब्लांक कांग्रेस कमेटी डौंडी के अध्यक्ष मुकेश पौषार्य जी के नेतृत्व में पुर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती स्थानीय रेस्टहाउस डौंडी मे मनाया गया इस अवसर पर पौधा रोपण भी किया गया जिसमें जिला पंचायत उपाध्यक्ष मिथिलेश निरोटी, विधायक प्रतिनिधि पियूष सोनी, नगर पंचायत चिखलाकसा पूर्व अध्यक्ष कुमान कोरेटी, नगर पंचायत डौंडी के एल्डरमैन जमुना बाई कोसमा, पार्षद पलटन भुआर्य, प्रदेश महामंत्री शंकर पिपरे, आदिवासी प्रदेश कांग्रेस कमेटी सचिव रेवा रावटे, पूर्व जनपद सदस्य अनिल सुथार, लोकमान्य साहू, ब्लॉक सचिव रोहित माहला, नगर पंचायत पूर्व उपाध्यक्ष संतोष डेविड, आडेझर सरपंच भीखम भुआर्य, कांग्रेस कमेटी डौंडी महामंत्री सुन्हेर कोसमा, बनवारी चिराम, निर्भय बंजारे, बिन्दू ठाकुर, एल्डरमेन अब्दुल शरीफ खान, एवं डौंडी ब्लाक के सभी कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

मूर्ति तोड़ने के विरोध में शिवसेना ने किया प्रदर्शन।

कांकेर/डौंडी (गोरेलाल सोनी) : चारामा ब्लाक के ग्राम हाराडूला में शीतला माता मंदिर में शीतला माता की मूर्ति तोड़ने के विरोध में शिवसेना द्वारा गांव हाराडूला पहुंचकर शीतला मंदिर का अवलोकन किया तथा ग्राम वासियों से मुलाकात की।

ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा द्वारा कहा गया कि क्षेत्र में लगातार वैश्विक षड्यंत्र के चलते देश विरोधी ताकतों द्वारा धर्मांतरण का कार्य करा कर समाज को तोड़ने का प्रयास किया जा रहा है एवं विभिन्न समाजों के अंदर गलतफहमियां पैदा की जा रही है एवं इतिहास का गलत व्याख्या कर समाज के अंदर फूट डाली जा रहा है जिसे हमें सभी समाज को समझना होगा एवं ऐसी शक्तियों को मुंहतोड़ जवाब देते हुए अपनी संस्कृति एवं अपने राष्ट्र को बचाना होगा। विदित हो कि कुछ दिन से क्षेत्र में लगातार देवी-देवताओं की मूर्तियां, मंदिरों में तोड़फोड़ की घटनाएं हो रही है किंतु पुलिस प्रशासन इस पर लगाम लगाने में असफल हो रहा है जिसके कारण क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। इसके पश्चात शिवसेना का प्रतिनिधिमंडल थाना चारामा पहुंचकर प्रदर्शन करते हुए थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपकर क्षेत्र में लगातार देवी-देवताओं की मूर्तियों मंदिरों के साथ हो रहे तोड़फोड़ पर रोक लगाते हुए अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार करने की मांग की गयी। अगर शीघ्र गिरफ्तारी नहीं होती है तो शिवसेना क्षेत्र की आम जनता को साथ लेकर प्रदर्शन करने बाध्य होगी।

प्रदर्शन करने वालों में प्रमुख रूप से शिवसेना प्रदेश महासचिव चंद्रमौली मिश्रा, सुभाष विश्वकर्मा, शिवेन्दर निर्मलकर, रविराज देवांगन, बंटी भेलावे, देवेन्द्र सिन्हा, रोशन श्रीवास्तव, व्यास नारायण यदु, देवांगन रोशन श्रीवास्तव, अविनाश, परमेश्वर सुनकर, दिनेश देवांगन एवं अन्य सैकड़ों शिवसेना कार्यकर्ता उपस्थित थे।

Breking : बालोद जिले में 33 कोरोना मरीज मिले।

बालोद (अरमान अश्क़) : बालोद जिले में कुछ देर पहले 33 कोरोना के केस मिले हैं। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अधिक संक्रमित हुए हैं। जहां पर कोरोना के मरीज मिले हैं उन गांव के नाम यहां दिए जा रहे हैं ताकि आप अलर्ट रह सकें। गुंडरदेही ब्लॉक से ग्राम अर्जुन्दा टिकरी, बालोद ब्लाक में ग्राम तमोरा, बोरी खपरी, सोंहतरा, चिराई गोड़ी, भेड़िया नवागांव, अंगारी, परसाही, निपानी में मरीज मिले हैं तो इसी तरह डौंडीलोहारा ब्लॉक में सहगांव,खेरथा बाजार, धुमा टोला में मरीज मिले हैं। गुरुर ब्लॉक में धनोरा व 14वी बटालियन धनोरा से मरीज मिले हैं डौंडी ब्लॉक से ग्राम ढोर्रीठेमा, मड़ियाकट्टा, पेंड्री, मंगल तराई से मरीज मिले हैं। जितने मरीज मिले हैं। उनकी उम्र 25 से 40 साल के बीच है कुछ मरीजों की उम्र 50 60 व 64 साल तक है। 31 पुरुष और 2 महिला मरीज मिले हैं।

ऑनलाइन मनाया गया 74वां स्वतंत्रता दिवस।

डौंडी (फिरोज अहमद खान) : जिला कलेक्टर जनमेयजय महोबे के संरंक्षण में तथा बीएल रात्रे (सीएमएचओ) बालोद तथा जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर के संयुक्त दिशानिर्देशन में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी, सुरडोंगर के तत्वावधान में कांऊसलर (व्याख्याता) संजय कुमार बंजारे के योजनाअनुरुप 15 अगस्त देश के74 वां स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत की आजादी में अहम योगदान देने वाले वीर शहिदों एवं भारतीय सैनिकों के सम्मान में जश्न ऐ आजादी के संध्या बेला में “मां तुझे सलाम”के अंतर्गत आओ नमन करें आत्मनिर्भर भारत और नमन करें वीर शहिदों को आनलाइन वेबीनार के माध्यम से आनलाईन सांस्कृतिक कार्यक्रम का रंगारंग आयोजन हुआ जिसमें कविता, भाषण,गीत,प्रहसन, नृत्य, एवं मंत्रमुग्ध करने वाली संगीत के रस में आजादी का जश्न नाचते गाते मनाया गया “पढ़ाई तूंहर दूआर” जैसे डिजिटल प्लेटफार्म का शानदार ढंग से उपयोग के ओर ध्यनाकर्षण कर कार्यक्रम कि शुरुआत कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य बंसंत कुमार बहुरुपी एवं जिला संयोजक चंद्र शेखर पवार इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी बालोद तथा मुख्य अतिथि के रुप मे उपस्थित जिला शिक्षा अधिकारी आरएल ठाकुर एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में अनुविभागीय दंडाधिकारी डौंडी लोहारा श्रीमान ऋषिकेश तिवारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरआर ठाकुर, डॉक्टर प्रदीप जैन, अरुण साहु (प्राचार्य) चंद्रशेखर पवार एवं समस्त आनलाईन दर्शकों की उपस्थित में जिले के रेडक्रॉस के विद्यार्थियों और अतिथियों के सहयोग से संचालक संजय बंजारे द्वारा गायत्री परिवार के विशेष सहायता से गायत्री प्रज्ञा पीठ सूरडोंगर से मां सरस्वती और स्थापित सभी देवी देवताओं की पूजा अर्चना व दीप प्रज्वलन कर मां सरस्वती के वंदना और अतिथि स्वागत गीत के साथ ही कार्यक्रम का रंगारंग शुभारंभ हुआ जिसमें इन प्रतिभागी शामिल रहे। कुमारी मितेशवरी, भाग्यवती, फूलेश्वरी, दामिनी, लिशा, गीतांजली, फलेश्वरी, मोनिका, खुमेश्वरी, फूलेश्वरी बघेल, दिपाली, हिमानी, दिव्या, दीपीका, कुंती, येणुका, नोमिता, मिताली, दिलेश्वरी, हिमानी, पिंकी, वेशमती, हितेश्वरी एवं नन्हें बालक बलिकाओं जो कि अलग ग्रामीण क्षेत्रों सुरडोंगर, लिमुउडीह,खल्लारी पारा, कुर्सीटिकुर, मरकाटोला, घीना, खल्लारी जैसे क्षेत्रों से प्रतिभागी ने अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया साथ कला के साथ साथ बच्चों द्वारा समाज व देश को वैश्विक महामारी कोविड 19 से निपटने के उपाय साझा करते हुए बच्चों के द्वारा मास्क पहनकर और सामाजिक दूरी बनाते हुए प्रस्तुति कर देश को जागरूक कर सुरक्षित रहने खर अनोखा संदेश प्रेषित कर छात्र धर्म का पालन मे भी अपना सहभागिता का परिचय दिया। इसी क्रम में जिले के शिक्षक एवं व्याख्याता साथियों जैसे कन्हैया लाल विश्वकर्मा, रामकुमार प्रजापति सूरडोंगर, जितेंद्र यादव जिला धमतरी,तथा श्री धर्मेन्द्र श्रवण खल्लारी, टिकेश्वर सिन्हा घोटिया एवं शैमुदिन अंसारी दल्ली राजहरा सभी के मधुर कविताओं ने विद्यार्थियों और दर्शक को तीन घंटे शाम 3 बजे से 6 बजे तक शमा बांधे रखने मे अपने अमूल्य भूमिका निभाई और सभी प्रतिभागियों एवं लगभग 100 दर्शकों द्वारा इस आनलाइन सांस्कृतिक कार्यक्रम लाभ उठाते हुए इनके साक्षी बने। साथ संचालक द्वारा रात्रि 8 बजे सभी दर्शकों से वीर शहीदों के नाम पर एक एक दीप प्रज्जवलित कर शहिदों को श्रंद्धाजलि पूर्वक नमन करने का सादर आग्रह किया गया ।अतिथि उद्बोधन मे श्री ठाकुर जी द्वारा इस कार्यक्रम के निर्माता और निर्देशक संजय कुमार बंजारे के प्रयास को अभिनव पहल बताते हुए इसे जिले का प्रथम तथा संभवतः राज्य स्तर मे प्रथम सफल आनलाईन कार्यक्रम बताते हुए तथा कुछ लाइन कहते हुए “जहाँ चाह है वहां राह है “जैसे वाक्यों को आज मैं चरितार्थ होते हुए देख रहा हूँ इसी के.साथ विद्यार्थियों को उत्साह बढाते हुए सभी प्रतिभागियों को बधाई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें सकारात्मक ढंग से आगे बढ़ने हेतु प्रेरित किए तथा आयोजन मंडली शा.उ.मा.विद्यालय के प्राचार्य बीके बहुरुपी, सदस्यों एवं प्रचार प्रसार का जिम्मेदारी संभाल रहे जिला रेडक्रॉस संयोजक चंद्रशेखर पवार सहित समस्तजिला रेडक्रास इकाई को बधाइयां देते हुए अत्यंत प्रसन्नता जाहिर कर भविष्य में इस तरह के आयोजन को बढावा देने की दिशा में ध्यानाकर्षण कराया गया।


शहर की यातायात व्यवस्था में बाधक बने लोगो को सबक सिखाने पुलिस की नई नियमावली।

कौन मानेगा और कौन-कौन रसूख दिखायेगा?

पहले भी कई बार ऐसे कई बंदिशें लगाई जा चुकी है। लेकिन नतीजा सिफर ही रहा।

दल्ली राजहरा (फिरोज अहमद खान) : राजहरा थाने मे आज दिनांक 13 अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष शीबु नायर, एसडीएम ऋषिकेश तिवारी, नगर पुलिस अधीक्षक अब्दुल अलिम खान, थाना प्रभारी राजहरा प्रशिक्षु डीएसपी कमलजीत पाटले एवं व्यापारी संघ के सदस्यों की उपस्थिति मे शहर मे वाहनों के आवागमन एवं यातायात व्यवस्था को सुचारु रुप से चलाने एवं शहर मे शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिये राजहरा के व्यापारी संघ व शहर के गणमान्य लोगों के साथ बैठक ली गई। जिसमे निम्न निर्णय लिए गए। दुकानो के सामने चिन्हाँकन  किया जाकर बाहर लगने वाले अवैध शेड व विज्ञापन बोर्ड को हटाया जायेगा। मुख्य मार्ग,बस स्टैंड रोड, जैन भवन रोड क्लियर कराया जायेगा। नो एन्ट्री के समय पर व्यापारी माल खाली करेंगे। मुख्य मार्ग पर स्थित दुकानो के सामने वाहन पार्किंग हेतु मार्किंग की जायेगी। नियमो की अनदेखी और लापरवाही करने वालो पर प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका द्वारा संयुक्त रुप से कार्यवाही की जायेगी।


डौंडी ब्लाक में मिले नौ कोरोना पॉजिटिव।

डौंडी (दीपक राजाभोज) : लगातार कोरोना के मरीज बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। आज बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक में 9 कोरोना के मरीज मिलने से सनसनी फैल गई  जिसमें 2 चिखलाकसा, 4 भुलईपारा (कुर्रूटोला), 1 मर्रामखेड़ा, 1 पचेड़ा, 1 पेंड्री से कोविड19 के मरीज मिले है। जानकारी मिली है कि सभी संक्रमित मरीज प्रवासी है। प्रशासन सोशल डिस्टेंस, मास्क लगाना, सैनिटाइजर का उपयोग करना, बार-बार हाथ धोने के संदेश दे रही है। फिर भीग्राम स्तर में एक साथ इतने मरीज मिलने से लोगो की चिन्ता बड़ गई है।


जंगली भालुओं के हमले से ग्रामीण घायल।

डौंडी (फिरोज अहमद खान) : जंगल में लकड़ी काटने गए ग्रामीण युवक पर जंगली भालुओं ने हमला कर दिया।  घटना डौंडी ब्लाक के ग्राम आमडुला के जंगल की है। घायल युवक को बालोद जिला अस्पताल भर्ती किया गया है जहाँ उसका इलाज चल रहा है। भालू के हमले से घायल युवक का नाम कुलेश्वर यादव है। ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार कुलेश्वर यादव पिता विनोद यादव उम्र 25 साल अपने ससुराल आमडुला आया था। आज सुबह जंगल लकड़ी काटने गया हुआ था जहाँ जंगली भालुओं ने उसके पैर को चोट पहुंचाई है। जानकारी मिलते ही घायल को इलाज के लिए तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जहां से युवक को जिला अस्पताल रेफर किया गया।

स्कूली बच्चों के लिए सूखा राशन वितरित किया गया।

डौंडी (गोरेलाल सोनी) : आदिवासी बाहुल्य डौंडी विकासखण्ड ग्राम पटेली के शैक्षिक संस्था प्राइमरी व मिडिल स्कूल के बच्चों को शासन के निर्देशानुसार कोविड 19 संक्रमण स्कूल बंद की स्थिति में 45 दिनों का सूखा राशन पालको के घर घर व मुहल्लों में जाकर पूर्ण सुरक्षा व समस्त नियमो का पालन करते हुए वितरण किया गया। इस कार्य मे संचालन समिति व संस्था के शिक्षक सम्मिलित हुए।

मिडिल स्कूल पटेली के शिक्षक बी एम साहू ने बताया की कोविड 19 संक्रमण के दौरान शासन के आदेशानुसार स्कूल बन्द रहा है मगर मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत बच्चो को सुखा राशन उनके घर तक पहुंचाने में संचालन समिति व शिक्षक लगातार जुटी हुई है और कोरोना काल मे तीसरे चरण 10 अगस्त की स्तिथि अनुसार कुल 45 दिन का सूखा राशन निर्धारित मात्रा में तौलकर वितरण किया गया। मिडिल स्तर पर चावल ,दाल, तेल,सोयाबड़ी, नमक, आचार- कुल 9.950 किग्रा। इसी तरह प्रायमरी स्तर में भी चावल, दाल, तेल, सोयाबड़ी, नमक आचार -कुल 6.625 किग्रा वितरण किया गया।

अब बच्चो को राशन के साथ साथ इस सत्र की नई पाठ्यपुस्तक भी मिल चुका है, पर्याप्त मोबाइल नेटवर्क के अभाव में अब शासन के नियमानुसार जनसहयोग से ऑफलाइन पढ़ाने की कवायद जारी है। ताकि बच्चे शिक्षा से जुड़े रहे। इस तरह आज के कार्य मे शिक्षक बी एम साहू ,सन्ध्या कुलदीप, मंजू धुर्वे, देवानन्द टण्डन, दोमन लाल यादव, सुखराम ठाकुर, संचालन समिति से कुमारी साहू, परमेश्वर रावटे व सरपँच राधा रावटे उपस्थित थे।

गौठान में आया बारहसिंगा।

दल्ली राजहरा : आज सुबह डौंडी ब्लाक के ग्राम घोटिया के गौठान में बारहसिंगा के आने से कौतूहल मच गया। जंगल से भटककर आये इस बारहसिंगा को देखने ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। वही बारहसिंगा गौठान में गाय, बैल और बछड़े के साथ इधर से उधर खेलता दिखा। कुछ ग्रामीण इसे बारहसिंगा कह रहे है लेकिन वन्य जीवों के जानकार इसे चीतल बता रहे है।


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परेशान किसानों ने घेरा तहसील कार्यालय।

डौंडी (गोरेलाल सोनी) : बालोद जिला के एकमात्र आदिवासी विकासखंड क्षेत्र डौंडी में पिछले दो महीने से पर्याप्त बारिश नही होने के चलते 75% धान खराब हो गया है। जिसके चलते क्षेत्र में अकाल की स्तिथि निर्मित हो रही है। जिसे लेकर किसान संगठन संघ के सैकड़ो किसान डौंडी तहसील कार्यालय पहुँचे इस दौरान कार्यालय में अधिकारी उपस्थित नही थे तब किसान कार्यालय के बाहर ही बैठ गए। जब खबर सुनकर नायाब तहसीलदार नितिन ठाकुर कार्यालय आये तब किसानों ने अपनी समस्याओं और मांगों का ज्ञापन शासन प्रशासन के नाम अधिकारी को सौपा गया। किसान संगठन संघ अध्यक्ष बड़कू लाल ने दिए गए ज्ञापन में मांग किया है कि डौंडी ब्लाक को सूखाग्रस्त घोषित किया जावे चूँकि क्षेत्र में दो महीने से वर्षा नही हुई इसी के चलते धान की रोपाई और बियासी अब तक नही हो पाई है। जिससे किसानों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जिसे ध्यान में रखते हुए डौंडी तहसील को अकाल घोषित कर नियमानुसार फसल बीमा भुगतान, कर्जा माफ, सूखा राहत राशि दिए जाने की मांग की गई है। ज्ञापन देते वक्त किसान बड़कू लाल, रोहित माहला, खिलेंद्र भुआर्य, रामनारायण धनकर, संजीव मानकर ,फागू राम आल्हा, झुमुक भंडारी, हिरामन मेडिया, कुंजन भुआर्य, लिखन देहारी, सुरेश नरेटी, खिलावन उइके, सुनहेर कोसमा, शिवगिरि चुरेन्द्र, सुनील राठौर, बिंदा बाई, शांति मानकर, सावली बाई देवहारी, नोहरी भेड़िया, नौसिर भंडारी , बिमला बाई ,पेश वरी मानकर सहित सैकड़ों किसान साथ थे।

क्षेत्र के किसानों ने कृषि संबंधित समस्याओं का ज्ञापन सौंपा है। शासन की गोदावरी योजना के तहत एवं अंतिम बारिश बाद सर्वे कराकर आकलन की जावेगी, रिपोर्ट पश्चात किसानों को उचित मुआवजा का लाभ दिलाया जाएगा।

नितिन ठाकुर
नायब तहसीलदार, डौंडी

भारतीय मजदूर संघ ने राय साहब के निधन पर शोक व्यक्त किया।

राजहरा (फिरोज अहमद खान) : मजदूर अंदोलन के पुरोधा, संघर्षशील, विचारक, विशाल व्यक्तित्व के धनी, ओजस्वी वक्ता एवं भारतीय मजदुर संघ के पूर्व में  अध्यक्ष एवं महामंत्री का दायित्व कुशलता पूर्वक निर्वहन करने वाले बैज नाथ राय का आज प्रातः 8.40 बजे कोलकाता के अपोलो अस्पताल में  दुखद निधन के समाचार प्राप्त हुआ। अपने मार्गदर्शक के दुखद निधन से भारतीय मजदूर संघ परिवार स्तब्ध एवं शोकाकुल है। राय साहब ने जीवन पर्यन्त गरीब मजदूरों की समस्याओं को दूर करने के लिए सतत् कार्य किया। संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।


भारतीय मजदूर संघ के बालोद जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि ऐसे प्रखर व्यक्तित्व के धनी राय साहब के दुखद निधन पर हम सब अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं । श्रद्धेय राय साहब के निधन से रिक्त स्थान की पूर्ति कठिन प्रतीत होती है। ईश्वर मृतात्मा को शांति प्रदान करे।


भारतीय मजदूर संघ जिला बालोद अपने सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, जिला इकाइयों से विनम्र निवेदन करता है कि अपने अपने स्थानों पर सोशल  डिस्टेंस का पालन करते हुए श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर श्रद्धेय राय साहब के द्वारा मजदूर क्षेत्र में दिए गए योगदान के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए शोक व्यक्त किया।

मेधावी छात्रा को किया सम्मानित।

डौंडी (दीपक राजाभोज) : केबिनेट मंत्री अनिला भेंडिया ने डौण्डी ब्लाक के ग्राम बिटाल की लीना धरमगुड़ी के कक्षा बारहवीं में 91.6 प्रतिशत अंको से उत्तीर्ण होकर बालोद जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर हार्दिक बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ 11 हजार रुपये नगद राशि से सम्मानित किया। मंत्रीप्रतिनिधि पीयूष सोनी, गंगा बाई आर्य सरपंच ग्राम पंचायत बिटाल, अनिल सुथार पूर्व जनपद सदस्य, कोमेश कोर्राम अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, नितिन जैन, कैलाश राजपूत, अश्वन कुमार बोरकर मेघावी छात्रा लीना के घर जाकर मंत्री के बधाईसंदेश व सम्मान राशि छात्रा को उसके परिजनों के सामने सौपते हुए बधाई दिए, मंत्री प्रतिनिधि ने छात्रा व उसके परिजनों को मंत्री के द्वारा मेघावी छात्रा के उच्च शिक्षा के लिए हर सम्भव सहयोग करने के संदेश को बताया साथ ही मंत्री महोदया ने डोंडी लोहारा विधानसभा के मेघावी छात्र छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए सहयोग करने की बात कही। ग्राम पंचायत बिटाल की सरपंच, लीना के परिजन व ग्रामीणों ने मेघावी छात्रा के सहयोग के लिए मंत्री अनिला भेड़िया का आभार व्यक्त किये।

आप ने विभिन्न मांगों को लेकर बालोद कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

बालोद (फिरोज अहमद खान) : आप नेता दीपक आरदे ने बताया कि डौण्डी विकासखंड के ग्राम खलारी में विकास कार्य मांग को लेकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमे पथरी तलाब से सल्हाई टोला तक गौरवपथ योजना के अंतर्गत सीसी रोड, कुम्हारपारा में सार्वजनिक शौचालय, उप स्वास्थ्य केंद्र में स्थाई रूप से चिकित्सक की व्यवस्था, रोहिदास निर्मलकर घर से शीतला मंदिर तक सीसी रोड एवं अन्य मांगो को लेकर ज्ञापन दिया गया।

बालोद ब्लाक ग्राम पोंडी में स्वच्छ भारत के अंतर्गत शौचालय निर्माण कराया गया हैं जिसका राशि का भुगतान अभी तक नही हुआ है जिसकी मांग गिरीश बघेल के द्वारा पहले भी कलेक्टर को की गयी है, लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नही दिया।

गिरीश बघेल, आप नेता, बालोद

छत्तीसगढ़ 2018 विधानसभा के चुनाव में छत्तीसगढ़ का बड़ा मुद्दा था छत्तीसगढ़ की जनता ने भाजपा रमन की सरकार से तंग आ कर कांग्रस के ऊपर भरोसा जताया और कांग्रस ने अपने घोषणा पत्र में भी शामिल किया जिसके फलस्वरूप छत्तीसगढ़ की जनता ने कांग्रेस के ऊपर भरोसा जताया और कांग्रेस भूपेश बघेल की सरकार बनाई गई लेकिन आज 19 माह बीत जाने के बाद भी भूपेश के सरकार अपनी वादों को भूल गई है जिसको याद दिलाने के लिये 13 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा जिसके लिये 7 अक्टूबर को पूरे प्रदेश से पद यात्रा कर रायपुर मुख्यमंत्री निवास पहुचेगे। जिसमे पूरे छत्तीसगढ़ के आप कार्यकर्ता एवं चिटफंड के सभी पीड़ित जनता शामिल होंगे।


पढ़ई तुंहर दुआर: ऑनलाइन शिक्षण अनुभव एवं समस्या समाधान हेतु वेबिनार का आयोजन

मोहला (फिरोज अहमद खान) : पढ़ई तुंहर दुआर योजना के अंतर्गत राजनांदगांव जिले में जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम, जिला मिशन समन्वयक और जिला नोडल अधिकारी भूपेश साहू,
एपीसी और जिला मीडिया प्रभारी सतीश ब्यौहरे के मार्गदर्शन में अलग अलग ब्लॉक में वेबिनार के माध्यम से टीचर्स को जोड़ कर उन्हें ऑनलाइन क्लास के अनुभव और समस्या समाधान का आयोजन किया जा रहा है।

गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफ़ज़ल ने बताया कि इसी कड़ी में मोहला विकासखंड के अधिकारियों और टीचर्स के वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार में मोहला विकासखंड शिक्षा अधिकारी रोहित कुमार अम्बादे, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेन्द्र कुमार देवांगन, बीआरसीसी खोमलाल वर्मा, ब्लॉक नोडल अधिकारी केवल साहू, सभी सोलह संकुलों के समन्वयको के अलावा सैकड़ो की संख्या में मोहला ब्लॉक के टीचर्स ने भाग लिया। इस वेबिनार में
एबीइओ राजेंद्र कुमार देवांगन, ब्लॉक नोडल केवल साहू, सोमाटोला से राजकुमार यादव , शेरपार हायर सेकेंडरी स्कूल से संजय देवांगन, प्राथमिक शाला मुचर से शेख अफ़ज़ल, मिडिल स्कूल माटकसा से ज्योति उके को ऑनलाइन क्लास से जुड़े अपने अनुभव शेयर करने का मौका मिला। इस दौरान जिला नोडल अधिकारी भूपेश साहू ने बताया कि मोहला वनांचल होने के बावजूद भी ऑनलाइन क्लास के मामले में सबसे आगे है। नेटवर्क की समस्या होने के बाद भी मोहला विकासखंड में पढ़ई तुंहर दुआर योजना का संचालन बेहतरीन तरीके से हो रहा है।उन्होंने सभी टीचर्स से और अच्छे से मेहनत करने और मोहल्ला क्लास, लाउड स्पीकर क्लास में 100 % उप्लब्धि प्राप्त करने हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिया।समस्या समाधान के अंतर्गत गोटाटोला जोन के मीडिया प्रभारी शेख अफ़ज़ल द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब भूपेश साहू द्वारा दिया गया। इस वेबिनार का संचालन ओगेश्वर प्रसाद साहू द्वारा किया गया। इस तरह के वेबिनार के आयोजन से मोहला ब्लॉक के टीचर्स में ऊर्जा का संचार हुआ है उन्हें एक दूसरे के अनुभव जानने का मौका मिला। टीचर्स की मांग है कि इस तरह के वेबिनार का आयोजन नियमित अंतराल में किया जाए ताकि सभी एक दूसरे के अनुभव से कुछ नया सिख सके।

द्वीप जलाकर शिवसेना ने मनाया मंदिर भूमिपूजन का जश्न।

दल्ली राजहरा (गौरीशंकर सिंह) : पाँच अगस्त को भगवान श्रीराम चंद्र के जन्म स्थल अयोध्या में राममंदिर निर्माण भूमिपूजन का आधारशिला रखी , इस ऐतिहासिक पल के दिन पूरे भारतवर्ष में दिवाली की तरह द्वीप प्रज्जलवित व आतिशबाजी कर खुशियां मनाई गई। इसी कड़ी में दल्लीराजहरा व चिखलाकसा के संगठन विस्तारक शिवसैनिक राहुलराज और छत्रपाल ठाकुर के नेतृत्व में नगरपंचायत चिखलाकसा पर विशाल रैली निकाल आतिशबाजी की गई एवं नगर के अटल चौक को भव्य सजावट कर द्वीप जलाकर देश की जनता को राममंदिर निर्माण की बधाई दी।

इस अवसर पर सतीष यादव, ऋतिक शर्मा, हार्दिक पटेल, अंकित टाटिया, अमन धुरिया, दुर्गेश साहू,आशीष धुरिया, सुमित, जतिन, तुसार, पवन, ऋषभ सहित समस्त शिवसैनिक उपस्थित रहे।

लगातार जुआंरियों के हौसले पस्त कर रही गुण्डरदेही पुलिस।

गुण्डरदेही/बालोद (फिरोज अहमद खान) : आज वार्ड नं 10 एवं बघमरा मंदिर के पीछे जुआ खेलने की सूचना थाना गुण्डरदेही में मिलते ही सहायक उप निरीक्षक पीआर साहू , प्रधान आरक्षक वीरेंद्र साहू के हमराह टीम बनाकर योजनाबद्ध तरीके से जुए के फड़ पर अलग अलग टीम द्वारा रेड की कार्यवाही की गई।कुल 16 अरोपियों से 4480 रुपये, 52 पत्ती ताश जप्त की गई। आरोपियों को 13 जुआ एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया ।

  • गुण्डरदेही जुए के अलग अलग ठिकानों पर  पुलिस की रेड।
  • तांदुला नदी, बघमरा मंदिर के पीछे व वार्ड नं 10 बरगद पेड़ के नीचे जुआंरी खेल रहे थे जुआ।
  • कुल 16 आरोपियों से 52 पत्ती ताश सहित 4442 रुपये जप्त।

गुण्डरदेही पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार आरोपीगण देवसिंह निषाद पिता सुरित निषाद उम्र 34 साल निवासी वार्ड क्र 1 बघमरा, धनेंद्र यादव पिता केशवराम यादव उम्र 23 साल निवासी वार्ड क्र 1 बघमरा, प्रभुराम निषाद पिता बबलूराम निषाद 26 साल निवासी बघमरा, तारकेश्वर यादव पिता केशवराम यादव उम्र 22 साल निवासी वार्ड क्र 1 बघमरा, तामेश्वर निषाद पिता पवन निषाद उम्र 20 साल निवासी बघमरा, सागर निषाद पिता जालु राम निषाद 19 साल वार्ड क्र 1 बघमरा, महेश निषाद पिता बलवंत निषाद 20 साल वार्ड क्र 1 बघमरा, आनंद निषाद पिता बृजलाल निषाद उम्र 18 साल वार्ड क्र 1 बघमरा, हेमलाल पिता नारायण निषाद उम्र 35 साल वार्ड क्र 11 गुण्डरदेही, मनोज पिता मनराखन उम्र 40 साल निवासी वार्ड क्र 10 गुण्डरदेही, शेख सैनुद्दीन पिता शेख अजीबुद्दीन उम्र 38 साल वार्ड क्र 10 गुण्डरदेही, देवराज देवांगन पिता डालूराम देवांगन 21 साल वार्ड क्र 10 गुण्डरदेही, समारू निषाद पिता घनश्याम निषाद 19 साल19 साल निवासी बघमरा, याद राम निषाद पिता शत्रुघन निषाद 20 साल निवासी बघमरा, करण निषाद पिता आदोराम निषाद 24 साल बघमरा, दिलीप निषाद पिता पीताम्बर निषाद 26 साल निवासी बघमरा से 52 पत्ती ताश ,4480 रुपए जब्त किए गए।
कार्यवाही में पीआर साहू सहायक उप निरीक्षक, वीरेन्द्र साहू प्रधान आरक्षक ,आरक्षण के योगेश सिन्हा, सुमित पटेल, सागर कुमार, वरुण कुर्रे ,हरीश साहू, आदि शामिल थे।


मिसाल : पुलिस की नसीहत ने मियां-बीवी को अलग होने से बचा लिया।

गुंडरदेही (लक्ष्मीकांत बंसोड़) : जिले के गुंडरदेही थाने में पति पत्नी के बीच विवाद का एक मामला पहुंचा था। दोनों एक दूसरे से अलग रहने का मन बना लिए थे। पत्नी के परिजन भी थाने आ धमके थे और पति के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा कर उससे छुटकारा पाना चाह रहे थे। थाने में शिकायत दर्ज होने वाली थी कि वहां के गुण्डरदेही पुलिस ने दोनों के बीच दूरियां खत्म करने की कोशिश की। लगभग आधे घंटे तक दोनों को बैठाकर पुलिस ने समझाया कि आखिर दोनों के बीच विवाद की वजह क्या है। कुछ बातें निकल कर सामने आई। जिसके बाद पुलिस ने दोनों पति-पत्नी को समझाया कि शक पति पत्नी दोनों की जिंदगी बर्बाद कर देती है। कभी एक दूसरे पर शक ना करें। छोटी छोटी बातें हर घर में होती है। उन्हें इग्नोर करके चले तभी हम गृहस्थ जीवन को अच्छे से चला सकते हैं। उन्होंने समझाया कि पति-पत्नी पूरी तरह एक दूसरे के लिए काबिल हो, ऐसा बहुत कम होता है। एक दूसरे में कुछ ना कुछ कमियां होती है। जिन्हें हमें स्वीकार करके चलना होता है। हम चाहेंगे कि सामने वाला हम जैसा हो वैसे ही मिले तो यह मुश्किल होता है, इसलिए एक दूसरे को जिंदगी में समझौता करना ही पड़ता है। पति-पत्नी इस बात को समझें और दोनों फिर साथ रहने के लिए राजी हुए और फिर कभी झगड़ा ना करने की बात कहने लगे।

पत्नी ने पुलिस को बताया कि पति देर रात तक घर आता था। इससे उन्हें शक होता था, तो वहीं पति से सवाल पूछे जाने पर वह झगड़ा करने लगता था। छोटी-छोटी बातों पर दोनों के बीच विवाद बढ़ जाता था और शादी के कुछ साल बाद ही रिश्ते में दरार पड़ गई थी और दोनों अलग अलग रहने की बात करते हुए थाने तक आ पहुंचे थे। लेकिन यहां पुलिस की समझाइश ने दोनों के रिश्ते की दरार को भर दिया और फिर साथ रहने को राजी हो गए और खुशी-खुशी अपने घर लौट गये। दंपती ने गुण्डरदेही पुलिस को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने उनकी जिंदगी को बिखरने से बचा लिया। गुंडरदेही थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने उन्हें नई शुरुआत करने को कहा कि जिंदगी की गाड़ी पति-पत्नी रूपी दो पहियो से ही चलती है। जिंदगी में उतार चढ़ाव लगा रहता है। एक दूसरे का साथ निभाते हुए चलिए। एक दूसरे के काम आए कोई तीसरा काम नहीं आएगा।

पुलिस के द्वारा जिंदगी की नसीहत के पाठ के साथ दोनों को अलग होने से बचा लिया और जो अलग होने के लिए थाने आए थे वह फिर साथ होकर अपने घर लौटे।

जय श्रीराम के नारों से गूंजा नगर, शिवसैनिकों ने आराध्य की पूजा अर्चना द्वीप प्रज्जलवित कर खुशियां बाटी।

डौंडी : वर्षो इंतजार बाद श्रीराम चंद्र के जन्म स्थली नगरी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु भूमिपूजन हो गई। जिसका स्वागत करते हुए डौंडी नगर शिवसैनिकों ने स्थानीय राममंदिर में शीश नवाते हुए पूजा अर्चना और द्वीप जलाकर आतिशबाजी की गई। वही शिवसेना कार्यालय में एकत्र होकर श्रीराम के नाम द्वीप प्रज्जलवित कर हिन्दू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के योगदान एवं मंदिर निर्माण हेतु शहीद हुए कारसेवकों को याद किया, राहगीरों को प्रशाद वितरण कर भूमिपूजन की खुशियां मनाई गई। इस दौरान जय श्रीराम के नारों से नगर गूंज उठा। इस अवसर पर शिवसेना डौंडी ब्लाक प्रमुख बहादुर सोनी, जयचंद अग्रवाल, संतोष कौशिक, प्रवेश बाल्मीक, अंकालू , पवन, दीनू निषाद, परमेश्वर निषाद, माया निषाद, सल्हाइटोला बस्तरिया, परदेशी राम ,रामप्रशाद आदि उपस्थित थे।

बहन ने अपनी किडनी देकर बचाई थी भाई की जान।

मालीघोरी (बोधन भट्ट) : बालोद जिला के ग्राम मालीघोरि दूधली में एक  बहन ने एक मिसाल कायम की  भाई-बहन के प्यार का पर्व, रक्षाबंधन सोमवार को बड़े हर्षोउल्लास के साथ मनाया गया हैं। वैसे तो रिवाज के अनुसार भाई  इस दिन, अपनी बहनों को  उपहार वह उनकी रक्षा करने का वचन  देते हैं और मान्यता है कि भाई बहन से राखी बंधवाकर उसकी सुरक्षा का वचन देता है बालोद से 10 किलोमीटर दूर ग्राम मालीघोरी दूधली का नंदकुमार भारद्वाज जो कि पशु विभाग से सेवानिवृत्त रिटायरमेंट हो चुके हैं उनके बड़े पुत्र सूर्यकात भारद्वाज पढ़ाई जीवन में अपने लंबे कद काठी के चलते  शुरू से ही पढ़ाई में होशियार एवं देश सेवा के लिए समर्पित रहे और सन 2010 में कवर्धा में सब इंस्पेक्टर के पद पर ड्यूटी ज्वाइन करें जहां उन्होंने 2 साल तक ड्यूटी करते रहे उसके बाद बीजापुर ट्रांसफर हो गए वहां रहकर भी 2012 में धुर-नक्सली क्षेत्र में डीआरजी के पद पर 4 साल तक कमान संभालते रहे उसके बाद 2016-17 में रायपुर में कोतवाली थाना में रहकर ड्यूटी करते रहे सन 2019 में उनकी ब्लड प्रेशर बढ़ जाने के कारण डॉक्टर से चेकअप करने पर पता चल गई उनकी दोनों किडनी खराब हो चुकी है तब इलाज के लिए  इन्हें मूलजीभाई पटेल किडनी हॉस्पिटल नडियाद गुजरात ले गए  जहां इनका इलाज चल रहा था वहीं से इनकी बहन ने अपनी ससुराल व पति सलाह लेकर अपने भाई को 1 किडनी दान किया और बहन होने का फर्ज अदा किया।  

बहन झरना कौशिक

ससुराल वालों ने दिया साथ।

कांकेर जिले में ब्याही झरना कौशिक के ससुराल वालों ने उसके इस फैसले में पूरा सहयोग दिया। पति उमेश कौशिक ने शपथपत्र दिया कि उसे कोई आपत्ति नहीं है। उसने भाई बहन के रिश्ते की ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी जितनी तारीफ की जाए कम है।

एक बहन ने नवंबर 2019 में अपने भाई को उपहार दे दिया। उपहार भी कोई ऐसा वैसा नहीं बल्कि एक किडनी देकर जीवन दान किया और अपने भाई की रक्षा की। ब्लड प्रेशर बढ़ जाने के कारण सूर्यकांत भारद्वाज की दोनों किडनियां फेल हो गई थी, जिसे उसकी बड़ी बहन जो कांकेर जिला में ब्याही गई है वर्तमान में वह मगरलोड में पटवारी के पद पर पदस्थ उसकी बहन झरना कौशिक ने अपनी किडनी देकर बचाया है। बहन का कहना है कि, भाई की तबियत खराब हो गई थी,जिसके चलते उनका दोनों किडनी फेल हो गई थी, मेरे मायके के सभी लोगो का किडनी मेच नही कर रहा था। मैने अपने किडनी का चेकअप कराया जिसमे मेरे भाई के किडनी मेच किया। जिसके बाद मैंने तय कर लिया कि किडनी को ट्रांसफर किया जिससे भाई की जान बच गई और उसको जीवनदान मिल गया। मैं बहुत की किस्मत वाली हूं की कि मेरी किडनी मेरे भाई का काम आई। जो देश सेवा के लिए समर्पित है वह अपने ससुराल वालों का भी धन्यवाद करती है, जिन्होंने भाई-बहन के रिश्ते को समझा और उसका किडनी देने के फैसले मे साथ दिया। उसकी दोनों किडनीयां फेल हो गई। वह हफ्ते में दो बार डायलिसिस करवाने लगा। लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट की नौबत आ गई।

जानकारी के अनुसार सूर्यकांत भारद्वाज की तबियत खराब होने के बाद गुजरात के मूलजी भाई पटेल अस्पताल भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टर द्वारा चेकप करने पर दोनों किडनी फेल हो गया, जिसके बाद उसकी बहन ने अपने किडनी को भेंट देकर अपने भाई को जीवनदान दिया। इस समय सूर्यकांत भारद्वाज पूरी तरह से स्वस्थ होकर महासमुंद में टीआई के पद पर कार्यरत हैं और अपनी जान की परवाह न करते हुए देश सेवा में लगे हुए है।